योगी सरकार ने रेहड़ी पटरी वालों को दी बड़ी सौगात, अब असानी से मिलेगा लोन

योगी सरकार ने रेहड़ी पटरी व्यवसायियों को दी बड़ी सौगात (file photo)
योगी सरकार ने रेहड़ी पटरी व्यवसायियों को दी बड़ी सौगात (file photo)

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में पहली बार ग्राम सचिवालय बनाए जाने की जारी प्रक्रिया के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि यह सचिवालय गांवों को उपहार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 1:11 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि रेहड़ी पटरी व्यवसायियों से लेकर एमएसएमई (MSMI) उद्योगों और बड़े उद्योगों के लिए सरकार ने वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की है. जिला प्रशासन बैंकों से समन्वय कर लोगों को ऋण योजनाओं का लाभ दिलाएं. उन्होंने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज के अंतर्गत कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की असीम संभावनाएं हैं. हर ब्लाक में एफपीओ का गठन करें. गोदामों के लिए प्रस्ताव तैयार करें. उन्होंने कहा कि इसमें देरी करना ठीक नहीं. गो-आश्रय स्थलों को विकसित करें यह आय का जरिया बन सकती हैं. पर्यटन विकास की नवीन संभावनाएं तलाशें. सीएम योगी लखनऊ मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे.

घर, शौचालय, राशन से न रहे कोई वंचित

लखीमपुर में थारू जनजाति को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों से मदद ली जाए. उन्होंने कहा कि सभी को शासन की योजनाओं से लाभांवित किया जाए. पात्रों के राशन कार्ड बनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाएं. सीएम योगी ने कहा कि पहली अक्टूबर से धान क्रय केंद्र खुल रहे हैं. कोविड के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्था कर ली जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कीमत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद न हो.



गांवों के लिए उपहार हैं ग्राम सचिवालय
प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में पहली बार ग्राम सचिवालय बनाए जाने की जारी प्रक्रिया के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सचिवालय गांवों को उपहार हैं. योगी ने कहा कि एक ग्राम सचिवालय के लिए 20 लाख रुपये का बजट है. इतने में बेहतरीन भवन तैयार होगा. यह गांवों में बारात घर के रूप में भी इस्तेमाल हो सकेंगे. इसे जितनी जल्दी बनवा लिया जाए, उतना ही अच्छा है. जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर भूमि तय करें.
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