योगी सरकार का फरमान- गन्ना किसान बकाया भुगतान के एवज में मिलों से ले सकते हैं चीनी
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योगी सरकार का फरमान- गन्ना किसान बकाया भुगतान के एवज में मिलों से ले सकते हैं चीनी
गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के लिए मुख्यमंत्री ने किया बड़ा फैसला (file photo)

प्रमुख सचिव गन्ना संजय भूसरेड्डी के मुताबिक 'इच्छुक किसानों को चीनी मिलों द्वारा जून तक प्रति माह एक कुंतल चीनी दी जायेगी. चीनी मिलों द्वारा किसानों को चीनी उस दिन के न्यूनतम बिक्री मूल्य और जीएसटी के आधार पर ही उपलब्ध कराई जायेगी.

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लखनऊ. वैश्विक महामारी (Pandemic) कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के लिए देशव्यापी लॉक डाउन (Lockdown) है. ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की रफ्तार में इस बीच आई कमी के चलते किसानों का बकाया करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे में योगी सरकार ने किसानों के आर्थिक हितों और चीनी के बाजार भाव को नियंत्रित करने के लिये गन्ना मूल्य बकाये के एवज में चीनी मिलों से इच्छुक किसानों को चीनी दिये जाने का निर्देश जारी किया है.

किसानों के हित में बड़ा फैसला
बता दें कि उत्तर प्रदेश में भी लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा प्रदेश में बेहद सख्ती के साथ लॉक डाउन का पालन कराया जा रहा है. जिसके अच्छे नतीजे यह हैं कि आज प्रदेश के कई जिले कोरोना फ्री होने की राह पर हैं. ऐसे में आम दिनों की अपेक्षा एक ओर जहां लॉक डाउन के दौरान चीनी के दामों में बड़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसे देखते हुए सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया है. जिसके तहत इच्छुक किसान अपने बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी मिलों से चीनी ले सकते है. एसीएस होम और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अवनीश अवस्थी ने प्रेस ब्रीफिंग के जरिये इस बारे में जानकारी दी.

इच्छुक किसान ले सकते हैं चीनी



न्यूज़ 18 से बात करते हुए प्रमुख सचिव गन्ना संजय आर. भूसरेड्डी ने बाताया कि लॉक डाउन के चलते इस वक्त चीनी के दामों में बड़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है, खुदरा बाजार में चीनी के दाम इस वक्त करीब 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं. जबकि चीनी मिल द्वारा 31-32 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही चीनी बेची जा रही है. लॉक डाउन के कारण गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की रफ्तार में आई कमी के चलते किसानों का बकाया करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ऐसे में किसानों के आर्थिक हितों और चीनी के बाजार भाव को नियंत्रित करने के लिये गन्ना बकाये के एवज में चीनी मिलों से इच्छुक किसानों को चीनी दिये जाने का निर्देश जारी किया गया है.



भूसरेड्डी के मुताबिक 'इच्छुक किसानों को चीनी मिलों द्वारा जून तक प्रति माह एक क्विंटल चीनी दी जायेगी. चीनी मिलों द्वारा किसानों को चीनी उस दिन के न्यूनतम बिक्री मूल्य और जीएसटी के आधार पर ही उपलब्ध कराई जायेगी. गन्ना बकाए मूल्य के एवज में बाजार भाव से आठ से 12 रूपये प्रति किलो सस्ती चीनी मिल जायेगी. लेकिन शर्त ये है कि इच्छुक किसानों को चीनी मिल गोदाम से खुद अपने खर्च पर चीनी उठानी पड़ेगी. चीनी का वितरण भारत सरकार द्वारा संबंधित मिल के लिये निर्धारित मासिक कोटे के अंतर्गत ही किया जायेगा और संबंधित चीनी मिल द्वारा ही नियमानुसार जीएसटी भी राजकोष में जमा किया जायेगा. अगर जीएसटी जमा करने और न्यूनतम बिक्री मूल्य से अधिक पर चीनी दिये जाने का मामला सामने आया तो उसके लिये जिम्मेदार संबंधित चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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