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UP में शराब और बियर की दुकानों पर अब नहीं दिखेगा ‘सरकारी ठेका’, योगी सरकार का आदेश

यूपी सरकार ने शराब की दुकानों के लिए  नया आदेश जारी किया है.
यूपी सरकार ने शराब की दुकानों के लिए नया आदेश जारी किया है.

UP: आबकारी विभाग (Excise Department) के निर्देशों के अनुसार अब यूपी में शराब और बियर की दुकानों के साइन बोर्ड पर सिर्फ देसी शराब की दुकान, अंग्रेजी शराब की दुकान या बीयर शॉप ही लिखा जाएगा. सरकारी ठेका नहीं लिखना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 12:20 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में देसी-विदेशी शराब (Liquor) और बियर की दुकानों (Beer Shop) के लिए योगी सरकार (Yogi Government) का नया आदेश आया है. इसके तहत अब यूपी में किसी भी शराब या बियर की दुकानों के साइनबोर्ड पर 'सरकारी' और 'ठेका' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. आबकारी विभाग से निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश भर की दुकानों में सरकारी और ठेका शब्दों को पेंट किया जा रहा है. अब यूपी में शराब और बियर की दुकानों के साइन बोर्ड पर सिर्फ देसी शराब की दुकान, अंग्रेजी शराब की दुकान या बीयर शॉप ही लिखा जाएगा. उधर सोशल मीडिया पर सरकार के इस आदेश पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

घर में 'बार' के लिए भी लाइसेंस


बता दें इससे पहले योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने पिछले दिनों नई आबकारी नीति (New Excise Policy) को मंजूर किया है. इसमें कई अहम फैसले किए गए हैं. इसके तहत यूपी सरकार ने निजी प्रयोग या पर्सनल बार के लिए भी निर्धारित फुटकर सीमा से अधिक शराब रखने पर लाइसेंस लेने का प्रावधान कर दिया है. आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत निजी प्रयोग के लिए व्यक्तियों को निर्धारित फुटकर सीमा से अधिक मदिरा क्रय, परिवहन या निजी कब्जे में रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा.

इसके लिए निर्धारित शर्तो के अधीन प्रत्येक वर्ष 12,000 रुपए लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि 51,000 रुपये जमा करनी पड़ेगी. नई नीति के तहत प्रति व्यक्ति या एक घर मे सिर्फ छह लीटर मदिरा के क्रय, परिवहन या निजी कब्जे में रखने की सीमा निर्धारित है. इससे अधिक शराब रखने पर आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना होगा.

वार्षिक लाइसेंस फीस में हुई वृद्धि


भूसरेड्डी ने बताया कि योगी सरकार ने आबकारी विभाग के वर्ष 2020-21 के 28,300 करोड़ रुपए के सापेक्ष वर्ष 2021-22 में करीब 6 हजार करोड़ अधिक 34,500 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है. जिसके चलते, ‘देशी मदिरा, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों और मॉडल शॉप की वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है. बीयर की फुटकर दुकान लाइसेंस फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है.
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