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सपा के पूर्व सांसद ने पत्र जारी कर बीजोपी में शामिल बहन-बहनोई से तोड़े रिश्ते

संध्या यादव. फाइल फोटो.

संध्या यादव. फाइल फोटो.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मैनपुरी में भाजपा (BJP) ने मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की भतीजी संध्या यादव पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन को भाजपा से टिकट देकर राजनीतिक चर्चा गर्म कर दी है.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मैनपुरी में भाजपा (BJP) ने मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की भतीजी संध्या यादव पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन को भाजपा से टिकट देकर राजनीतिक चर्चा गर्म कर दी है. भाजपा ने संध्या यादव को जिला पंचायत सदस्य का टिकट देकर सैफई कुनवे में बड़ी सेंध लगाई है. हालांकि इन सबके बीच पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है. धर्मेंद्र यादव ने दो वर्ष पहले एक पत्र जारी कर अपनें बहनोई से संबंधों का विच्छेदन कर चुके हैं. लेकिन काहे गवाही धर्मेंद्र यादव का नाम सुर्खियों में आ ही जाता है.

बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. दरअसल धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन संध्या यादव को भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य का टिकट देकर सुर्खियों में ला दिया है. संध्या यादव 2016 में समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष थीं, लेकिन सैफई में फूट पड़ी तो रिश्तो में भी खटास आनी शुरू हो गई. नतीजन सपा के एक विधायक के इशारे पर संध्या यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का संयंत्र शुरू हो गया. संध्या यादव ने अपनी सीट को बचाने के लिए बीजेपी का साथ लिया तब जाकर अपनी सीट को सुरक्षित रख सके. तब से संध्या यादव और उनके पति अनुजेश यादव की बीजेपी से नजदीकियां बढ़ती चली गईं और संध्या के पति ने भाजपा का दामन थाम लिया. आनन-फानन में तत्कालीन सांसद धर्मेंद्र यादव ने एक पत्र जारी कर अपने बहनोई से रिश्ते तोड़ दिए.

इस बात की चर्चा तेज
सैफई परिवार की बेटी अब भाजपा से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही इस बात की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़े हुए हैं. मैनपुरी से महज 30 किलोमीटर दूर सैफई को यह बात रास नहीं आ रही. यही वजह है कि अब धर्मेंद्र यादव का 2019 का संबंध विच्छेदन का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है. धर्मेंद्र यादव अखिलेश यादव की नजर में अपनी साख बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भाजपा ने सियासी चाल चलकर एक बार फिर परिवार में भी हलचल पैदा कर दिए. हालांकि समाजवादी पार्टी इस बात से साफ इंकार कर रही है कि संध्या यादव का कोई भी दांव सपा के लिए मुसीबत बनेगा. सपा विधायक राजू यादव का कहना है कि संध्या यादव की भाजपा से टिकट की चुनाव लड़ने पर समाजवादी पार्टी पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है.
बीजेपी में प्यार और सम्मान मिला


भाजपा से नामांकन करने पहुंची मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव से जब यह सवाल किए गए तो वह मीडिया का सामना नहीं कर पाई और उनके पति अनुजेश ने भी सवाल को हंसकर टाल दिया बताया कि बीजेपी में उन्हें प्यार और सम्मान मिल रहा है. भाजपा ने मुलायम सिंह यादव की भतीजी को टिकट देकर सियासी चाल चली है. अखिलेश यादव 2022 में भले ही बाइसकिल  लाने की बात कर रहे हो लेकिन सच तो यह है कि उन्हें अपने परिजनों से ही जंग लड़नी पड़ रही है क्या इन सब की भी अखिलेश यादव का 2022 का सपना पूरा होग.
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