अवैध बालू खनन को रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला

यहीं नहीं खौफ फैलाने के लिए जमकर फायरिंग भी की, घटना को अंजाम देकर सभी माफिया मौके से फरार हो गए


Updated: May 20, 2018, 11:57 PM IST

Updated: May 20, 2018, 11:57 PM IST
भले ही प्रदेश सरकार खनन माफियाओं पर लगाम लगाने के लाख दावे कर रही है मगर खनन माफियाओं लगाम लगना तो दूर सरकारी कर्मचारी भी इन माफियों से सुरक्षित नहीं हैं. बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि अवैध बालू के खनन को रोकने गई वन विभाग की टीम और गाड़ी पर लाठी डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर घायल कर दिया.

यहीं नहीं खौफ फैलाने के लिए जमकर फायरिंग भी की. वनकर्मियों के 1750 रूपये भी लूट कर ले गए. घटना को अंजाम देकर सभी माफिया मौके से फरार हो गए. मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.

मामला महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र के कोहनियां गांव का है. जहां वन विभाग की टीम जंगल में रात्रि के समय बालू खनन की शिकायत पर सरकारी जीप से चेकिंग करने निकली थी. कोहनियां गांव की ओर से बालू माफियाओं ने फॉरेस्ट टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. वनकर्मी मुस्ताक को माफियाओं ने जमकर पीटा. बालू माफियाओं के गिरोह से टीम के तमाम सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई.

डीएफओ ईश्वरदयाल ने बताया कि बालू माफिया परशुराम कुशवाहा और धन्नी कुशवाहा सहित 12 अज्ञात बालू माफियाओं के खिलाफ लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है. साथ ही कई स्थानों पर बालू को डम्प मिलने पर सीज किया गया है. वहीं वन अधिनियम की धारा 26 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

मामले में अपर पुलिस अधीक्षक वंशराज यादव ने बताया कि महोबकंठ थाना क्षेत्र में वन विभाग की टीम जंगल में अवैध बालू खनन की मुखबिरी पर गई हुई थी, तभी माफियाओं ने उनकी टीम पर जानलेवा हमला कर दिया. वन कर्मियों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर