नए साल में भी उपद्रवियों पर कहर बनकर टूटेगी CM योगी की सरकार, बड़ी कार्रवाई की तैयारी

नए साल में उपद्रवियों पर कहर बनकर टूटेगी योगी सरकार (File photo)

नए साल में उपद्रवियों पर कहर बनकर टूटेगी योगी सरकार (File photo)

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर (ADG LO) प्रशांत कुमार का कहना है कि CAA-NRC को लेकर हिंसक प्रदर्शन करने के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कमर कस ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 11:47 AM IST
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लखनऊ. सूबे की योगी सरकार (Yogi Government) का माफिया और अपराधियों (Mafia and Criminals) पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है. उधर, उपद्रवियों और आगजनी करने वालों पर सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है. सीएए (CAA) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में शामिल रहे आरोपियों के खिलाफ इस साल भी कार्रवाई जारी रहेगी. तमाम ऐसे मामले हैं जिनमें आरोपियों की अबतक गिरफ्तारी नहीं हुई है, चार्जशीट नहीं लगी है, तोड़फोड़ की रिकवरी नहीं हुई है, इन मामलों में इस साल भी पुलिस सख्ती बरतेगी.

बता दें कि दिसंबर 2019 में यूपी के 21 जिलों में सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए थे. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि इस साल भी उन मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, मुकदमों में चार्जशीट और तोड़फोड़ की रिकवरी की प्रक्रिया जारी रहेगी. एडीजी एलओ ने कहा कि सभी मामलों की विवेचना गुण दोष के आधार पर की जा रही है और जिनकी भूमिका नहीं मिली है. उनके नाम मुकदमों से हटाए भी गए हैं.

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दरअसल नवंबर- दिसंबर 2019 में सीएए विरोध की हिंसा में सूबे के 21 जिले सुलग उठे थे. तोड़फोड़, आगजनी में सरकारी, निजी संपत्तियों का भी भारी मात्रा में नुकसान हुआ था. इन हिंसक प्रदर्शनों में पूरे यूपी में 510 मुकदमे दर्ज हुए थे. डीजीपी मुख्यालय से जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में 2500 से अधिक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि सरकार उपद्रवियों से तोड़फोड़ में हुए नुकसान की वसूली भी जारी करेगी.
करीब 1800 आरोपियों पर करेगा शिकंजा

पुलिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक हिंसक प्रदर्शन में सूबे में 1.2 करोड़ रुपए की संपत्तियों का नुकसान हुआ था.अबतक पुलिस प्रशासन ने अब तक 26.30 लाख की वसूली की है. 19-20 दिसंबर 2019 को लखनऊ, कानपुर समेत 21 जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. जिनमें 896 आरोपियों को रिकवरी नोटिस जारी हुई है. इसके अलावा 2514 आरोपियों को भेजा जा चुका है. 586 आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया. करीब 1800 आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में पुलिस प्रशासन जुटा है.
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