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Mahoba News: 65 साल की बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप, नाजुक अंग में डाला मिर्ची पाउडर

Mahoba News: 65 साल की बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप, नाजुक अंग में डाला मिर्ची पाउडर

Mahoba News: 65 साल की बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप

एसपी (SP) सुधा सिंह के समक्ष महिला ने कहा कि उसके साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया और मार पीटकर नाजुक अंग में मिर्चा जैसा पदार्थ भी डाल दिया.

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महोबा. यूपी के महोबा (Mahoba) में कुछ लोगों ने महिला से दरिंदगी की इंतहा कर दी. जहां (65) वर्षीय बुजुर्ग महिला से घर में घुसकर चार दबंगों ने सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. यही नहीं महिला के चीखने चिल्लाने पर हवस के दरिंदों ने महिला के गुप्तांग में लाल मिर्च का पाउडर डालकर मौके से फरार हो गए है. महिला के परिजनों और पुलिस द्वारा हालत नाजुक होने पर महिला को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंच महिला से पूछताछ कर पुलिस टीम को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, महोबा में कबरई थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नगर मोहल्ले में रहने वाली बुजुर्ग महिला रोजाना की तरह अपने घर में लेटी हुई थी. तभी गांव के चार दबंग लक्ष्मण राजू डिब्बी और बबलू घर पर आए हुए थे. इन लोगों ने मेरे साथ गलत काम किया है. विरोध करने पर इन लोगों ने मेरे मुंह में कपड़ा भर दिया था. साथ ही मेरे चीखने, चिल्लाने पर लाल मिर्च का पाउडर भी डालकर सभी आरोपी फरार गए हैं.

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एसपी सुधा सिंह के समक्ष महिला ने कहा कि उसके साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया और मार पीटकर नाजुक अंग में मिर्चा जैसा पदार्थ भी डाल दिया. एसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया महिला की शिकायत के अनुसार उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई है, नाजुक अंग में मिर्चा जैसा कुछ पदार्थ डालने की भी बात महिला ने बयान में कही है, दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है, महिला की मेडिकल जांच कराई जा रही है. इस सनसनीखेज घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

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महोबा: युवक पर बनाया धर्म परिवर्तन का दबाव, VHP के विरोध के बाद FIR, आरोपी गिरफ्तार

महोबा: युवक पर बनाया धर्म परिवर्तन का दबाव, VHP के विरोध के बाद FIR, आरोपी गिरफ्तार

Uttar Pradesh News: महोबा में हिंदू समुदाय के लोगों को पैसों की लालच और नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है. मामले से पीड़ित युवक ने ईसाई धर्म के प्रचारक आरोपी आशीष जॉन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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महोबा. उत्तर प्रदेश के महोबा (Mahoba) में हिंदू समुदाय के लोगों को पैसों की लालच और नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण (Conversion) कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मामले से पीड़ित युवक ने आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ मिलकर थाने में ईसाई धर्म के प्रचारक आरोपी आशीष जॉन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पदाधिकारियों में खासा आक्रोश व्याप्त है. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धर्म परिवर्तन प्रतिरोध अध्यादेश 2020 की धारा 3, धारा 5 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मामला महोबा के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के ठाकुरदास मोहल्ला का है. यहां सचिन द्विवेदी कई दिनों से बीमार चल रहा था. इसकी जानकारी ईसाई धर्म के प्रचारक आशीष जॉन को हो गई थी. सचिन का आरोप है कि आशीष जॉन के द्वारा बीमारी ठीक करने व व्यापार के लिए पैसा देने के नाम पर लालच देकर धर्म परिवर्तन के संबंध में दबाव बनाया जा रहा था. बीते एक माह पहले पीड़ित युवक सचिन द्विवेदी पनवाड़ी कस्बे के हरपालपुर चौराहे पर चाय पी रहा था. तभी आशीष जॉन निवासी बलिया उत्तर प्रदेश ने पानी के गिलास में कुछ डाल कर मुझे दिया और कहा कि अब तुम्हारा सिर दर्द ठीक हो जाएगा. पानी पीने के बाद मुझे जैसे ही आराम मिला तो मैंने उसका धन्यवाद दिया. मगर आशीष जॉन ने तभी मुझ पर यीशु को स्वीकार करने की बात कह दी. मेरे द्वारा मना करने पर तमाम प्रकार से प्रलोभन देना शुरू कर दिया. उसे पैसों और नौकरी का लालच दिया गया. मेरे घर पर आकर यीशु धर्म अपनाने पर 12000 प्रति माह देने की बात कही. उसने कहा कि इन सब बातों से परेशान होकर मैंने विश्व हिंदू परिषद के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी. जिसके आधार पर थाना पनवाड़ी में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.

