यूपी में नकली शराब के कारोबार पर कसेगा शिकंजा, योगी सरकार ने उठाया बड़ा कदम

यूपी में नकली शराब के कारोबार पर कसेगा शिकंजा (file photo)
यूपी में नकली शराब के कारोबार पर कसेगा शिकंजा (file photo)

ACS संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के तहत इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिये आबकारी विभाग अगले सप्ताह से इस सिस्टम को लगाना शुरू कर देगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में नकली शराब (Fake Liquor) के कारोबार से हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है. और साथ ही नकली शराब के सेवन से सैकड़ों लोग मौत के मुंह में समा जाते है. जिसे रोकने के लिये अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर आबकारी विभाग ने एक सिस्टम डेवलप किया है, जिसके जरिये प्रदेश में बनने वाली हर एक शराब की बोतल को ट्रैक एंड ट्रेस किया जायेगा. जिससे एक ओर सरकार को होने वाली राजस्व के नुकसान पर प्रभावी ढंग से रोक लगाते हुए राजस्व में एक बड़ा इजाफा होगा. तो वही दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में नकली शराब के करोबार को भी पूरी तरह से खत्म कर दिया जायेगा.

नकली शराब के कारोबार पर लगेगी रोक
न्यूज 18 से बात करते हुए आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि यूपी की नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश के लोगों को शुद्ध शराब मुहैय्या कराने और नकली शराब के कारोबार को रोकने के लिये प्रदेश में पहली बार एक नया सिस्टम डेवलप किया गया है. जिसे बीते दिनो योगी सरकार की कैबिनेट से पास भी कर दिया गया है. इस सिस्टम के तहत पंजाब-हरियाणा से बिना एक्साइज ड्यूटी के आने वाली शराब और कच्ची भठ्ठियों से बनने वाली शराब की सरकारी सिस्टम में खपत कराने से रोकने के लिये एक संस्था का चयन किया गया है.

भूसरेड्डी बताते हैं कि हार्डवेयर और साफ्टवेयर को न सिर्फ प्रदेश की सभी 27350 शराब की दुकानों में लगाया जायेगा. बल्कि सभी होल सेलर्स, डिस्टलरी, वेयर हाउस, और बांड हाउस समेत सभी जगहों पर स्कैनर और कम्प्यूटर साफ्टवेयर लगाकर माँनिटरिंग की जाएगी.
उत्पादन की मिलेगी जानकारी


ACS संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक इस सिस्टम से प्रदेश में बनकर ग्राहक तक पहुंचने वाली शराब और बियर की हर बूंद, बोतल और बक्खे को ट्रैक एंड ट्रेस किया जायेगा. किसी शराब की बोतल में प्रयुक्त शीरा कहां से आया? किस डिस्टलरी से आया? जौ जैसे किस अनाज या फल सी बनी? कोई व्हिस्की, रम, ब्रांडी या विदेशी शराब कहाँ बनी ? ग्राहक को इसकी जानकारी भी देने के लिये हर एक का यूनीक बार कोड जनरेट किया जायेगा. जिसे होलोग्राम की तर्ज पर न तो बदला जा सकेगा और न ही काँपी किया जा सकेगा. ये बार कोड बोतल और बक्से पर प्रिंट होगा.

जिसे स्कैन कर संबंधित बोतल या बोतल का बाक्स किस डिस्टलरी, वेयर हाउस और होल सेलर से होकर ग्राहक तक पहुंचा है, इसकी भी जानकारी मिल जायेगी. इस सिस्टम से न सिर्फ उपभोक्ता को अपने शराब की बोतल से जुडी सभी जानकारी मिल जायेगी. बल्कि इससे पंजाब-हरियाणा से बिना एक्साइज ड्यूटी आने वाली शराब पर रोक लग जाने से सरकार का राजस्व भी बढ़ जायेगा.

बढ़ेगा सरकार का राजस्व
ACS संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्य़नाथ की मंशा के तहत इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिये आबकारी विभाग अगले सप्ताह से इस सिस्टम को लगाना शुरू कर देगा. और फिर अगले 90 दिनों के अंदर ये सिस्टम पूरे प्रदेश में लागू कर दिये जाने का प्रयास किया जायेगा. जिससे न सिर्फ योगी सरकार को एक बडे राजस्व के नुकसान से बचाया जा सकेगा. बल्कि इसके जरिये नकली शराब के कारोबार को भी पूरी तरह से खत्म कर दिये जाने का प्रयास किया जायेगा.
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