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काशी में पावर कट पर हटाए गए डायरेक्टर पर गिरी गाज, डिमोट कर बनाये गए चीफ इंजीनियर

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 2, 2019, 12:03 PM IST
काशी में पावर कट पर हटाए गए डायरेक्टर पर गिरी गाज, डिमोट कर बनाये गए चीफ इंजीनियर
योगी सरकार ने बिजली कटौती के मामले में पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक को हटाकर उन्हें डिमोट कर दिया है.

यूपी पावर कार्पोरेशन ने अंशुल अग्रवाल को डिमोट भी कर दिया गया है. जिसके बाद अब वो निदेशक से मुख्य अभियंता हो गए हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर ऊर्जा विभाग में भ्रष्टाचार (Corruption) और लापरवाही के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के निदेशक (तकनीकी) अंशुल अग्रवाल को पद से हटा दिया गया है. यह ही नहीं मामले में यूपी पावर कार्पोरेशन ने अंशुल अग्रवाल को डिमोट भी कर दिया गया है. वो अब निदेशक से मुख्य अभियंता हो गए हैं. ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अंशुल अग्रवाल को 26 जून, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र से जुड़े पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी) पद पर तैनात किया गया था.

घंटों लंबे पावर कट से बेहाल हुए काशी वासी
दरअसल बीते सात जुलाई को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 33/11 केवी मछोदरी विद्युत उपकेंद्र में अंडर ग्राउंड केबल में हुई फाल्ट के चलते लगभग 18 घंटे तक बिजली गुल रही थी. इससे शहर के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, साथ ही प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में बिजली गुल होने से ऊर्जा विभाग की छवि भी धूमिल हुई. हद तो तब हो गई जब 21 जुलाई को एक बार फिर इस क्षेत्र में आई फाल्ट के चलते 36 घंटे तक बिजली गुल रही.

Varanasi PVVNL
यूपी पावर कार्पोरेशन ने अंशुल अग्रवाल को डिमोट भी कर दिया है. वो अब निदेशक से मुख्य अभियंता बना दिए गए हैं


जांच में सामने आई लापरवाही
इसके बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर इस मामले की उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के स्तर से जांच कराई गई. जिसमें खुलासा हुआ कि मछोदरी उपकेंद्र को एक अन्य उपकेंद्र से वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति के लिए न तो केबल को ठीक कराया गया और न ही सात जुलाई को 18 घंटे बिजली गुल रहने के बावजूद अंडर ग्राउंड केबल के स्टैंड बाई सर्किट्स में मौजूद दूर कराकर चालू हालत में रखा गया. जिसके चलते वाराणसी के लोगों को दोबारा 36 घंटे की बिजली कटौती झेलनी पड़ी.

उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन स्तर की समीक्षा में ये बात भी सामने आई है कि पूर्वांचल विधुत वितरण निगम के वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण जनपदों के 2500 परिवर्तक लंबे समय से खराब पड़े हैं. विद्युत वितरण निगम की कार्यशालाओं में खराब परिवर्तकों को समय से रिपेयर करने की कार्रवाई का अनुश्रवण भी नहीं किया गया.
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पहले स्पष्टीकरण फिर कार्रवाई
इसके बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) अंशुल अग्रवाल से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया. फिर अंशुल अग्रवाल को अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने और उनकी लापरवाही के चलते विभाग की छवि धूमिल करने के कारण तत्काल प्रभाव से निदेशक पद से हटा दिया गया.

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First published: November 2, 2019, 11:42 AM IST
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