महोबा: लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप डॉक्टर

सर्दी जुकाम के इलाज के लिए डॉक्टर ने न जाने कौन सा इंजेक्शन लगा दिया की अचानक से मरीज की अचानक से हालत बिगड़ने लगी. आनन फानन में डॉक्टर मरीज को लेकर मध्यप्रदेश के पड़ोसी शहर छतरपुर ले गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 15, 2018, 11:47 AM IST
ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 15, 2018, 11:47 AM IST
महोबा के सीएमओ झोलाछाप डॉक्टरों पर लगाम लगा पाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं. इसका खामियाजा कई बार मरीजों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है. झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के चलते आज एक 22 वर्षीय मरीज को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है.

असमय हुई मौत से मरीज के परिजनों को रो रोकर बुरा हाल है. घटना की शिकायत परिजनों ने अजनर थाना क्षेत्र को दी है. मामला महोबा के अजनर थाना क्षेत्र का है जहां सर्दी जुकाम से पीड़ित मरीज बाबूलाल अपना इलाज कराने एक झोला छाप डॉक्टर के पास पहुंच गया. उसे क्या पता था कि वह झोलाछाप डॉक्टर के पास नही बल्कि यमदूत के पास पहुंच गया है.

सर्दी जुकाम के इलाज के लिए डॉक्टर ने न जाने कौन सा इंजेक्शन लगा दिया की अचानक से मरीज की अचानक से हालत बिगड़ने लगी. आनन फानन में डॉक्टर मरीज को लेकर मध्यप्रदेश के पड़ोसी शहर छतरपुर ले गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

छतरपुर पहुंचते ही वहां के डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया. वहीं पूरे मामले में सीएमओ सफाई देते नजर आए और 22 वर्षीय युवक को जान गंवाने के बाद कार्यवाही की बात कह रहे हैं. साथ ही समय समय पर अभियान चलाकर झोलाछाप डाक्टरों पर कार्यवाही की बात कही है. बड़ा सवाल यह है की जब विभाग झोलाछाप डाक्टरों पर कार्यवाही कर रहा है तो ये यमदूत बच कैसे जाते हैं.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर