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नवोदय विद्यालय छात्रा की हत्या का मामला, चार माह बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी
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News18 Uttar Pradesh
Updated: February 6, 2020, 4:21 PM IST
नवोदय विद्यालय छात्रा की हत्या का मामला, चार माह बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी
नवोदय विद्यालय की छात्रा की हत्या मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही हुई

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक राजकुमार यादव ने सीएम योगी (CM Yogi) को पत्र लिखकर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है 4 महीने बीत जाने के बाद भी एसआईटी (SIT) अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची...

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मैनपुरी. जवाहर नवोदय विद्यालय (Jawahar Navoday Vidyalay) में हुई छात्रा की कथित हत्या की गुत्थी (Murder Mystery) 4 महीने बाद भी नहीं सुलझ पा रही है मामले में एसटीएफ (STF) जांच हो चुकी है और वर्तमान में 2 महीने से एसआईटी (SIT) जांच कर रही है लेकिन अभी तक खुलासा न होने से परिजनों में आक्रोश है. न्याय की आस में बैठे परिजन दोबारा भूख हड़ताल का ऐलान कर चुके हैं वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक ने भी सीएम योगी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच कराकर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है.

सपा विधायक ने सीएम योगी को लिखा पत्र
समाजवादी पार्टी के विधायक राजकुमार यादव ने सीएम योगी को पत्र लिखकर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है 4 महीने बीत जाने के बाद भी एसआईटी अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची जिसके बाद परिजनों में आक्रोश है वहीं राजनीति भी अब गर्म होती जा रही है. इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के इस मामले को उठाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठित थी लेकिन एसआईटी भी कुछ खास नहीं कर पाई. इतना समय बीतने के बाद अब राजनीति एक बार फिर गरमा रही है. सपा विधायक राजू यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की है सपा विधायक ने 3 फरवरी को सीएम योगी को पत्र लिखा है जिसमें सीबीआई जांच कराकर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है.

सपा विधायक का सीएम योगी को पत्र
सपा विधायक का सीएम योगी को पत्र


यह थी घटना
जवाहर नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर की सुबह हॉस्टल में बने पूजा घर में कक्षा 11 की छात्रा का शव मिला था परिजनों ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए दुष्कर्म का आरोप लगाया था लेकिन पुलिस पहले दिन से ही इसे आत्महत्या का रूप देने में लगी हुई थी आगरा forensic रिपोर्ट में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई थी जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और शासन ने तत्कालीन एसपी अजय शंकर डीएम पीके उपाध्याय को हटा दिया था एसआईटी गठित कर जल्द खुलासे की बात सामने आई थी लेकिन शुरुआती दौर में तो एसआईटी ने छानबीन की मामला धीमे-धीमे ढुलमुल होता चला गया जिसके बाद परिजनों में एक बार फिर आग की ज्वाला भड़कने लगी परिजनों ने पीएम और सीएम को पत्र लिखकर खुलासे की मांग की और 1 सप्ताह का समय दिया यदि 1 सप्ताह के अंदर कोई कार्यवाही ना हुई तो एक बार फिर परिजन भूख हड़ताल पर बैठेंगे

कब क्या-क्या हुआ-16 सितंबर को पूजा घर में मिला छात्रा का शव.
-स्कूल के प्रिंसिपल शुष्मा सागर और बॉर्डर, एक छात्र समेत तीन लोगों के खिलाफ हुई थी हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी.
-23 सितंबर को परिजन नगर पालिका में भूख हड़ताल पर बैठे थे और 24 सितंबर को डीएम एसपी ने सीबीआई जांच का भरोसा देकर भूख हड़ताल से उठवा दिया था.
-उसके बाद एसटीएफ आगरा को छात्रा की मौत की जांच सौंपी गई लेकिन एसटी अभी नहीं कर सकी थी खुलासा
-15 नवंबर को आगरा फॉरेंसिक रिपोर्ट में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई
-1 दिसंबर को एसपी अजय शंकर मैनपुरी को हटाया था और 2 दिसंबर को डीएम को भी हटा दिया गया था.
-सीएम ने एसआईटी गठित की थी जिसमें कानपुर आईजी मोहित अग्रवाल अध्यक्ष थे और एसपी मैनपुरी अजय कुमार सदस्य एसटीएफसी ओ श्यामकांत सदस्य है.

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First published: February 6, 2020, 4:21 PM IST
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