महोबा में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष मनोज शिवहरे और जिला संयोजक मयंक तिवारी ने धर्मांतरण के मामले पर बताया कि आशीष जॉन नाम का व्यक्ति ईसाई धर्म का प्रचारक है. जो कि कई दिनों से पनवाड़ी कस्बे में रहकर हिंदू समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है. किताबों के जरिए तरह तरह की बातें कर लोगों का मन परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा है. उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.

Mahoba News: 5 लाख रुपए और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश, ईसाई धर्म प्रचारक अरेस्ट

Mahoba News: 5 लाख रुपए और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश, ईसाई धर्म प्रचारक अरेस्ट

Illegal Religion Conversion: मामला महोबा के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के ठाकुरदास मोहल्ला में रहने वाले सचिन त्रिवेदी से जुड़ा है. सचिन कई दिनों से बीमार चल रहा था. जिसकी भनक ईसाई धर्म के प्रचारक आशीष जॉन को हो गई थी. आरोप है कि आशीष जॉन के द्वारा बीमारी ठीक होने व व्यापार के लिए पैसा देने के नाम पर लालच देकर धर्म परिवर्तन के संबंध में दबाव बनाया जा रहा था.

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महोबा. यूपी के महोबा (Mahoba) में हिंदू समुदाय के लोगों को रुपयों की लालच और नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण (Illegal Religion Conversion) कराने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. मामले में पीड़ित युवक ने आधा दर्जन ग्रामीण साथियों के साथ मिलकर थाने में ईसाई धर्म के प्रचारक आरोपी आशीष जॉन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों मैं खासा आक्रोश व्याप्त है. फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिरोध अध्यादेश 2020 की धारा 3 धारा 5 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.

मामला महोबा के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के ठाकुरदास मोहल्ला में रहने वाले सचिन त्रिवेदी से जुड़ा है. सचिन कई दिनों से बीमार चल रहा था. जिसकी भनक ईसाई धर्म के प्रचारक आशीष जॉन को हो गई थी. आरोप है कि आशीष जॉन के द्वारा बीमारी ठीक होने व व्यापार के लिए पैसा देने के नाम पर लालच देकर धर्म परिवर्तन के संबंध में दबाव बनाया जा रहा था.

सचिन का ये है आरोप
सचिन का आरोप है कि एक माह पहले वह पनवाड़ी कस्बे के हरपालपुर चौराहे पर चाय पी रहा था. तभी आशीष जॉन जो कि बलिया उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, उसने पानी के गिलास में कुछ डाल कर मुझे दिया और कहा कि अब तुम्हारा सिर दर्द ठीक हो जाएगा. पानी पीने के बाद मुझे जैसे ही आराम मिला तो मैंने उसका धन्यवाद दिया. मगर आशीष जॉन ने तभी मुझ पर एक दबाव बनाने की बात कह दी.आशीष ने कहा कि तुम्हें यीशु को स्वीकार करना होगा. मेरे द्वारा मना करने पर आशीष ने तमाम प्रकार से प्रलोभन देना शुरू कर दिया. आशीष ने मेरे मन को विचलित करते हुए कहा कि आज तुम बेरोजगार हो तुम्हारे पास पैसा नहीं है. तुम्हारे पास नौकरी नहीं है. इन सब बातों को लेकर मैं परेशान हो गया था. आशीष जॉन फिर भी नहीं माना और मेरे घर पर आकर यीशु धर्म अपनाने पर 12000 रूपये प्रति माह देने की बात कही. बहुत सारी किताबें देते हुए बोला कि मेरे साथ चलो. मैंने मना किया तो अब बोला कि तुम बर्बाद रहोगे. मेरा मोबाइल नंबर लेकर बोला कि मैं तुम्हारे खाते में पैसा ट्रांसफर करता हूं. इन सब बातों से परेशान होकर मैंने विश्व हिंदू परिषद के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी. जिसके आधार पर इन सभी ने आकर आज थाना पनवाड़ी में आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है.

हिंदूवादी संगठनों ने की कार्रवाई की मांग
महोबा में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष मनोज शिवहरे और जिला संयोजक मयंक तिवारी ने  धर्मांतरण के मामले को लेकर बताया कि आशीष जॉन नाम का व्यक्ति ईसाई धर्म का प्रचारक है, जो कि कई दिनों से पनवाड़ी कस्बे में रहकर हिंदू समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है. यीशु की किताबों को लेकर तरह तरह की बातें कर लोगों का मन परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा है. आज पनवाड़ी कस्बे में रहने वाले युवक ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है. जिसको लेकर हम सभी ने आकर आरोपी के खिलाफ कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोपी खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग की है.

UP Crime : अश्लील वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी देकर तीन दोस्तों ने किशोरी से किया गैंगरेप

UP Crime : अश्लील वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी देकर तीन दोस्तों ने किशोरी से किया गैंगरेप

Gang Rape in UP : उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले में एक परिचित युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पड़ोस में रहने वाली एक किशोरी को झांसे में लेकर सामूहिक बलात्कार किया. पुलिस इस केस में चुप्पी साधे हुए है.

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महोबा. बुंदेलखंड के महोबा ज़िले में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात सामने आई. युवती ने पड़ोसी युवक और उसके साथियों पर आरोप लगाया कि तीनों ने उसे बंधक बनाकर गैंगरेप​ किया. तीनों आरोपी किशोरी का अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर परिजनों को भी परेशान कर रहे हैं. सोमवार रात किशोरी को बंधक बनाकर दुराचार के बाद तीनों आरोपी पीड़िता को मंगलवार सुबह सड़क पर फेंककर मौके से फरार हो गए.

पीड़ित किशोरी ने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है लेकिन फिलहाल पुलिस अधिकारी इस मामले में बात करने के लिए तैयार नहीं हैं. घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के चंद्रकुंअर पैलेस के पास की बताई जा रही है. यहां किराए के मकान में रहने वाली एक किशोरी को पड़ोस में रहने वाला एक युवक राज घूमने के बहाने ले गया था. कुछ देर बाद राज ने किशोरी को उसका अश्लील वीडियो होने की बात कहकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और कमरे में ताला बंद कर दिया.

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पीड़िता के आरोप के मुताबिक अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर राज ने फिर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. राज के एक दोस्त का नाम पीड़िता व उसके परिजनों ने सूरज बताया है और यह भी कि ये तीनों ही आरोपी दबंग समुदाय के हैं. इस घटना के बाद किसी तरह ये लोग उसे चंद्र कुंअर पैलेस के पास फेंककर भाग गए. किशोरी की बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

BSP Prabuddha Sammelan: सतीश चंद्र मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- BJP और सपा ने ब्राह्मणों को दिया धोखा, 2022 में लेंगे बदला

BSP Prabuddha Sammelan: सतीश चंद्र मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- BJP और सपा ने ब्राह्मणों  को दिया धोखा, 2022 में लेंगे बदला

BSP Prabuddha Sammelan: यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा इन दिनों ब्राह्मण वोटों (Brahmin Votes) को अपने पाले में लाने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है. इस दौरान रविवार को यूपी के महोबा में आयोजित सम्‍मेलन में बसपा के राष्‍ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) ने कहा कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी की सरकार में ब्राह्मणों की एनकाउंटर के माध्यम से हत्या कराई है. यही नहीं, यह दोनों पार्टियां सत्‍ता का दुरुपयोग करती हैं.

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महोबा. यूपी विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं और इसको देखते हुए बसपा ब्राह्मण वोटों (Brahmin Votes) को अपने पाले में लाने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन (Prabuddha Sammelan) कर रही है. इसी सिलसिले में बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati)के निर्देश पर मिशन 2022 की तैयारी को लेकर बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) रविवार को विचार संगोष्ठी के लिए महोबा पहुंचे. इस दौरान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के साथ पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बीजेपी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के साथ-साथ आगामी चुनाव में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को प्रदेश में पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया.

महोबा के एक निजी गेस्ट हाउस में प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान सुरक्षा व तरक्की आदि को लेकर आयोजित बसपा के कार्यक्रम में सतीश मिश्रा ने बीजेपी और सपा को एक सिक्के का दो पहलू कहा है, जो अपनी-अपनी मर्जी से सत्ता में आने के बाद सरकार का दुरुपयोग करते हैं.

बीजेपी ब्राह्मणों का कर रही एनकाउंटर
इस दौरान मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने प्रदेश में सत्ता संभालने के बाद अनगिनत ब्राह्मणों की एनकाउंटर के माध्यम से हत्या कराई है, तो वहीं सपा ने ब्राह्मणों के सिरों को काटकर उन्हें सबक सिखाने का फरमान जारी किया है. सपा के शासन में लूट हत्या बलात्कार की आए दिन बाहर लगी रहती थी. महोबा के चर्चित इंद्र कांत त्रिपाठी मामले में आरोपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी घटना के 1 वर्ष बाद भी ना होने से शासन सत्ता पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. सतीश मिश्रा ने कहा कि 1 वर्ष के बाद भी किसान आंदोलन बीजेपी सरकार समाप्त नहीं कर सकी है. जबकि 2 करोड़ नौजवानों को नौकरी देने का वादा भी बीजेपी सरकार का फेल हुआ है. दो करोड़ लोगों को नौकरी तो नहीं मिली, लेकिन जो डेढ़ करोड़ लोग नौकरी कर रहे थे उन लोगों को नौकरी से निकालने का काम बीजेपी सरकार ने किया है. दरअसल रेलवे सहित तमाम विभागों का निजीकरण कर बीजेपी सरकार ने लोगों के साथ बड़ा धोखा किया है. आज हम सब को यह संकल्प लेना होगा कि ब्राह्मणों के साथ अत्याचार सहन नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में बहन मायावती के नेतृत्व वाली सरकार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होगी.

