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यूपी में डेंगू ने पसारे पैर, योगी सरकार करेगी ‘हर रविवार-मच्छर पर वार’

यूपी में डेंगू ने पसारे पैर, योगी सरकार करेगी ‘हर रविवार-मच्छर पर वार’

सीएम योगी की फाइल फोटो

सीएम योगी की फाइल फोटो

बारिश आते ही यूपी के कई जिलों में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं

    बारिश आते ही यूपी के कई जिलों में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. ताजा मामले में कानपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की डेंगू से मौत से हड़कंप मच गया है. मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है. इसके तहत जनजागरण कार्यक्रम ‘हर रविवार-मच्छर पर वार’ सहित फीवर हेल्प डेस्क की स्थापना कर दी है.

    जिला टास्क फोर्स समिति का गठन

    बता दें, योगी सरकार डेंगू तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं बचाव के लिए सभी प्रकार की ठोस एवं कारगर कार्यवाही कर रही है. यूपी की चिकित्सा सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने बताया कि जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है, जो जिला स्तर पर विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर डेंगू तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु कार्यवाही करेगी.

    रोकथाम एवं बचाव

    वहीं प्रदेश में 9 नवम्बर, 2016 को नोटिफिकेशन जारी कर इसे ‘नोटिफियेबल डिजीज’ घोषित कर दिया गया है, जिसके तहत अब निजी चिकित्सालयों, निजी नर्सिंग होम्स एवं निजी पैथालाॅजी को डेंगू व अन्य वेक्टर जनित रोगों से ग्रस्त मरीजों की सूचना जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी को देनी अनिवार्य होगी, सूचना न देने पर सम्बन्धित के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी.

    प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 10 बेड व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 बेड मच्छरदानी युक्त आरक्षित किए गए हैं. इसके अलावा, लखनऊ में भी 300 बेड आरक्षित किए गए हैं. प्रदेश के सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों के साथ बैठक कर भारत सरकार की गाइड लाइन्स के अनुसार डेंगू व अन्य वेक्टर जनित रोगों का इलाज करने की व्यवस्था की गई है.

    फीवर हेल्प डेस्क स्थापित

    योगी सरकार ने डेंगू के मरीजों को सुविधा एवं सहायता हेतु सभी अस्पतालों में ‘फीवर हेल्प डेस्क’ स्थापित की गई हैं. गम्भीर मरीजों को उच्चीकृत केन्द्रों तक ले जाने हेतु निःशुल्क ‘108’ एम्बुलेन्स सेवा उपलब्ध करायी गई है. हर संवेदनशील शहर एवं गांव में रोस्टर बनाकर मच्छरों को मारने हेतु लार्वीसाइडल का छिड़काव व फाॅगिंग करायी जा रही है.

    रैपिड रिस्पाॅन्स टीम

    इसके अलावा, सभी जनपदों में रैपिड रिस्पाॅन्स टीमों का भी गठन किया जा चुका है. इन टीमों का मुख्य कार्य डेंगू तथा अन्य वेक्टर जनित रोग के मरीजों के घर जाकर मच्छरों के लार्वा का पता लगाना और उनको नष्ट करते हुए परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाव की जानकारी देना है.

    जनजागरण कार्यक्रम

    प्रदेश की जनता को डेंगू से रोकथाम एवं बचाव के लिए दैनिक समाचार पत्रों, रेडियो, हैण्डबिल, होर्डिंग, गोष्ठी एवं जनसम्पर्क जैसे संचार माध्यमों की मदद ली जा रही है. सरकार का मकसद साफ है डेंगू से होने वाली मौतों के अंकड़ों को रोकना.

    बरसात के मौसम में फैलती है महामारी

    डेंगु एक विषाणु जनित रोग है. इस रोग में तेज बुखार जड़ों में दर्द तथा माथा में दर्द होता है. कभी-कभी रोगी के शरीर में आन्तरिक रक्तस्त्राव भी होता है. यह चार प्रकार के विषाणुओं के कारण होता है तथा इस रोग का वाहक एडिस मच्छर की दो प्रजातियां हैं. बरसात के मौसम में यह रोग महामारी का रूप ले लेता है जब मच्छरों की जनसंख्या अपने चरम सीमा पर होती है.

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