सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन चुनाव में सपा MLA की क्रॉस वोटिंग, जुफर फारूकी ने चौथी बार मारी बाजी

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन चुनाव: कड़े मुकाबले में महज एक वोट से जीते जुफर फारुकी.

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन चुनाव: कड़े मुकाबले में महज एक वोट से जीते जुफर फारुकी.

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 8 लोग निर्विरोध चुने गए थे, जबकि 3 को यूपी सरकार ने नामित किया था. इन 11 लोगों की हुई वोटिंग में जुफर फारूकी के पक्ष में 6 वोट पड़े, जबकि इमरान माबूद को 5 वोट मिले. सपा विधायक अबरार अहमद ने क्रॉस वोटिंग की, जिसका खामियाजा इमरान माबूद को भुगतना पड़ा.

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लखनऊ. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) के मंगलवार को हुए चेयरमैन चुनाव में काफी नजदीकी मुकाबला देखने को मिला. यह चुनाव जीतकर पूर्व चेयरमैन जुफर फारूकी (Zufar Farooqui) ही उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चौथी बार चेयरमैन बने हैं, लेकिन मुकाबला महज एक वोट के अंतर से ही जीता जा सका. जुफर फारूकी के खिलाफ इमरान माबूद (Imran Mabud) ताल ठोक रहे थे. दोनों तरफ से बराबर की टक्कर ने इस चुनाव को बेहद रोचक बना दिया. माना जा रहा है कि सपा विधायक की क्रॉस वोटिंग से इमरान माबूद चुनाव हार गए.

गौरतलब है कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 8 लोग निर्विरोध चुने गए थे, जबकि 3 लोगों को उत्तर प्रदेश सरकार ने नामित किया था. इन 11 लोगों की हुई वोटिंग में जुफर फारूकी के पक्ष में 6 वोट पड़े, जबकि इमरान माबूद को 5 वोट मिले. असल में समाजवादी पार्टी के विधायक अबरार अहमद ने क्रॉस वोटिंग की जिसका खामियाजा इमरान माबूद को भुगतना पड़ा.

माबूद को हासिल था सपा-बसपा का समर्थन

खबरों के मुताबिक समाजवादी पार्टी के विधायक अबरार अहमद की क्रॉस वोटिंग से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी नाराज हैं. कहा यह जा रहा था कि जुफर फारूकी के खिलाफ उतरे इमरान माबूद को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों का समर्थन हासिल था और इनकी संख्या 6 थी. जिनमें तीन समाजवादी पार्टी के कोटे से सांसद एस टी हसन, नफीस अहमद और अबरार अहमद थे. जबकि एक बहुजन समाज पार्टी के कोटे सांसद कुंवर दानिश अली थे. इसके अतिरिक्त 2 सदस्य बार काउंसिल के अब्दुल रज्जाक खान और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चैयरमैन इमरान माबूद खान खुद थे.
सपा विधायक ने की क्रास वोटिंग

वोटिंग के दौरान सपा विधायक अबरार अहमद की क्रॉस वोटिंग में जुफर फारूकी चुनाव जीत गए. जुफर फारूकी को मिले 6 वोटों में मुतावल्ली कोटे से अदनान फारुख शाह, सामाजिक कार्यकर्ता सबीहा अहमद, इस्लामिक इस्कोलर नईम उर रहमान, स्वास्थ्य निदेशालय की जॉइंट डायरेक्टर तबस्सुम हसन, खुद जुफर फारूकी और सपा लाइन से हटकर वोट करने वाले अबरार अहमद शामिल हैं.

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जुफर फारुखी के खिलाफ था विपक्ष का तगड़ा मोर्चा

हालांकि चुनावों से पहले ही जुफर फारूकी के खिलाफ विपक्ष के प्रत्याशी मोर्चा खोले हुए थे.  शुरुआत से ही जुफर फारूकी का विरोध कर रहे थे. इसी बात को लेकर आज हुए चुनाव में जुफर फारूकी के खिलाफ इमरान माबूद को चुनावी मैदान में उतारा गया था. लेकिन एक वोट की कीमत ने इमरान माबूद की हार तय कर दी और जुफर फारूकी चौथी बार उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बन गए.

न्यूज़ 18  से बात करते हुए जुफर फारूकी ने कहा कि लंबित पड़े वक्फ के मामलों को निपटाना उनकी प्राथमिकता होगी.  इसके अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड की सभी प्रॉपर्टियों का डिजिटलाइजेशन करना तेजी से शुरू होगा. वहीं विरोधी खेमे के समाजवादी सांसद एसटी हसन ने क्रास वोटिंग करने वाले अपने विधायक पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि पता नहीं क्या कारण था कि हमारे साथी ने क्रास वोटिंग की.  लेकिन आज की वोटिंग से ये बात तो तय हो गई कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में अर्से बाद जुफर फारूकी का तिलिस्म टूट रहा है. अब आने वाले समय मे उनकी राह आसान रहने वाली नहीं है.
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