बीजेपी नेता के बेटे के मर्डर केस में 7 पुलिस कर्मियों ने किया सरेंडर

बिहार के बीजेपी नेता के बेटे राहुल को चंबल एक्सप्रेस ट्रेन से फेंकने के मामले में 7 पुलिस कर्मियों ने नाटकीय ढंग से सीजेएम कोर्ट महोबा में सरेंडर कर दिया है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 13, 2017, 11:58 PM IST
ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 13, 2017, 11:58 PM IST
बिहार के बीजेपी नेता के बेटे राहुल को चंबल एक्सप्रेस ट्रेन से फेंकने के मामले में 7 पुलिस कर्मियों ने नाटकीय ढंग से सीजेएम कोर्ट महोबा में सरेंडर कर दिया है. झांसी रेलवे आरपीएफ थाने में तैनात पुलिस कर्मियों पर बिहार के इंजीनियर छात्र राहुल को ट्रेन से फेंकने के मामले में 1 महिला एसआई सहित 7 पुलिसकर्मी और एक टीसी शामिल है. फिलहाल सीजेएम कोर्ट ने सभी पुलिसकर्मियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

दरअसल महोबा के जीआरपी थाना क्षेत्र के मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन के समीप चंबल एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे बिहार राज्य के ग्राम भोकारी पोस्ट खुजरा थाना मोहनिया जिला कैमूर निवासी राहुल सिंह ने ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवानों की धन उगाही का वीडियो बना लिया था. यह पुलिसकर्मी राहुल पर वीडियो डिलीट करने व मोबाइल छिनने का दबाव बना रहे थे. तभी राहुल और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोक झोक शुरू हो गई और पुलिसकर्मियों ने उसे ट्रेन से धक्का देकर नीचे फेंक दिया था.

बिहार के बीजेपी नेता के बेटे के परिजनों ने 24 अगस्त 2017 को महोबा जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. जहां राहुल की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया था तो वही साथी इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं ने एक जुट होकर दिल्ली से लेकर बिहार तक सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन कर कैंडिल मार्च निकाला और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर राहुल को न्याय दिलाने की मांग की थी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर