इलाहाबाद HC के यूपी के 5 शहरों में लॉकडाउन के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची योगी सरकार

योगी सरकार ने यूपी में लॉकडाउन लगाने से इंकार किया है.

योगी सरकार ने यूपी में लॉकडाउन लगाने से इंकार किया है.

Lockdown in UP: उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में लॉकडाउन लगाने से मना कर दिया है. इस बीच सरकार आज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 11:33 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने कोहराम मचा रखा है. जबकि बीते 24 घंटों में कोरोना के 28,287 नए मामले सामने आने और 167 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया है. इस वजह से सूबे में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं भी चरमरा रही हैं, लेकिन इस बीच योगी सरकार (Yogi Government) ने साफ कर दिया है कि यूपी में संपूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता. वहीं, सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के सूबे के 5 शहरों में लॉकडाउन (Lockdown) लगाने के आदेश के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है. योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपना पक्ष दायर करेगी. इस बीच सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता  CJI एसए बोबडे से जल्द सुनवाई की मांग करेंगे.

बता दें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े हैं और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है. सरकार ने कई कदम उठाए हैं, आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है. लिहाजा यूपी के पांच बड़े शहरों में संपूर्ण लॉकडाउन अभी नहीं लगेगा. अगर लोग खुद कई जगह बंदी कर रहे हैं, तो इसमें हमें कोई हर्ज नहीं है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया था ये आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस की लगातार तेजी को देखते हुए पांच शहरों में 26 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन का आदेश दिया था, जिसमें प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर शामिल हैं.न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने प्रदेश में पृथकता केन्द्रों की स्थिति को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश पारित किया. अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह अपने आदेश के जरिए राज्य में पूर्ण लॉकडाउन नहीं थोप रही है.
पीठ ने कहा, 'हमारा विचार है कि मौजूदा समय के परिदृश्य को देखते हुए यदि लोगों को उनके घरों से बाहर जाने से एक सप्ताह के लिए रोक दिया जाता है तो कोरोना संक्रमण की श्रृंखला तोड़ी जा सकती है और इससे अगली पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को भी कुछ राहत मिलेगी.

सरकार ने अदालत के इस निर्णय पर अपनी मंशा जाहिर करते हुए एक बयान में कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए अनेक निर्णय लेकर उन्हें लागू किया गया है. इसके तहत निषिद्ध क्षेत्रों के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया गया है. सभी जिलों में रात्रि कर्फ्यू के साथ-साथ आगामी 15 मई तक पूरे प्रदेश में रविवार को लॉकडाउन घोषित किया गया है.

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सार्वजनिक आयोजन में खुले स्थान पर अधिकतम 100 व्यक्ति और बन्द स्थान पर अधिकतम 50 व्यक्तियों की सीमा तथा पूर्ण कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ इजाजत दी गई है. किसी भी धार्मिक स्थल में एक समय में पांच से अधिक लोगों की मौजूदगी पर पाबंदी लगाई गई है. रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और एयरपोर्ट पर लोगों की इंफ्रारेड थर्मामीटर व पल्स ऑक्सीमीटर से स्क्रीनिंग तथा लक्षण के आधार पर टेस्टिंग प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. यही नहीं सरकार ‘टेस्ट, ट्रेस, ट्रीट’ के लक्ष्य के साथ कोविड-19 पर नियंत्रण के प्रभावी प्रयास कर रही है.
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