बालू माफिया फिर सक्रिय, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

महोबा जिले में खनिज माफियाओं द्वारा अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है. भरी दोपहर से लेकर रात के अंधेरे में खनिज माफिया सभी नियमों को ताख पर रखते हुए पोकलैंड ओर जेसीबी से नदी में अवैध खनन के काले कारोबार को बाखूबी अंजाम दे रहे हैं. हालांकि चार दिन पहले पहुंचे जिलाधिकारी रामविशाल मिश्रा ने खनन माफिया के खिलाफ जांच कर कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 10, 2017, 11:42 PM IST
बालू माफिया फिर सक्रिय, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश
बालू माफिया फिर सक्रिय, प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश
ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 10, 2017, 11:42 PM IST
महोबा जिले में खनिज माफियाओं द्वारा अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है. भरी दोपहर से लेकर रात के अंधेरे में खनिज माफिया सभी नियमों को ताख पर रखते हुए पोकलैंड ओर जेसीबी से नदी में अवैध खनन के काले कारोबार को बाखूबी अंजाम दे रहे हैं. हालांकि चार दिन पहले पहुंचे जिलाधिकारी रामविशाल मिश्रा ने खनन माफिया के खिलाफ जांच कर कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं.

शासन के निर्देश पर महोबा जिले के पनवाड़ी और महोबकंठ थाना क्षेत्रों से निकलने वाली बर्मा नदी पर आधा दर्जन से अधिक बालू घाटों के पट्टे निर्धारित समयावधि के लिए दिए गए थे. प्रत्येक घाट के पट्टा मालिक को घन मीटर के आधार पर खनिज विभाग द्वारा एमएम -11 उपलब्ध कराई गई थी. जिसको लेकर पूर्व में 31 अगस्त तक बालू घाटों से बालू का परिवहन किया जा चुका है. मगर 1 अक्टूबर से पुनः बालू घाट बिजरारी, नौगांव फदना, इटौरा, पिपरी, महुआ, नकरा सहित आधा दर्जन घाटों पर बालू का अवैध खनन शुरू हो गया है. बालू घाट संचालक प्रतिबंधित मशीनों से नदी के स्वरूप को बिगाड़कर बालू निकाल रहे हैं. जिसके चलते बालू परिवहन के नाम पर शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये की क्षति पहुंचाई जा रही है. दिन से लेकर रात तक ट्रकों और ट्रैक्टरों से बालू का खनन जोरों पर है.



मनोज ओझा, महोबा
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