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ब्राह्मण पूजा करना भी जानता है और फरसा चलाना भी
बसपा शासनकाल में पूर्व मंत्री रहे नकुल दुबे ने कहा कि ब्राह्मणों का उत्पीड़न और हत्याएं उत्तर प्रदेश में जितनी बीजेपी शासन काल में हुई हैं, शायद ही कभी हुई हों. विकास दुबे, इंद्र कांत त्रिपाठी का जिक्र करते हुए उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्राह्मण पूजा करना भी जानता है और वक्त आने पर परशुराम का फरसा चलाना भी आता है. अब वक्त आ गया है कि आने वाले 2022 के चुनाव में बहन जी के हाथों को मजबूत करके उन्हें सत्ता पर काबिज किया जाए जिससे ब्राह्मणों का खोया हुआ सम्मान एक बार फिर वापस दिलाया जा सके.

महोबा : बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने फिर से उठाई अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग

महोबा : बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने फिर से उठाई अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग

बीजेपी विधायक का मानना है कि बुंदेलखंड के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री तक अपनी मांग को पहुंचाएं तो वह दिन दूर नहीं, जब बुंदेलखंड अलग राज्य बनने के बाद देश के अन्य छोटे-छोटे राज्यों के बीच एक विकसित राज्य के रूप में जाना जाएगा.

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महोबा. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के नजदीक आते ही सियासी दलों के नायकों ने एकबार फिर पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग तेज कर दी है. महोबा जिले के चरखारी विधानसभा से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जन सहभागिता के माध्यम से पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने की हुंकार भरी है. बीजेपी विधायक ने रिटायर्ड फौजियों का मंच पर सम्मान कर आम जनमानस से बुंदेलखंड राज्य बनाने को लेकर संकल्प किया है. बीजेपी विधायक का मानना है कि अगर बुंदेलखंड के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री तक अपनी मांग को पहुंचाएं तो वह दिन दूर नहीं, जब बुंदेलखंड अलग राज्य बनने के बाद देश के अन्य छोटे-छोटे राज्यों के बीच एक विकसित राज्य के रूप में जाना जाएगा.

महोबा के एक निजी गेस्ट हाउस में जन सहभागिता के माध्यम से मंच तैयार कर बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अब बुंदेलखंड राज्य के निर्माण को लेकर सियासत तेज कर दी है. यही वजह है कि तमाम समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों युवाओं और महिलाओं के साथ कदमताल करते हुए बीजेपी विधायक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं.

रविवार को मंच से उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड का भाग मिल जाने के बाद यहां पर विकास ही विकास नजर आएगा. बुंदेलखंड की अपार खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व ही बुंदेलखंड को विकास के मुख्य द्वार पर खड़ा कर देगा. आज हमसब युवाओं को आगे आना होगा तभी हमारा बुंदेलखंड राज्य पीएम मोदी की मदद से बनकर तैयार होगा. बुंदेलखंड के पूर्व सैनिकों को इस मंच पर आगे लाकर सम्मानित किया गया है. सोशल क्रांति के माध्यम से पिछड़े बुंदेलखंड को पलायन, भुखमरी से दूर रखने के लिए राज्य का निर्माण किया जाएगा. हमारी पार्टी के सभी नेता छोटे-छोटे राज्यों के पक्षधर हैं. पीएम मोदी ने गरीबों, मजदूरों के लिए तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई हैं. कई ऐतिहासिक काम किए हैं, जिसका इतिहास गवाह है. आज हम सब बुंदेलखंड वासियों को एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के सामने बुंदेलखंड राज्य की मांग करनी होगी.

महोबा: छेड़छाड़ की शिकार महिला को आरोपी युवक के घरवालों ने जिंदा जलाया, हालत नाजुक

महोबा: छेड़छाड़ की शिकार महिला को आरोपी युवक के घरवालों ने जिंदा जलाया, हालत नाजुक

Uttar Pradesh News: महिला को जलाने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम कुलपहाड़ सुथन अब्दुल्ला और सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह द्वारा आग से झुलसी महिला को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. नब्बे प्रतिशत झुलसी महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टर ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया

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महोबा. उत्तर प्रदेश के महोबा (Mahoba) जिले में छेड़छाड़ की शिकार महिला को आरोपी के परिजनों द्वारा मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का मामला सामने आया है. घटना कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के ठठेवरा गांव की है. पुलिस ने बुरी तरह से झुलसी पीड़िता को इलाज के लिए जिला अस्पताल (Disrict Hospital) में भर्ती कराया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला (आरोपी की मां) को हिरासत में ले लिया है. वो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.

मिली जानकारी के मुताबिक ठठेवरा गांव निवासी जालिम सिंह की पत्नी विनीता ने बीते रोज गांव के ही रहने वाले कल्लू के खिलाफ कुलपहाड़ कोतवाली में छेड़छाड़ की शिकायत की थी. इसे लेकर मुकदमा दर्ज होने पर आरोपी कल्लू गांव से फरार हो गया. अपने बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से आक्रोशित उसके माता-पिता ने रविवार की सुबह शौच क्रिया के लिए जाते समय विनीता के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी. महिला को जलाने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम कुलपहाड़ सुथन अब्दुल्ला और सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह द्वारा आग से झुलसी महिला को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. नब्बे प्रतिशत झुलसी महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टर ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया.

महिला को जिंदा जलाने की सूचना मिलने पर जिले के एसपी, एएसपी सीओ कुलपहाड़ और सीओ सदर के साथ अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का बयान दर्ज किया. उन्होंने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए.

इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. इसे देखते हुए गांव में सुरक्षाबल तैनात कर दिया गया है.

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चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को महोबा से चुनाव प्रचार की शुरू करेंगे. वहीं उज्जवला योजना के दूसरे फेज की शुरुआत भी यहीं से होगी. महोबा में कार्यक्रम के दौरान पीएम के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी पहुंचेंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आता जा रहा है, सियासी पार्टियां अभी से एक्टीव मोड में नजर आ रही हैं. इसी कड़ी में मिशन 2022का तैयारी में जुटी बीजेपी में एक तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लखनऊ में संगठनात्मक बैठक कर रहे हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर महोबा की धरती से 10 अगस्त को वर्चुअल कार्यक्रम कर अपना चुनावी मैजिक दिखाएंगे. 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भी पीएम मोदी अक्टूबर 2016 में बुंदेलों की धरती पर महोबा पहुंचे थे और वहां से 365 प्लस का नारा भी दिया था. 2017 विधानसभा चुनाव में आला उदल की धरती से किए गए आह्वान का मैजिक दिखा भी और बीजेपी दो तिहाई बहुमत से सत्ता में आई.

एक बार फिर पीएम मोदी मिशन 2022 से पहले महोबा से अपने कार्यक्रम की 10 अगस्त से शुरुआत करेंगे. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापनकरने वाले परिवारों के लिए उज्जवला योजना का दूसरा फेज शुरु होगा. कोराना काल को देखते हुए कार्यक्रम वीरों की भूमि पर होगा, लेकिन वर्चुअल होगा. हरदीप पुरी के पेट्रोलियम मंत्री बनने के बाद से ये पहला बड़ा कार्यक्रम है. 10 अगस्त को सीएम और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी महोबा में रहेंगे. गौरतलब है कि महोबा पहुंचने वाले पीएम मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा था ‘पिछले कई सालों से यूपी में सपा-बसपा का खेल चलता रहा. उनकी तो दुनिया चलती रही लेकिन आपका कुछ नहीं हुआ.

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आपको सपा-बसपा के चक्कर से निकलना होगा. एक तरफ वो लोग जिनको परिवार बचाने की चिंता है. दूसरी तरफ वो लोग हैं जिनको कुर्सी पाने की चिंता है. तीसरी तरफ हम हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश बनाने की चिंता है’ इस दौरान पीएम ने 365 प्लस का नारा भी दिया था. क्या यह कार्यक्रम चुनावी एजेंडे का हिस्सा है. इस सवाल पर बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है और सरकार इसी वादे पर बनी थी कि हम जनता के लिए काम करेंगे. हमने काम किया है और उसी को जनता के बीच लेकर जा रहे हैं.

पीएम का एक संदेश…
पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री का एक ही उद्देश्य है जनहित और उसी कड़ी में एक बार फिर महोबा की जनता से पीएम जुड़ेंगे. गौरतलब है कि अब बीजेपी सत्ता में है और पीएम एक बार फिर महोबा की धरती पर रहेंगे लेकिन क्या एक बार फिर महोबा, मोदी और मैजिक दिखेगा.

महोबा: कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान महिला ग्राम प्रधान को दबंगों ने पीटा, 5 गिरफ्तार

महोबा: कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान महिला ग्राम प्रधान को दबंगों ने पीटा, 5 गिरफ्तार

Mahoba News: महोबा में वैक्सीनेशन कराने के दौरान दलित महिला ग्राम प्रधान की दबंगों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी. इस दौरान बचाने पहुंचे उनके देवर पर भी हमला किया गया.

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महोबा. उत्तर प्रदेश के महोबा (Mahoba) शहर कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा ग्राम पंचायत के सचिवालय में वैक्सीनेशन (Vaccination) कराने के दौरान महिला ग्राम प्रधान (Woman Gram Pradhan) और उन के देवर से पूर्व ग्राम प्रधान के परिजनों ने लाठी-डंडों से मारपीट कर दी. मारपीट और अभद्रता से आहत महिला प्रधान ने कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस ने आधा दर्जन आरोपियों को हिरासत मे लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

शासन के निर्देश पर महोबा सदर तहसील के पचपहरा गांव की ग्राम पंचायत में कोविड-19 से बचाव को लेकर ग्रामीणों को वैक्सीनेशन लगाने का काम चल रहा था. तमाम ग्रामीण दो गज दूरी का पालन करते हुए लाइनों में लगे थे. आरोप है कि इसी दौरान पूर्व ग्राम प्रधान का परिजन धीरज यादव शराब के नशे में धुत होकर वहां आया और गाली गलौज करने लगा. इस बात का विरोध करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी.

दबंगों की करतूत से पूरा प्रधान परिवार दहशत में है. पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है. उर्मिला वर्मा (महिला ग्राम प्रधान) ने बताया कि गांव मे बने सचिवालय मे ग्रामीणों को वैक्सीनेशन का अभियान चल रहा था. तभी पूर्व प्रधान के परिवार का युवक शराब के नशे वहां आया और विवाद करने लगा. इस दौरान उसने हमारे साथ मारपीट कर हाथ की चूड़ी भी तोड़ डाली और हमारे देवर के साथ मारपीट कर दी.

पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार

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UP: महोबा में वैक्सीनेशन के दौरान दलित महिला ग्राम प्रधान और उसके देवर पर दबंगों ने किया हमला

रामप्रवेश राय (महोबा सदर, सीओ) ने बतायाकि महिला ग्राम प्रधान सहित परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.”

महोबा : बारिश और बिजली ने ले ली बच्ची समेत 3 लोगों की जान, इलाके में पसरा शोक

महोबा : बारिश और बिजली ने ले ली बच्ची समेत 3 लोगों की जान, इलाके में पसरा शोक

rain and lightning : आसमानी आफत की चपेट में आकर दो पुरुषों सहित 10 वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई. दो लोगों की मौत पानी के तेज बहाव में बहने से हो गई, जबकि एक की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से.

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महोबा. बुंदेलखंड के महोबा में 48 घंटों से हो रही मूसलधार बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होने लगा है. आसमानी आफत की चपेट में आकर दो पुरुषों सहित 10 वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई. दो लोगों की मौत पानी के तेज बहाव में बहने से हो गई, जबकि एक की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से. किसानों और मासूम की मौत से इलाके में मातम का माहौल पसर गया है. फिलहाल जिला प्रशासन ने आपदा राहत कोष से किसान परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.

लोगों ने बताया कि कुलपहाड़ तहसील के अजनर थाना क्षेत्र के केथोरा गांव में रहने वाला किसान देशराज खेत के पास बने चेकडेम की ओर जा रहे थे. तभी रास्ते में बने चेकडैम से गुजरने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे पानी के तेज बहाव में बह गए. दूसरा हादसा महोबकंठ थाना क्षेत्र के ग्राम उमरी में हुआ. यहां रहनेवाले प्रेमलाल की 10 साल की बेटी ज्योति अपनी दो बहनों के साथ खेत पर गई हुई. वहां से घर लौटते समय रास्ते में नाला पार करते समय तीनों बहनों का संतुलन बिगड़ गया और तीनों बहन तेज बहाव में बहने लगीं. बच्चियों की चीखने-पुकारने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को उनके बहने का पता चला. ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो बहनों को तेज बहाव से निकाल सकने में कामयाब हुए, लेकिन 10 वर्षीय ज्योति को नहीं बचा सके और उसकी मौत हो गई. बच्ची की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. तीसरा हादसा तहसील चरखारी के ग्राम सूपा में हुआ है. यहां रहनेवाले गया प्रसाद सैनी अपने जानवरों को चराने जंगल में गए हुए थे. तभी तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली की गिरी और सैनी उसकी चपेट में आ गए. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. एक दिन में इस आफत की बारिश से लगातार तीन मौत हो जाने से जिले के ग्रामीण बेहद दुखी हैं.

आल्हा के आंगन में वीर गाथाओं की गमक

आल्हा के आंगन में वीर गाथाओं की गमक

दुर्भाग्य से आल्हा के गवैये अब सिमटते जा रहे हैं. न पहले जैसे बुंदेली देहात रहे, न पहले जैसी चौमासे की बारिशें, न वो तिश्नगी, न वो कौतुहल, न वो सुकून. हां, यादों का एक बहता दरिया जरूर है, जिसके किनारों पर बैठकर तहजीब की बहती लहरों को निहारना भला लगता है.

