Home /News /uttar-pradesh /

UP सरकार ने अंतर्राज्यीय बसों की आवाजाही पर 15 जून तक बढ़ाई गई रोक

UP सरकार ने अंतर्राज्यीय बसों की आवाजाही पर 15 जून तक बढ़ाई गई रोक

योगी सरकार ने कोरोना को लेकर अंतर्राज्यीय बस संचालन पर 15 जून तक रोक बढ़ा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

योगी सरकार ने कोरोना को लेकर अंतर्राज्यीय बस संचालन पर 15 जून तक रोक बढ़ा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों से दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ के मध्य 700 बसों का संचालन होता है. इन पर 15 जून तक रोक बढ़ा दी गई है.

लखनऊ. कोरोना संक्रमण (COVID-19 Infection) के चलते उत्तर प्रदेश में 15 जून तक अंतर्राज्यीय बसों (Interstate Bus Transport) की आवाजाही पर रोक बढ़ा दी गई है. बता दें लखनऊ (Lucknow) सहित प्रदेश के कई जिलों से दिल्ली (Delhi), उत्तराखंड (Uttarakhand), राजस्थान (Rajasthan), बिहार (Bihar), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ के मध्य 700 बसों का संचालन होता है. इन बसों से रोज करीब 15 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं.

बता दें इससे पहले इंटर स्टेट बस सेवाओं पर रोक 5 जून तक थी, जिसे अब 10 दिन और बढ़ा दिया गया है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश रोडवेज प्रशासन की तरफ से निर्देश अधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं

आवागम ठप होने से परिवहन निगम को भारी नुकसान

परिवहन निगम के एमडी डीबी सिंह ने बताया कि यूपी से दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ के बीच एसी जनरथ, एसी स्लीपर, एसी शताब्दी व वाल्वो की करीब 700 बसों का संचालन होता था. इनसे रोजाना 15000 से ज्यादा यात्री सफर करते थे. लेकिन कोरोना के चलते रोक लगाई गई, जिसके कारण परिवहन निगम की आय को खासा नुकसान हो रहा है.

केवल राज्य के अंदर ही बसों का हो रहा संचालन

बता दें कि यूपी में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों को जाने वाली बस सेवा पर रोक लगा दी थी. सीएम ने कहा था कि आवागमन कम से कम हो, इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित किया जाए. फिलहाल उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का संचालन केवल प्रदेश के अंदर ही हो रहा है.

आपके शहर से (लखनऊ)

Tags: Lucknow News Update, UP news updates, UPSRTC, Uttarpradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर