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PM आवास योजना: कहीं दिव्यांग को बिना आवास के बधाई संदेश तो कहीं किस्त के इंतजार में लाभार्थी

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 23, 2020, 1:32 PM IST
PM आवास योजना: कहीं दिव्यांग को बिना आवास के बधाई संदेश तो कहीं किस्त के इंतजार में लाभार्थी
महोबा में पीएम आवास योजना में कई शिकायतें सामने आ रही हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महोबा के जिलाधिकारी अवधेश कुमार बताते हैं कि यह प्रकरण सामने आया है. एपीओ डूडा 900 व्यक्तियों डीपीआर बनकर गयी थी, 364 की स्वीकृत होकर आई थी. डीपीआर में अब 450 को शामिल किया गया है, जिसमे हाफिज सुल्तान को भी शामिल किया गया है.

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महोबा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महोबा (Mahoba) के चरखारी में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojna) के नाम पर लाभार्थियों का जमकर मजाक बनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास के पात्र दिव्यांग लाभार्थी को बिना आवास बने ही शहरी पीएमएवाई (यू) कार्यालय से बधाई संदेश भेज दिया गया. वहीं दूसरे लाभार्थी को वर्ष 2017 में आवास की जारी पहली किस्त के बाद आज तक कोई भी किस्त नही मिली है. जिला प्रशासन से तमाम शिकायतों के बाद भी लाभार्थी को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है. फिलहाल जिलाधिकारी (डीएम) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

महोबा के चरखारी नगर के कजियाना मुहल्ले में रहने वाले हाफिज सुल्तान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था. मगर आज तक उसके आवास की जिला प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान नहीं की. अब अचानक पीएमएवाई कार्यालय से बधाई संदेश हाफिज सुल्तान के घर पहुंचा, जिसे देखकर हाफिज कह रहे हैं कि कुदरत ने पहले ही हमारे साथ मजाक किया था, बाकी काम शासन की जन कल्याणकारी योजना ने पूरी कर दी है.

वहीं चरखारी बजरिया में रहने वाले दूसरे लाभार्थी राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था, जिसे लेकर मैंने दस्तावेज सबंधित कार्यालय में जमा किए थे. 50 हजार रुपये की पहली किस्त के बाद आज तक दूसरी किस्त मेरे खाते में नही पहुंची है. प्रशासनिक अधिकारियों से तमाम शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

Mahoba makan
महोबा के चरखारी नगर के कजियाना मुहल्ले में रहने वाले हाफिज सुल्तान को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला बधाई पत्र


'हाफिज सुल्तान का नाम PM आवास के लिए चयनित हो गया है'

उधर प्रधानमंत्री आवास के मामले में दिव्यांग हाफिज सुल्तान के मामले में जिलाधिकारी अवधेश कुमार बताते हैं कि यह प्रकरण सामने आया है. एपीओ डूडा 900 व्यक्तियों की डीपीआर बनकर गयी थी, 364 की स्वीकृत होकर आई थी. डीपीआर में अब 450 को शामिल किया गया है, जिसमें हाफिज सुल्तान को भी शामिल किया गया है. जाहिर है खुद महोबा के डीएम स्वीकार करते हैं कि हाफिज का आवास नहीं बना बल्कि उनकी स्वीकृति हुई है.

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First published: January 23, 2020, 11:15 AM IST
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