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योगी सरकार ने 'गंगा यात्रा' के बहाने बनाया मिशन 2022 का प्लान, झोंकी ताकत
Lucknow News in Hindi

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 12:36 PM IST
योगी सरकार ने 'गंगा यात्रा' के बहाने बनाया मिशन 2022 का प्लान, झोंकी ताकत
योगी सरकार ने 'गंगा यात्रा' के बहाने बनाया मिशन 2022 का प्लान

राजनीतिक विष्लेशक और पत्रकार रतन मणि लाल ने बताया कि पार्टी जानती है कि अब देश में वोटिंग पैटर्न धीरे-धीरे बदल रहा है. उन्होंने कहा कि अब बहुसंख्यक एकजुटता में जगह बनाना बहुत जरूरी है.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 12:36 PM IST
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सोमवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पांच दिवसीय गंगा यात्रा (Ganga Yatra) का शुभारंभ किया. दरअसल गंगा यात्रा के बहाने बीजेपी की नजर 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले 'निषाद जाति' पर भी है. इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा यात्रा की शुरूआत की थी. यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार के 56 और केंद्र सरकार के 8 मंत्री शामिल होंगे. ये यात्राएं प्रदेश के 87 विधानसभा क्षेत्रों, 26 लोकसभा क्षेत्रों व 27 जिलों से गुजरेगी. राजनीतिक विष्लेशक और पत्रकार रतन मणि लाल ने बताया कि पार्टी जानती है कि अब देश में वोटिंग पैटर्न धीरे-धीरे बदल रहा है. उन्होंने कहा कि अब बहुसंख्यक एकजुटता में जगह बनाना बहुत जरूरी है.

निषाद समुदाय ने बदला वोटिंग पैटर्न

यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी को छोड़कर अब सभी पार्टियों ने अल्पसंख्यकों को रिझाने की कोशिश कम कर दी है. निषाद वोट बैंक पर बोलते हुए रतन मणि लाल ने कहा कि उनका वोटिंग पैटर्न बिल्कुल अलग है. जिसका सीधा उदाहरण गोरखपुर लोकसभा चुनाव रहा. जहां प्रवीण निषाद ने भारी जीत दर्ज की थी. फिलहाल प्रवीण अब संतकबीरनगर से बीजेपी सांसद हैं. लाल बताते हैं कि निषाद समुदाय के लोग अपनी जाति को फोक्स करके वोट करते है, वहीं उनका वोटिंग करने का तरीका अल्पसंख्यकों से बिल्कुल अलग है.

बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा
बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा


गंगा यात्रा का मकसद लोगों को जागरूक करना

इस यात्रा का मकसद गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना है. पांच दिनों तक चलने वाली इस गंगा यात्रा में केंद्र सरकार के आठ मंत्री भी शिरकत करेंगे. 31 जनवरी को दोनों गंगा यात्रा कानपुर पहुंचकर समाप्त होगी.

1388 किलोमीटर की दूरी तय करेगी यात्राबता दें कि दोनों तरफ से यात्राएं सड़क मार्ग से 1238 और नाव से 150 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी.गंगा यात्रा के नोडल विभाग जलशक्ति के मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने रविवार को बताया था कि 27 से 31 जनवरी तक की 5 दिवसीय गंगा यात्रा दो रूट से निकालेगी. पहली यात्रा बिजनौर से कानपुर और दूसरी यात्रा बलिया से कानपुर तक निकलेगी.

यात्रा से पहले बलिया में गंगा आरती
यात्रा से पहले बलिया में गंगा आरती


27 जिलों से निकलेगी यात्रा

दोनों गंगा यात्राएं 27 जिलों की 1026 ग्राम पंचायतों से निकलेंगी. इस गंगा यात्रा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी के कई अन्य नेता शामिल हुए. इस यात्रा में 10 केंद्रीय और राज्य सरकार के मंत्री और सांसद, विधायक भी शामिल होंगे.

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First published: January 27, 2020, 12:20 PM IST
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