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UP: ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी, योगी सरकार अब वन्य क्षेत्रों में स्थापित करेगी पेट्रोल पंप

योगी सरकार वन्य क्षेत्रों मे स्थापित करेगी पेट्रोल पंप (file photo)
योगी सरकार वन्य क्षेत्रों मे स्थापित करेगी पेट्रोल पंप (file photo)

योगी (Yogi) ने कहा कि प्रदेश में बोर्ड ने उन सभी संभावनाओं के प्रति अपनी रुचि दिखाई है, जो राज्य के अंदर वन्य जीवों के संरक्षण के साथ पर्यटन विकास (Tourism) की संभावनाओं को भी आगे बढ़ा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 10:52 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने निर्देश दिए कि ईको टूरिज्म को लेकर सिर्फ 36 जिलों या नौ सेक्टर में सीमित ना रहें. हर जिले में संभावनाएं तलाशें. खासकर, पीलीभीत जिले के चूका, उन्नाव के नवाबगंज पक्षी बिहार, आगरा के सूरसरोवर पक्षी विहार, सहारनपुर की शिवालिक पहाड़ियों, महराजगंज के सोहगीबरवां और संतकबीरनगर के बखिरा में सभी संभावनाओं को देखें. मुख्यमंत्री ने वन्य क्षेत्रों में पेट्रोल पंप स्थापित करने के बाबत नीति बनाने और वन विभाग को टेक्नॉलोजी से जुड़ने के भी निर्देश दिए.

उत्तर प्रदेश राज्य वन्य जीव बोर्ड की 11वीं बैठक में सीएम योगी ने कहा कि राज्य वन्य जीव बोर्ड ईको टूरिज्म की सभी संभावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करे. इसका उपयोग राज्य हित में है. उन्होंने निर्देश दिए कि वन्य क्षेत्रों के पास पड़ने वाली आबादी के इच्छुक युवाओं को गाइड का प्रशिक्षण दें. इससे स्थानीय स्तर पर गाईड मिलेंगे. साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं. यही लोग वन्य जीवों की रक्षा भी करेंगे. इस दिशा में गम्भीरता से प्रयास करें.

पर्यटन विभाग और अन्य संस्थाओं का भी लें सहयोग
योगी ने कहा कि प्रदेश में बोर्ड ने उन सभी संभावनाओं के प्रति अपनी रुचि दिखाई है, जो राज्य के अंदर वन्य जीवों के संरक्षण के साथ पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी आगे बढ़ा सकता है. जितनी संभावनाएं उत्तर प्रदेश में हैं, उन सभी को आगे बढ़ाने के लिए राज्य वन्य जीव बोर्ड के साथ पर्यटन विभाग और इस क्षेत्र में कार्यरत अन्य संस्थाओं का भी सहयोग ले. जब किसी कार्यक्रम से लोग जुड़ते हैं तो उसकी सफलता और लोकप्रियता भी बढ़ जाती है.
वन विभाग को टेक्नालोजी के साथ जोड़ें


सीएम ने कहा कि वन विभाग को टेक्नॉलोजी से जुड़ने के बारे में कार्य करना चाहिए. हमें इसे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना चाहिए. यह हमारे लिए वन आच्छादन को आगे बढ़ाने, वन्य जीवों के संरक्षण के साथ मनुष्य और वन्य जीवों के बीच में संघर्ष की जो स्थिति आ जाती है, उससे बचाव में भी काफी कारगर होगा.
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