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धर चौमासे ने दस्तक दी तो याद आई, चौपाल पर आसन जमाये गायकों की मंडली. कंठ से उठती वो हुंकार भी- “जो नर जैहो रण खेतन में, जुगों-जुगों तक चल है नाम”. आल्हा के छंद वीरता और पराक्रम की ऐसी ही अग्निशिखा हैं. यानी शब्द, विचार और ध्वनि की तरंगों को थामती वो गायन शैली, जिसने बुंदेलखंड की धरती पर गरजते कलह के इतिहास को कंठ और स्मृति में बसाकर लोक आख्यान का नया फलसफा रच दिया.

सहज ही जेहन में कौंधती है मरहूम लोकमान्य आल्हा गायक लल्लूलाल वाजपेयी की शौर्य छवि. सिर पर लाल कलंगी-पगड़ी, माथे पर विजय तिलक, हाथ में चमकती तलवार, फड़कती भुजाएं और लरजती आवाज़ों से फूटते रणबांकुरों की जांबाजी के कि़स्से. इधर रात-रात भर आसमान से मेह बरसता, उधर आल्हा की महफिल में ओज भरे बादल गरजते.

बुंदेली कवि जगनिक को जाता है अमर गाथा रचने का श्रेय
गाथाओं की गोद में गुजरे जमाने की जाने कितनी स्मृतियां अपना आसरा तलाशती हैं. वक्त गुजर जाता है लेकिन लोक मानस के पटल पर अपने नक्श बनाती पूर्वजों की यह विरासत कहीं ठहर जाती है. आल्हा की इस अमर गाथा को रचने का श्रेय बुंदेली कवि जगनिक को जाता है. चंदेल राजा परमार के राजकवि के रूप में उनका मान था. वह वीरगाथा काल था. जगनिक ने आल्हा और ऊदल नाम के दो वीर चरित्रों के पराक्रम को छंद शैली में पिरोया.

उनकी कविता ने बुंदेली लोक मन को इतना गहरा छुआ कि सदियां गुजर गयीं, आल्हा की आवाज का असर कम न हुआ. वह पाठ और संगीत की तर्ज पर समान रूप से स्वीकार की गई. काबिले गौर यह कि गुलामी के दिनों में गोरों के खि़लाफ आक्रोश पैदा करने में आल्हा ने अहम् भूमिका निभायी. कहते हैं आल्हा में बावन लड़ाइयों का वर्णन है लेकिन पंद्रह गाथाएं ही पाठ-प्रचलन में है. बुंदेली के अलावा बैसवारी, अवधी, कन्नौजी, ब्रज और भोजपुरी में भी आल्हा गाने की परंपरा है.

आल्हा काव्य की कथा को संक्षेप में समझना चाहें तो यह कि एक समय में परमाल महोबा के राजा हुए. उनकी रानी मल्हनादे थीं और राजकाज में कुशल थीं. उनका एक पुत्र ब्रह्मा और दूसरा रनजीत था. परमाल के राज्य में दस्सराज और बच्छराज दो भाई रहते थे. दस्स-राज की पत्नी देवलदें थीं, जिनके दो पुत्र आल्हा और ऊदल हुए. बच्छराज की पत्नी बिरमा थीं, जिनके दो पुत्र मलखान और सुलखान हुए. इनके माहिल नाम के एक मामा थे, जो चुगलखोरी और झगड़े करवाने के लिए मशहूर थे. वे राजा परमाल के मंत्री के रूप में भी जाने जाते हैं.

और मांड़ोगढ़ के राजा जंबे के पुत्र करिंगाराय ने महोबा पर कर दी चढ़ाई
एक समय महोबा को सूना पाकर और माहिल मामा के कहने पर मांड़ोगढ़ के राजा जंबे के पुत्र करिंगाराय ने महोबा पर चढ़ाई कर दी और सोते हुए दस्सराज और उनके भाई बच्छराज को बांध लिया. सारा रनिवास लूट लिया और दोनों भाइयों के सिर कोल्हू में पिरवाकर उनकी खोपडि़यां अपने राज्य में ले जाकर बरगद पर टांग दी. उस समय ऊदल माता देवलदे के गर्भ में थे. देवलदे को चिंता हुई कि पति की मृत्यु के बाद संतान को जन्म दूंगी तो बदनामी होगी.

किसी बांदी की सलाह पर यह पुत्र रानी मल्हनादे को दे दिया गया. जिसकी चौड़ी छाती, ऊंचा मस्तक, सुंदर मुख और हिरन जैसे नेत्र देखकर रानी प्रसन्न हुई. यही शूरवीर ऊदल के नाम से जाना गया. रानी मल्हनादे एक तरफ अपने पुत्र ब्रह्मा और दूसरे तरफ से ऊदल को दूध पिलाती रहीं. जब ये बड़े हो गये, तो रानी ने इन्हें अच्छी कि़स्म के घोड़े दिये. आल्हा को करिलिया, ऊदल को बेंदुला, मलखान को कबूतरी और सुलखान को हिरोजनी घोड़ी दी. अपने पुत्र ब्रह्मा को हरनार और रनजीत को हिरोंजनी घोड़े दिये.

आल्हा के लोक आख्यान का गहन शोध करने वाले अग्रणी कथाकार-संस्कृतिकर्मी ध्रुव शुक्ल बताते हैं कि आल्हाखण्ड में एक दिलचस्प कथा प्रसंग है कजरियों की लड़ाई का. सावन के महीने में कजरियां खोटते समय यह लड़ाई पृथ्वीराज चौहान से हुई. यह लड़ाई कीरतसागर ताल के किनारे हुई थी. अतः इसे कीरतसागर की लड़ाई भी कहा जाता है. महोबा में कजरियों का त्यौहार देखने के लिए ही पृथ्वीराज चौहान ने धावा बोला था. उन्होंने महोबा के सारे तालों पर कब्जा कर लिया था.

जब युद्ध का सामना कर रहे महोबा को बचाने नहीं आए ऊदल
कीरत सागर के बारे में कहा जाता है कि उसमें सारे तीर्थों का जल लाकर उसे भरा गया था. महोबा को काशी और कीरत सागर को लोग गंगा कहते थे. ऊदल को कन्नौज संदेश भेजा गया कि वे रक्षा करने महोबा आ जायें, पर निष्कासन से हुए अपमान का दुख बना रहने के कारण ऊदल नहीं आये और महल में कजलियां सूखती रहीं. चन्देल कुंवर रनजीत युद्ध में वीर गति को प्राप्त हुए. मनाने पर ऊदल एक दिन देर से आये और कजरियां सावन की पूर्णिमा की बजाय भादों की प्रतिपदा को खोंटी जा सकीं.

बुंदेलखंड में एक राछरा गाया जाता है, जिसमें कीरत सागर की लड़ाई की झलक मिलती है. परमाल राजा की बेटी चन्द्रावलि युद्ध के कारण सावन की पूर्णिमा को ताल किनारे जाकर कजरियां नहीं खोंट सकी. वे दूसरे दिन खोंटी गई. इस राछरे में भाई अपनी बहन से कहता है कि इस साल कजरियां घर में ही खोंट लो. लेकिन बहन ताल किनारे जाने की जिद करती है. जब कजरियां घाट पर लाई जाती हैं तो दुश्मन की सेना हमला कर देती है और भाई कहता है कि बहना अब भी घर लौट जाओ. पर वीर बहना रण छोड़कर नहीं जाना चाहती और भाई उसकी रक्षा के लिए शत्रु से लड़ता रहता है.

बुंदेली लोक में कजरियों की रक्षा करने की कहानी बहुत पुरानी है. कजरियां खोंटने के बाद वे दुश्मन को नहीं दी जातीं. घर के जेठे-बड़ों और कुल-कुटुम्बियों से आपस में बदली जाती हैं. घर के जेठे सयाने लोग कजलियों को बाल-बच्चों के कानों में खोंसकर उन्हें असीसते हैं.

न पहले जैसे बुंदेली देहात रहे, न पहले जैसी चौमासे की बारिशें
लोक संस्कृति के अध्येता-निबंधकार श्याम सुन्दर दुबे के अनुसार, एक अंग्रेज चार्ल्स इलियट ने आल्हा की गायिकी से प्रभावित होकर उसके बिखरे कथानक को पुस्तक के रूप में संग्रहित किया था. इस किताब को दिलकुशा प्रेस फतेहगढ़ ने छापा था. आल्हा की आत्मा से मुसलसल गुजरो तो मालूम होता है कि यह महज कलह की कथा नहीं है. इसमें प्रेम और करुणा का मानवीय सन्देश भी है.


दुर्भाग्य से आल्हा के गवैये अब सिमटते जा रहे हैं. न पहले जैसे बुंदेली देहात रहे, न पहले जैसी चौमासे की बारिशें, न वो तिश्नगी, न वो कौतुहल, न वो सुकून. हां, यादों का एक बहता दरिया जरूर है, जिसके किनारों पर बैठकर तहजीब की बहती लहरों को निहारना भला लगता है. डालों पे पड़े झूले, छपरी में जमी आल्हा, ढोलक को कई दिनों में थापों से पड़ा पाला…. सुर-ताल और लयकारी की इस गमक को जब भवानीप्रसाद मिश्र अपनी कविता में समेटते हैं तो बुंदेली महक में भीगी जाने कितनी बरसातें याद आने लगती हैं.

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