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Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महोबा में हिंदू-मुस्लिम धर्मुरुओं ने गले मिलकर दी बधाई

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 9, 2019, 3:29 PM IST
Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महोबा में हिंदू-मुस्लिम धर्मुरुओं ने गले मिलकर दी बधाई
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एकता और भाईचारे की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

Supreme Court Verdict on Ayodhya Dispute: महोबा ज़िले में सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद आल्हा परिषद के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ शहर काजी आफाक हुसैन के घर जाकर उनसे गले मिले और मुंह मीठा कराया.

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महोबा. बुंदेलखंड (Bundelkhand) का महोबा (Mahoba) आल्हा उदल और उनके गुरु ताला सैय्यद के आपसी सौहार्द का प्रतिक है. ऐसे में महोबा में गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल देखने को मिल रही है. अयोध्या (Ayodhya) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आने के बाद हिन्दू-मुस्लिम धर्म गुरुओं ने एक दूसरे के गले मिल कर मिठाई खिला कर मुंह मिठा कराया. अयोध्या विवाद (Ayodhya Verdict) पर फैसला आने के बाद ये नजारा महोबा के कई स्थानों पर दिखाई पड़ा.

एकता और भाईचारे की यह खूबसूरत तस्वीरें महोबा से सामने आई है. ताला सय्यद और आल्हा ऊदल की धरती महोबा ज़िले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद आल्हा परिषद के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ शहर काजी आफाक हुसैन के घर जाकर उनसे गले मिले और मुंह मीठा कराया.

अदालती फैसले से हमारी एकता पर फर्क नहीं

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए दाऊ ने कहा कि फैसला किसी के भी पक्ष में आता हमे मंजूर था. हम पहले भी एक थे और आज भी एक है. अदालती फैसले से हमारी एकता और सौहार्द पर कोई फर्क नहीं पड़ता. दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया और मिठाई खिलाकर आपसी भाईचारे का सन्देश भी दिया. उन्होंने कहा कि महोबा की धरती से यह पैगाम देते हैं कि हम जान दे सकते हैं लेकिन कोई गलत संदेश नहीं दे सकते.

Mahoba religious leaders welcomes supreme court verdict on ayodhya
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद आल्हा परिषद के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ शहर काजी आफाक हुसैन के घर जाकर उनसे गले मिले और मुंह मीठा कराया.


शहर काजी आफाक हुसैन ने कहा कि इस फैसले से हमारे प्यार और मोहब्बत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. यह प्यार मोहब्बत महोबा में कोई नई बात नहीं है. कई बार अराजक तत्वों ने इस दीवार को गिराने की कोशिश की. लेकिन हमने इस प्यार-मोहब्बत की दीवार को गिरने नहीं दिया. ऐसा ही प्यार और मोहबत पूरे मुल्क में हो. अब न्यायलय और सरकार को इस बात पर नजर रखने की जरूरत है जो ऐसे मुद्दों को जन्म देते हैं.

(इनपुट: मनोज कुमार ओझा)

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First published: November 9, 2019, 3:29 PM IST
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