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बीएचयू के सिलेबस से गांधी-भगत सिंह को हटाने पर वीसी लेंगे एक्शन

बीएचयू के इतिहास विभाग ने एम ए प्रथम वर्ष के सिलेबस से कई और लोगों को भी हटा दिया गया है. इनमें महात्मा गांधी, दादा भाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, राजबिहारी बोस और भगत सिंह के नाम शामिल हैं.

बीएचयू के इतिहास विभाग ने एम ए प्रथम वर्ष के सिलेबस से कई और लोगों को भी हटा दिया गया है. इनमें महात्मा गांधी, दादा भाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, राजबिहारी बोस और भगत सिंह के नाम शामिल हैं.

बीएचयू के इतिहास विभाग ने एम ए प्रथम वर्ष के सिलेबस से कई और लोगों को भी हटा दिया गया है. इनमें महात्मा गांधी, दादा भाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, राजबिहारी बोस और भगत सिंह के नाम शामिल हैं.

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    बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को एम ए प्रथम वर्ष के सिलेबस से बाहर कर दिया है. इनकी जगह भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय और हिंदू महासभा के नेता रहे विनायक दामोदर सावरकर को शामिल किया गया है.

    बीएचयू के इतिहास विभाग ने एम ए प्रथम वर्ष के सिलेबस से कई और लोगों को भी हटा दिया गया है. इनमें महात्मा गांधी, दादा भाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, राजबिहारी बोस और भगत सिंह के नाम शामिल हैं. सिलेबस से पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का नाम नहीं हटाया गया है.

    कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने दिया कार्रवाई का भरोसा

    ईटीवी संवाददाता से बातचीत में कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने खुद को इस घटना से अनजान बताया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और भगत सिंह जैसी हस्ती तक को सिलेबस से कैसे बाहर रखा जा सकता है. कुलपति ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में तहकीकात कर जल्द ही ठोस निर्णय लेंगे.

    सिलेबस में इन सब महापुरुषों को मिली जगह

    बीएचयू के इतिहास विभाग ने एमए प्रथम वर्ष के चतुर्थ पेपर (मॉर्डन इंडियन पॉलिटिकल थिंकर/प्रोमिनेंट थिंकर्स ऑफ इंडिया) सिलेबस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, विनायक दामोदर सावरकर, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, गुरु गोलवलकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जय प्रकाश नारायण, डॉ. राम मनोहर लोहिया, एमएन राय, गोविंद बल्लभ पंत और रफी अहमद किदवई को राजनीतिक विचारक के रूप में पढ़ाया जाएगा.

    deendayal upadhyay

    गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, डॉ. हेडगेवार, गुरु गोलवलकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और जनसंघ के विचारों के शुरुआती नेताओं में शुमार हैं. इन्हीं संगठनों से बाद के दिनों भाजपा भी बनी है. इनके अलावा समाज सुधारक और धार्मिक विचारक के रूप में राजा राम मोहन राय, स्वामी दयानंद सरस्वती, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, स्वामी विवेकानंद, भूदेव मुखोपाध्याय, महर्षि श्रीअरविंद को भी राजनीतिक विचारकों की श्रेणी में शामिल किया है.

    विभागाध्यक्ष बदलने पर बदला सिलेबस

    इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुणा सिन्हा ने इस मामले में कहा कि चार साल पहले मेरे कार्यकाल में संतुलित पाठ्यक्रम बना था. उसमें महात्मा गांधी, भगत सिंह को शामिल किया था. अध्यक्ष पद से मेरे हटने के बाद इस पद पर आए लोगों ने सिलेबस में बदलाव करने की कोशिश में राष्ट्रीय आंदोलनों के नेताओं को ही इससे बाहर कर दिया है.

     

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