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जीआई टैग के बाद फसल बीमा के दायरे में लाए गए महोबा के देशावरी पान, योगी सरकार ने की घो​षणा

जीआई टैग के बाद फसल बीमा के दायरे में लाए गए महोबा के देशावरी पान, योगी सरकार ने की घो​षणा

फसल बीमा के दायरे में लाए गए महोबा के देशावरी पान.

फसल बीमा के दायरे में लाए गए महोबा के देशावरी पान.

Mahoba Deshavari Paan Farming: महोबा के देशावरी पान की खेती करने वाले किसानों को योगी सरकार ने एक साथ दो सौगातें दी हैं. जीआई टैग के बाद अब पान की खेती को फसल बीमा योजना से जोड़ दिया है. इसके बाद पान की फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाएगी.

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महोबा. महोबा के सुप्रसिद्ध देशावरी पान की खेती (Deshavari Paan Kheti) करने वाले किसानों को सरकार ने एक साथ दो सौगातें दी हैं. जीआई टैग (GI tag) के बाद अब योगी सरकार ने इसकी खेती को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) से जोड़ दिया है. ऐसे में अगर पान की फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होता है, तो किसान इस योजना के तहत आर्थिक लाभ के भी हकदार होंगे. सरकार के इस फैसले के बाद पान किसानों में खुशी का माहौल है. किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. किसानों का कहना है कि वैसे भी पान की खेती में काफी कठिनाइयां आती हैं, लेकिन सरकार के फैसले से अब उन्हें फसल बीमा योजना से कुछ राहत मिल सकेगी.

महोबा का देशावरी पान पूर्व में दुबई, सऊदी अरब, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित दुनिया के दर्जनों देशों में भी काफी पसंद किया जाता रहा है, लेकिन समय के साथ अब यह देश के पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली मुम्बई तक जाता है. लखनऊ, पीलीभीत, रामपुर, बरेली, सहारनपुर आदि स्थानों पर भी इसके पत्तों की काफी मांग है. पहले महोबा में पान का प्रतिवर्ष का कारोबार पांच से सात करोड़ रुपये था, लेकिन अब यह घटकर एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक ही रह गया है. उधर सरकार के इस फैसले के बाद पान किसानों में खुशी का माहौल है. किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. किसानों का कहना है कि वैसे भी पान की खेती में काफी कठिनाइयां आती हैं. किसान जीवनलाल चौरसिया बताते हैं कि सरकार के फैसले से अब हम पान किसानों को फसल बीमा योजना से कुछ राहत मिल सकेगी.

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान केंद्र लखनऊ के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. रामसेवक चौरसिया ने बताया कि दो दशक पूर्व महोबा जिले में 800 एकड़ में पान की खेती होती थी, लेकिन अब यह सिमटकर 50 एकड़ में रह गई है. जीआई टैग के बाद अब योगी सरकार ने अब इसकी खेती को फसल बीमा योजना से भी जोड़ दिया है. ऐसे में अगर पान की फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होता है, तो किसान इस योजना के तहत आर्थिक लाभ के भी हकदार होंगे. किसान पान को फसल बीमा योजना से जोड़ने के लिए काफी समय से मांग कर रहे थे. सरकार के इस फैसले के बाद अब पान किसान फसल बीमा योजना से भी लाभान्वित हो सकेंगे. फसल खराब हो जाने की स्थिति में पान किसानों को साढ़े सात लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा मिलेगा.

Tags: Bundelkhand news, GI Tag, Mahoba Deshavari Paan Kheti, Mahoba news, Paan Farming, Paan Kisan, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, Uttar pradesh news, Yogi adityanath, देशावरी पान, महोबा पान खेती

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