योगी सरकार अब 'पर्यटकों' को कराएगी चीनी मिलों की सैर, ये रहा प्लान
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योगी सरकार अब 'पर्यटकों' को कराएगी चीनी मिलों की सैर, ये रहा प्लान
योगी सरकार अब 'पर्यटकों' को कराएगी चीनी मिलों की सैर (फाइल फोटो)

न्यूज18 से बात करते हुए प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी बताते है कि प्रदेश में स्थित कई चीनी मिलें अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित एवं हाईवेज से जुड़ी हुई है. साज-सज्जा से युक्त उनके मिल कैंपस भी एक बड़े आकर्षण का केन्द्र है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये योगी सरकार अपने स्तर से हर संभव प्रयास करती नजर आ रही है. जिसके क्रम में यूपी में धार्मिक और ईको टूरिज्म के साथ ही साथ शुगर टूरिज्म को भी बढावा देने जा रही है. जिसके जरिये देश में सर्वाधिक चीनी उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश में चीनी और ऐथनाल उत्पादन प्रक्रिया को देखने के इच्छुक लोगो को चीनी मिलों की सैर कराई जायेगी.

सात सदस्यीय समिति का गठन

दरअसल योगी सरकार ने शुगर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह कमेटी यूपी में चीनी मिलों के चयन, टूरिज्म की प्रक्रिया, आवागमन की व्यवस्था एवं विभागीय स्तर पर संबंधित चीनी मिलो एवं पर्यटन विभाग के साथ समन्वय आदि के संबंध में अपनी संस्तुतियों एक माह के अंदर प्रस्तुत करेंगी. शुगर टूरिज्म को बढावा देने के लिये गठित कमेटी में उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक विमल कुमार दुबे को अध्यक्ष बनाया गया है.



चीनी मिल (फाइल फोटो)
चीनी मिल (फाइल फोटो)

इसके अतिरिक्त निदेशक उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान द्वारा नामित प्रचार वैज्ञानिको को इस कमेंटी में शामिल किया गया है. इस कमेटी में महानिदेशक पर्यटन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नामित संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियो के साथ ही, महासचिव उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन और अपर गन्ना आयुक्त भी इस कमेटी में शामिल हैं.

चीनी मिलों का भ्रमण

न्यूज18 से बात करते हुए प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी बताते है कि प्रदेश में स्थित कई चीनी मिलें अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित एवं हाईवेज से जुड़ी हुई है. साज-सज्जा से युक्त उनके मिल कैंपस भी एक बड़े आकर्षण का केन्द्र है. जिन्हें शुगर टूरिज्म हेतु पर्यटन स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है. यदि कोई ऐसी व्यवस्था एवं माध्यम तैयार कर दिया जाए, जिसके जरिये इच्छुक व्यक्तियों को चीनी मिलों का भ्रमण कर, चीनी उत्पादन आदि की प्रक्रिया जानना सुगम हो जाए, तो ना सिर्फ इससे देश-विदेश से आने वाले लोगो को यूपी के चीनी उधोग से जुड़ी हर एक जानकारी मिल सकेगी. बल्कि इससे चीनी उद्योग क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

 शुगर टूरिज्म को भी बढ़ावा

प्रमुख सचिव कहते हैं कि यूपी देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य होने के चलते के देश के विभिन्न प्रांतो से आने वाले आगंतुको और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े लोग यूपी की चीनी मिलों का भ्रमण करना चाहते है. यूपी में चीनी और एथेनॉल आदि के उत्पादन एवं गन्ना पेराई की प्रक्रिया को देखने-समझने की जिज्ञासा रखते है. लेकिन अब तक इसके लिये कोई प्रयुक्त माध्यम एवं स्थल का ज्ञान ना होने के चलते ये आगंतुक चीनी मिलों का भ्रमण नहीं कर पाते है. लेकिन अब यूपी में पर्यटन को बढावा देने के लिये शुगर टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. जिसके क्रम में जल्द ही पिपराईच, मुंडेरवा और हैदरगढ जैसी तमाम उन्नत तकनीकों से लैस आकर्षण का केन्द्र बनी चीनी मिलों को पर्यटन का भी केन्द्र बनाया जायेगा.
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