कर्ज और सूखे से परेशान किसान ने की आत्महत्या, प्रदेश सरकार से नहीं मिली कोई मदद

25 जून को बेटे की शादी थी जिसमें पैसों की कमी के चलते सही से व्यवस्था नहीं हो पाई. वरदानी इससे भी आहत था.

Manoj Ojha | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 3, 2018, 8:20 AM IST
Manoj Ojha | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 3, 2018, 8:20 AM IST
यूपी के महोबा जिले में कर्ज़ और सूखे से परेशान एक किसान ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. कर्ज से चिंतित किसान ने अपने ही खेत में लगे पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. किसान पर बैंक और साहूकारों का तक़रीबन एक लाख पचहत्तर हजार रुपए का कर्ज बताया जा रहा है. सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. आत्महत्या के बाद कर्ज का बोझ किसान के परिवार आ गया है. योगी सरकार की तरफ से किसान को कोई मदद नहीं मिली है.

दरअसल 52 वर्षीय किसान वरदानी ने बेहतर खेती के लिए तीन साल पहले इलाहबाद बैंक से 75 हजार रुपए का कर्ज लिया था. उसे उम्मीद थी की फसल अच्छी होने पर वह बैंक का कर्ज चुका देगा मगर लगातार तीन वर्षों तक अच्छी फसल न होने पर किसान मायूस हो गया. बैंक का कर्ज चुकाना तो दूर उसे अपने बेटे की शादी और घर खर्च के लिए गांव के साहूकारों से एक लाख रुपए तक का कर्ज लेना पड़ा.

25 जून को बेटे की शादी थी जिसमें पैसों की कमी के चलते सही से व्यवस्था नहीं हो पाई. वरदानी इससे भी आहत था. मृतक किसान का बेटा लक्ष्मी बताता है कि मृतक शाम 6 बजे अपने खेतों की ओर गए थे और रात भर वापस नहीं आए. हम लोगों ने उन्हें बहुत ढूंढा पर वे नहीं मिले. जब हम सुबह खेत की ओर पहुंचे तो उनका शव एक पेड़ से लटकता मिला. किसान की मौत की सूचना मिलते ही गांव के लोग खेत में इकट्ठा हो गए.

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वहीं आत्महत्या किए जाने की सूचना पर खन्ना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. परिजनों ने बताया कि मृतक किसान पर इलाहाबाद ग्रामीण बैंक और साहूकारों का कर्ज था! कर्ज़ को लेकर किसान काफी दिनों से हताश ओर परेशान चल रहा था. वहीं दूसरी तरफ सूखे के चलते सिंचाई की व्यवस्था न होने से खेत भी वीरान पड़े हैं. किसान इसी बात से खासा चिंतित था इसलिए उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. अभी भी किसान का परिवार कर्ज को लेकर चिंतित है और योगी सरकार की तरफ से मदद की आस लगाए है.

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