महोबा: अवैध कब्जे से खत्म हो रहे हैं प्राकृतिक जलश्रोत

बुन्देलखण्ड में पानी की समस्या और सूखे को देखते हुए 9वीं सदी से 12वीं सदी के मध्य उस समय के वर्तमान शासकों ने मुख्यालय के आसपास कई तालाबों का निर्माण कराया.आज जिले के वही जीवनदायनी तालाब अवैध कब्जों के चलते विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं.

Manoj Ojha | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 29, 2018, 10:11 AM IST
Manoj Ojha | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 29, 2018, 10:11 AM IST
एक ओर केंद्र और राज्य की सरकारें भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए तरह-तरह के हतकंडे अपना रही है. पर कहीं ना कहीं प्रशासन उदासीनता के चलते सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर पलीता लगाता नजर आ रहा है. दिनों दिन तालाबों पोखरों के आसपास अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं.

महोबा जिला इतिहास के पन्नो में चंदेल वंश का प्रमुख केंद्र रहा है. बुन्देलखण्ड में पानी की समस्या और सूखे को देखते हुए 9वीं सदी से 12वीं सदी के मध्य उस समय के वर्तमान शासकों ने मुख्यालय के आसपास कई तालाबों का निर्माण कराया.आज जिले के वही जीवनदायनी तालाब अवैध कब्जों के चलते विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं. तो वहीं जिले की ऐतिहासिक धरोहरे भी जमीदोज होती जा रही हैं.

प्रशासन का लापरवाही जिले को सूखे की ढकेलने का काम कर रही है. सीएम योगी के कड़े निर्देश के बाद भी भूमाफिया टीम जिले के एक भी अवैध कब्जे को हटाने में नाकामयाब रही है. तो वहीं पूरे मामले में जिला प्रशासन कैमरे से बचता नजर आया.

मामला महोबा जिले का है जहां पानी की विकराल समस्या को देखते हुए प्राचीन काल में 836 तालाबों का निर्माण कराया गया था. आज लापरवाही के चलते उन तालाबो में आने वाले जलश्रोतों को तोड़ दिया गया है जिससे तालाबों में पानी नही पहुंच पाता है.

सूखे तालाबों में अवैध कब्जे उनके प्राकृतिक जलश्रोतों को भी समाप्त करते जा रहे हैं और बुन्देलखण्ड में पेयजल के मुख्य स्रोत कुएं भी विलुप्ति की कगार पर पहुंच गए हैं. समूचे जिले की लगभग सवा आठ लाख की आबादी जिले के कीरतसागर, मदन सागर,बेलासागर,माथुरन तलैया,कल्याणसागर तालाबो पर निर्भर थी.

मगर मौजूदा समय में इन तालाबों पर भू माफिया काबिज हैं. मौजूदा समय में आबादी भूगर्भ जल पर निर्भर है और आने वाली गर्मियों में पानी एक विकराल समस्या उभरकर आने वाली है. अवैध कब्जे रोकने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में एंटी भू माफिया टीम का गठन किया था. पर महोबा की एंटी भूमाफिया टीम अवैध कब्जे रोकने में नाकाफी साबित हो रही है.
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