योगी सरकार का फिजूलखर्च और प्रदूषण के खिलाफ ‘फूल, गिलास और चम्मच’ फॉर्मूला

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पहले सरकारी कार्यक्रमों में बुके की बजाए फूल और किताब गिफ्ट करने का फरमान सुनाया. वहीं अब प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी मीटिंगों से प्लाटिक की बोतल और गिलास, प्लेट और चम्मच पर रोक लगा दी है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 5, 2019, 5:06 PM IST
योगी सरकार का फिजूलखर्च और प्रदूषण के खिलाफ ‘फूल, गिलास और चम्मच’ फॉर्मूला
योगी सरकार प्रदेश में सरकारी खर्च कम करने और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तरह-तरह के उपाय कर रही है.
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Updated: September 5, 2019, 5:06 PM IST
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) प्रदेश में सरकारी खर्च कम करने और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तरह-तरह के उपाय कर रही है. पहले सरकार ने बुके की बजाए फूल और अन्य उपहार की बजाए किताब गिफ्ट करने का फरमान सुनाया. अब प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी मीटिंगों से प्लाटिक की बोतल और गिलास, प्लेट और चम्मच पर रोक लगा दी है.

इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने फरमान जारी किया है. मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दिए हैं. इसमें उन्होंने कहा कि शासन, मण्डल या जनपद स्तर पर होने वाली किसी भी बैठक में प्लास्टिक/थर्मोकोल या इनसे सम्बन्धित सामग्री से बने किसी प्रकार के प्लेट, गिलास, चम्मच आदि का प्रयोग न किया जाए. उन्होंने कहा कि अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर पानी की प्लास्टिक बोतल/गिलास का प्रयोग नहीं किया जायेगा. इसकी जगह स्टील या कांच के गिलास में पानी उपलब्ध कराया जाए.

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट से जहां एक ओर पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, वहीं जन स्वास्थ्य एवं पशुओं के लिये भी यह अत्यंत घातक है. शासन द्वारा प्लास्टिक/थर्मोकोल के उत्पादन/प्रयोग आदि पर रोक लगाये जाने हेतु विभिन्न शासनादेश निर्गत किये जा चुके हैं.

2017 में सरकारी खर्च में कटौती को बुके पर लगाई रोक

बता दें इससे पहले 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी फिजूलखर्ची और सरकार के ही खर्चे पर स्वागत कार्यक्रम में हो रहे खर्चे को कम करने के लिए यह फैसला किया कि उन्हें बुके की बजाय एक फूल भेंट किया जाए और संभव हो सके तो किताब. इसके फौरन बाद यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी कुछ ऐसा ही किया. सरकार की तरफ से कहा गया कि शासकीय कार्यक्रमों व समारोहों में सम्मानित अतिथियों को बड़े पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट किए जाते हैं, जिसमें अधिक संख्या में फूलों का उपयोग किया जाता है. शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि अब किसी भी प्रकार के शासकीय कार्यक्रमों व समारोहों में बड़े पुष्पगुच्छ (बुके) के स्थान पर प्रेरणादायी पुस्तकें या एक फूल भेंट किए जाएंगे. इससे फिजूलखर्ची रोकी जा सकेगी.

लखनऊ में पॉलिथीन बैन पर सख्ती से अमल शुरू

इधर सरकारी प्रतिष्ठानों के अलावा सरकार ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सितंबर से प्रतिबंधित पॉलिथीन पर प्रतिबंध काे सख्ती से अमल में लाना शुरू कर दिया है. इसके तहत भारी जुर्माने और सजा का भी प्रावधान किया गया है. प्रतिबंधित पॉलीथिन को लेकर लखनऊ जिला प्रशासन और नगर निगम ने व्यापक अभियान भी चलाना शुरू कर दिया है.
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First published: September 5, 2019, 5:06 PM IST
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