योगी सरकार का यू-टर्न, कहा- प्रवासी मजदूरों को काम देने से पहले दूसरे राज्‍यों को नहीं लेनी होगी अनुमति

बीते दिनों सहारनपुर में पंजाब के लुधियाना से पैदल ही यूपी के हरदोई जा रहे विपिन कुमार की भूख से मौत हो गई.
बीते दिनों सहारनपुर में पंजाब के लुधियाना से पैदल ही यूपी के हरदोई जा रहे विपिन कुमार की भूख से मौत हो गई.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने हाल ही में कहा था कि अब प्रवासी मजदूरों (Migrant Worker) को काम पर रखने से पहले दूसरे राज्यों को यूपी सरकार से परमिशन लेनी होगी. इसके बाद देशभर में सियासी घमासान मचने के बाद सरकार ने यू-टर्न ले लिया है.

  • Share this:
लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने हाल ही में कहा था कि अब प्रवासी मजदूरों (Migrant Worker) को काम पर रखने से पहले दूसरे राज्यों को यूपी सरकार से परमिशन लेनी होगी. इसके बाद देशभर में सियासी घमासान मच गया. हालांकि सीएम योगी के बयान पर मचे घमासान को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने यू -टर्न ले लिया है. साफ है कि अब दूसरे राज्यों को उत्‍तर प्रदेश के कामगारों को अपने यहां काम या फिर नौकरी पर रखने के लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी.

यही नहीं, सीएम योगी के बयान के बाद मचे सियासी बवाल के बाद सफाई देते हुए उत्‍तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार की चिंता अपने निवासियों की सामाजिक सुरक्षा की है. इसके लिए श्रमिक कल्याण आयोग गठित किया जा रहा है. जबकि दूसरे राज्यों को अनुमति लेने की व्यवस्था का कोई इरादा नहीं है.

यूपी सरकार को विपक्ष ने घेरा
योगी आदित्‍यनाथ के बयान पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने भी इसे गलत कदम बताया था. यही नहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा था कि हम भी अनुमति के यूपी के श्रमिकों को नहीं आने देंगे. जबकि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कई ट्वीट कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा, ‘उत्तर प्रदेश उनकी सरकार की निजी संपत्ति नहीं है.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को काम पर रखे जाने से रोकने का योगी आदित्यनाथ का कदम असंवैधानिक है और यह आवाजाही की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘श्री योगी, कृपया ध्यान दें कि उत्‍तर प्रदेश आपकी सरकार की निजी संपत्ति नहीं है.’
कांग्रेस नेता ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘इस तरह की कार्रवाइयों में व्यावहारिक बुद्धि की कमी है और इससे प्रदेश के लोगों को अधिक नुकसान होगा. जब यह भाजपा के लिए सुविधाजनक है, तो यह एक राष्ट्र है. जब ऐसा नहीं है, तो यह अलग-अलग राज्य और अलग-अलग लोग हैं. पाखंड की पराकाष्ठा है.'



ये भी पढ़ें

UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 सीनियर पुलिस अफसरों का तबादला
CM योगी का दावा- मुंबई से 75 और दिल्‍ली से आए 50% प्रवासी संक्रमित, प्रियंका ने उठाया सवाल
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज