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UP Assembly Election 2022: शिवपाल यादव बोले- किसी बड़े दल से होगा 2022 में उनकी पार्टी का गठबंधन

शिवपाल बोले- किसी बड़े दल से होगा 2022 में उनकी पार्टी का गठबंधन

शिवपाल बोले- किसी बड़े दल से होगा 2022 में उनकी पार्टी का गठबंधन

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने कहा कि 2022 में सरकार बनने के बाद प्रत्येक घर से एक बेटा और बेटी को नौकरी दिलवाएंगे. वहीं, बिजली बिल माफ करने के अलावा प्रति परिवार 250 यूनिट मुफ्त बिजली दिलाई जाएगी.

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मैनपुरी. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने दावा किया है कि उनकी इच्छा किसी बड़े दल से गठबंधन करके 2022 यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की है. यह उम्मीद है कि बहुत ही जल्द पूरी होने की है लेकिन वो किसी दल से होगा यह अभी स्पष्ट नहीं करेंगे. मैनपुरी (Mainpuri) में एक विवाह समारोह में शामिल होने आये शिवपाल सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत मे कहा कि सामान विचारधारा वाली सभी पार्टी भाजपा को हटाने के लिए एक हो जाएं. एक होकर ही भाजपा को हटाने में आसानी होगी. उन्होंने समाजवादी पार्टी से गठबंधन के सवाल पर कहा कि उनकी मंशा किसी बड़े दल से गठबंधन की है उम्मीद है, यह गठबंधन जल्द ही हो जायेगा.

उनकी बातचीत चल रही है लेकिन वो अभी गठबंधन वाले दल का खुलासा नहीं करेंगे. शिवपाल यादव ने कहा कि वो तो काफी पहले से ही इस बात को कहते रहे है कि भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए सभी सेकुलर दलों को एक मंच पर आने की बहुत जरूरत है, तभी भाजपा को सत्ता से दूर किया जा सकता है. उन्होने कहा कि भाजपा लोग संविधान को भी नहीं मानते है इनका सत्ता से दूर जाना बहुत ही जरूरी है. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है तब से देश लगातार नीचे जाता हुआ नजर आ रहा है. भाजपा के राज मे देश कभी भी प्रगति नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि बेशक भाजपा कितने भी सत्ता में आने के सपने देखे लेकिन भाजपा कभी भी सत्ता की वापसी नहीं कर पाएगी.

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शिवपाल ने कहा कि भाजपा के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के नेता हर मुद्दे पर आम जनमानस को गुमराह करते है. इससे पहले इटावा में शिवपाल ने कहा कि 2022 में सरकार बनने के बाद प्रत्येक घर से एक बेटा और बेटी को नौकरी दिलवाएंगे. इसके अलावा बिजली बिल माफ कर के प्रति परिवार को 250 यूनिट मुफ्त बिजली दिलाई जाएगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना रिश्वत के काम नहीं कर रहा है.

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हॉस्टल में संदिग्ध हालात में हुई छात्रा की मौत मामले में SIT की टीम मैनपुरी पहुंची, जांच शुरू

एसआईटी की टीम ने मैनपुरी पहुंचकर नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रा की मौत मामले की जांच शुरू कर दी.

नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रा की मौत के मामले की जांच के लिए एसआईटी की टीम मैनपुरी पहुंची है. बता दें कि 16 सितंबर 2019 को छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी. एसआईटी की टीम ने हत्या से संबंधित सभी दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 17:20 IST
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देवेंद्र चौहान

मैनपुरी. नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रा की मौत के मामले की जांच के लिए एसआईटी की टीम मैनपुरी पहुंची है. बता दें कि 16 सितंबर 2019 को छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी. एसआईटी की टीम ने हत्या से संबंधित सभी दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं. एसआईटी की टीम एक महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट डीजीपी को देगी. ध्यान होगा कि हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक महीने का समय दिया है. हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच की प्रगति रिपोर्ट हाई कोर्ट को भेजी जाए.

कोर्ट में डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया था कि इस मामले की जांच के लिए उन्होंने 6 अनुभवी अफसरों की एसआईटी बनाई है. इस टीम में एडीजी कानपुर जोन के भानु भास्कर, आईजी एटीएस जीके गोस्वामी, आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल, एसपी मैनपुरी अशोक कुमार, एएसपी एसटीएफ राकेश यादव और कानपुर देहात की डिप्टी एसपी तनु उपाध्याय हैं. इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में डीजीपी मुकुल गोयल पेश हुए थे.

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बता दें 16 सितंबर 2019 को नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में फंदे से लटकता छात्रा का शव लटकता मिला था. इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में डीजीपी पेश हुए थे. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि जांच में लापरवाही पर तत्कालीन एएसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में जांच से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व कोर्ट को भी अवगत कराया जाए. साथ ही लड़की के माता-पिता को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति जिला जज मैनपुरी को भी भेजी जाए, जिसे वहां के सभी न्यायिक अधिकारियों को सर्कुलेट किया जाए.

मैनपुरी में छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में SIT का गठन, महीने भर में जांच होगी पूरी

मैनपुरी में नवोदय विद्यालय की छात्रा की मौत मामले में हाईकोर्ट को डीजीपी यूपी ने जानकारी दी है कि एसआईटी का गठन कर दिया गया है.  (File Photo)

UP News: नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में 16 सितंबर 2019 को छात्रा की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई थी. डीजीपी ने बताया कि जांच में लापरवाही पर तत्कालीन एएसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) में नवोदय विद्यालय की छात्रा की मौत के मामले में डीजीपी मुकुल गोयल ने 6 अफसरों की एसआईटी बनाई है. एसआईटी में एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर, आईजी एटीएस जीके गोस्वामी, आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल, एसपी मैनपुरी अशोक कुमार, एएसपी एसटीएफ राकेश यादव और कानपुर देहात की डिप्टी एसपी तनु उपाध्याय होंगी. एसआईटी एक महीने के अंदर जांच पूरी कर डीजीपी को रिपोर्ट देगी.

बता दें 16 सितंबर 2019 को छात्रा की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई थी. नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में फंदे से उसका शव लटकता मिला था. इसी मामले में डीजीपी इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए थे. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि जांच में लापरवाही पर तत्कालीन एएसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है.

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में जांच से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व कोर्ट को भी अवगत कराया जाये. साथ ही लड़की के माता-पिता को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति जिला जज मैनपुरी को भी भेजी जाये, जिसे वहां के सभी न्यायिक अधिकारियों को सर्कुलेट किया जाय.

हाईकोर्ट ने कहा कि बलात्कार के मामले में दो माह में जांच पूरी करने को लेकर सर्कुलर जारी किया जाये और विवेचना पुलिस का प्रशिक्षण कराया जाये. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि मैनपुरी के तत्कालीन रिटायर एसपी को सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान रोक दिया गया है. उन्हें केवल प्राविजनल पेंशन का भुगतान किया जा रहा है.

हाईकोर्ट ने इस दौरान कहा कि स्वर्ग कहीं और नहीं है. सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतान पड़ता है. कोर्ट ने डीजीपी से यह भी कहा कि पुलिस को जांच के लिए ट्रेनिंग की जरूरत है. अधिकांश जांच कांस्टेबल करता है. दरोगा कभी-कभी जाता है.

दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी में दो साल पहले जवाहर नवोदय विद्यालय में एक नाबालिग छात्रा की फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में सवालों का जवाब न दे पाने पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी मुकुल गोयल को रोक लिया था. एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस एके ओझा के खंडपीठ ने डीजीपी के अलावा आईजी मोहित अग्रवाल व इस मामले में गठित एसआईटी के सदस्य पुलिस अधिकारियों को भी गुरुवार को फिर हाजिर होने का निर्देश दिया था.

गौरतलब है कि 16 सितंबर 2019 को 16 वर्षीय एक छात्रा अपने जवाहर नवोदय स्कूल में फांसी पर लटकती मिली थी. पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि आत्महत्या का मामला है. दूसरी ओर उसकी मां ने आरोप लगाया था कि उसे परेशान किया गया, पीटा गया और जब वह मर गई तो उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. घटना को लेकर छात्रों ने प्रोटेस्ट किया था. परिवार ने भी कई दिनों तक धरना दिया था. मृतका के पिता ने मुख्यमंत्री से जांच की गुहार लगाई तो एसआईटी ने जांच की गई. 24 अगस्त 2021 को एसआईटी ने केस डायरी हाईकोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने कहा कि छात्रा के पिता का बयान दर्ज नहीं किया जाना संदेह पैदा करता है.

मैनपुरी में छात्रा की संदिग्ध मौत: इलाहाबाद HC की DGP को फटकार के अब ASP और CO सस्पेंड

हाईकोर्ट ने डीजीपी को साफ शब्दों में कहा था कि या तो आप कार्रवाई करें या फिर हमें कड़े कदम लेने होंगे. जिसके बाद शासन ने ये फैसला किया है. (सांकेतिक फोटो)

UP News: नवोदय स्कूल मैनपुरी में छात्रा की संदिग्‍ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की भूमिका को लेकर जताई थी नाराजगी, कहा था- अधिकारी को हटाएं या फिर सेवा निवृत्ति दे दें.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 23:23 IST
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लखनऊ. मैनपुरी के नवोदय विद्यालय में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को सूबे के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को फटकार लगाई थी और साथ ही प्रयागराज न छोड़ने का निर्देश दिया था. इसी के साथ मामले में पुलिस की भूमिका पर भी नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा था कि एसपी मैनपुरी को तत्काल प्रभाव से हटा दें या फिर उन्हें जबरन सेवा से निवृत्त कर दें. हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए मैनपुरी के तत्कालीन एएसपी और वर्तमान में एटा के एएसपी ओमप्रकाश सिंह को सस्पेंड कर दिया है. वहीं तत्कालीन संबंधित सीओ और वर्तमान में भदोही के सीओ प्रयंक जैन को भी निलंबित कर दिया गया है.
गौरतलब है कि दोनों ही अधिकारी छात्रा की मौत के दौरान मैनपुरी में कार्यरत थे. पुलिस ने मामले को आत्महत्या का माना था जबकि मृतका के परिजन ने दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कही थी. बाद में आगरा से आई एसएफएल रिपोर्ट में भी छात्रा के साथ दुष्कर्म की पु‌ष्टि हुई थी.

उल्लेखनीय है कि मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को तलब किया गया था. गोयल अदालत में हाजिर तो हुए लेकिन मामले में सफाई न दे सके. इस पर उन्हें कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी थी. कोर्ट ने डीजीपी गोयल को कड़े निर्देश दिए कि वे किसी भी हाल में प्रयागराज नहीं छोड़ सकते हैं.
दरअसल मामले में कोर्ट ने छात्रा के फांसी लगा लेने के बाद उसके पंचनामे का वीडियो देखा था. इसमें पुलिस के रवैये पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और डीजीपी गोयल को पूरी तैयारी के साथ गुरुवार को भी कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए.

कोर्ट ने कहा था- कड़े कदम उठाने होंगे
कोर्ट ने कहा कि छात्रा की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखने से ये साफ पता चलता है कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे हैं. कोर्ट ने डीजपी गोयल को सख्त लहजे में कहा कि या तो वे कार्रवाई करें नहीं तो कोर्ट कड़े कदम उठाएगा. अब इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी.
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस एम एन भंडारी और जस्टिस ए के ओझा की खंडपीठ कर रही है.

UP Anganwadi Recruitment 2021: यूपी के इन जिलों में अभी भी शुरू है आंगनवाडी भर्ती, जानें अंतिम तिथि

UP Anganwadi Recruitment 2021: सभी भर्तियां संविदा आधार पर की जाएंगीं.

UP Anganwadi Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश आंगनवाडी भर्ती के तहत राज्य के करीब 53,000 पदों पर भर्ती की जाएगी. सभी भर्तियां संविदा आधार पर की जाएंगीं. जिसके अंतर्गत लगभग 58 जिलों में भर्ती की शुरुआत की गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 21:52 IST
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नई दिल्ली. UP Anganwadi Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंगनवाडी, मिनी आंगनवाडी और सहायिका पदों पर भर्ती अभी भी जारी है. हांलाकि कुछ जिलों में भर्ती प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है. लेकिन अभी भी कई जनपद ऐसे हैं जहां पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए जा रहे हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश आंगनवाडी भर्ती के तहत राज्य के करीब 53,000 पदों पर भर्ती की जाएगी. सभी भर्तियां संविदा आधार पर की जाएंगीं. जिसके अंतर्गत लगभग 58 जिलों में भर्ती की शुरुआत की गई है.

ऐसे में किन जिलों में भर्ती प्रक्रिया अभी भी शुरू है इसकी जानकारी नीचे साझा की जा रही है. इसके अलावा उम्मीदवार चाहें तो इस संबंध में उत्तर प्रदेश अभ्यर्थी बाल विकास सेवा एवं पुष्टहार विभाग की वेबसाइट से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

UP Anganwadi Recruitment 2021: इन जिलों में शुरू है आवेदन प्रक्रिया
बता दें कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर लगभग 10 साल बाद भर्ती आयोजित की जा रही है. ऐसे में उत्तर प्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती के इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए ये एक सुनहरा मौका है. भर्ती के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार इन पदों के लिए केवल वही महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जो उत्तर प्रदेश की निवासी होंगीं. बता दें कि फिलहाल मैनपुरी, इटावा, जालौन, अलीगढ़, देवरिया, कासगंज, लखीमपुर खीरी और मथुरा जिले के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी भी शुरू है. जिनके लिए अंतिम तिथि नजदीक ही हैं. ऐसे में इच्छुक उम्मीदवारों को जल्द से जल्द आवेदन कर लेना चाहिए. उम्मीदवार अंतिम तिथि से सम्बंधित जानकारी विभाग की वेबसाइट में चेक कर सकते हैं.

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पुनर्जन्म का दावाः मौत के 8 साल बाद घर लौटा चंद्रवीर, मम्मी-पापा को पहचाना तो सब रह गए हक्का-बक्का!

मैनपुरी में पुनर्जन्म दावा: मौत के 8 साल बाद जिंदा घर लौटा चंद्रवीर

Ajab-Gazab News: मैनपुरी जिले के ग्राम नगला सलेही के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के 13 साल के बेटे रोहित कुमार की 8 साल पहले मौत हो गई थी. बीते दिनों चंद्रवीर नाम का बालक गांव में आया और दावा किया कि वह उनका बेटा है.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) में पुनर्जन्म का हैरतअंगेज मामला सामने आया है. मैनपुरी में (8) वर्ष के बालक ने पुनर्जन्म की बातों को सबके सामने रख दिया. इतना ही नहीं उसने पुराने गांव में पूर्व जन्म के माता- पिता के सामने आते ही आशीर्वाद भी लिया. लड़के ने अपने पुनर्जन्म का दावा किया और घर-गांव के सभी सदस्यों की पहचान की. दरअसल, मैनपुरी जिले के ग्राम नगला सलेही के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के 13 साल के बेटे रोहित कुमार की आठ साल पहले मौत हो गई थी. गांव के पास से निकली कानपुर ब्रांच की नहर में नहाते वक्त रोहित की डूबने से मौत हो गई थी. प्रमोद कुमार के दो ही बच्चे थे. एक लड़का व एक लड़की जिसमें रोहित की मौत हो चुकी थी.

चंद्रवीर को गांव वाले उसी स्कूल ले गये, जहां वो पहले पढ़ता था, वहां पर जब शिक्षकों ने उससे पूछा कि वो कौन से कक्षा में पढ़ता था तो उसने तुरंत बता दिया. चंद्रवीर की बताई गई पुनर्जन्म की बात क्षेत्र में फैल गयी, जो चर्चा का विषय बनी हुई है. बता दें कि नगला सलेही से करीब चार किलोमीटर दूर नगला अमर सिंह निवासी रामनरेश शंखवार अपने 8 वर्षीय पुत्र चंद्रवीर को लेकर प्रमोद कुमार के घर के बाहर पहुंचे. चंद्रवीर दौड़कर प्रमोद के घर में घुस गया. उस समय प्रमोद और उनकी पत्नी ऊषा घर में नहीं थे. कुछ देर में ही प्रमोद और ऊषा आ गए. चंद्रवीर ने मम्मी-पापा कहते हुए दोनों के पैर छुए. उसने जब बताया कि वह उनका रोहित है, तो दंपति हैरान रह गए.

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जिस बेटे का अंतिम संस्कार उन्होंने 8 साल पहले खुद किया था, वह सामने कैसे हो सकता है. चंद्रवीर ने बताया कि यह उसका दूसरा जन्म है. चंद्रवीर की बात सुनकर दंपति की आंखों से आंसू आ गए. उसे सीने से लगा लिया. नगला सलेही निवासी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का 13 वर्षीय पुत्र रोहित चार मई 2013 को गांव के बच्चों के साथ नहर में नहाने गया था. तभी डूबने से उसकी मौत हो गई थी. पिछले जन्म के पिता रहे प्रमोद कुमार का परिवार अपने बेटे की मौत के गम को बड़ी मुश्किल से भूला था. अब दोबारा बेटे के लौट आने से उसके गम फिर से ताजा हो गया हैं. (रिपोर्ट- देवेंद्र चौहान)

UP: अब मैनपुरी का नाम बदलने की तैयारी, जिला पंचायत की बैठक में रखा गया प्रस्ताव

जिला पंचायत की बैठक में आया मैनपुरी का नाम बदलने का प्रस्ताव.

सोमवार को मैनपुरी जिला पंचायत की पहली बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया के सामने जिले का नाम बदलकर मयन नगर रखने का प्रस्ताव रखा गया. पार्षदों के विरोध के बाद इस पर सहमति नहीं बन सकी.

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देवेंद्र चौहान. 

मैनपुरी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अब मैनपुरी (Mainpuri) जिले का नाम बदलने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. यहां सोमवार को जिला पंचायत (District Panchayat) की पहली बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया के सामने जिले का नाम बदलकर मयन नगर रखने का प्रस्ताव रखा गया. इस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा की गई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी. कुछ पार्षदों ने इस पर ऐतराज जता दिया, जिसके बाद प्रस्ताव पारित नहीं हो सका.

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों का नाम बदला गया है. इसके बाद यूपी का मैनपुरी जिला का नाम बदले जाने की मांग को लेकर यहां चर्चाएं तेज हो गईं. सोमवार को मैनपुरी में जिला पंचायत की पहली बैठक में ही जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव रख दिया गया. इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया ने जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव रखते हुए पार्षदों से इस पर राय मांगी. इसमें मैनपुरी की जगह मयन नगर करने प्रस्ताव था, लेकिन सदस्यों के इस पर विरोध जाहिर कर दिया.

बोर्ड मीटिंग में अन्य सदस्यों ने विरोध करते हुए कहा कि आखिर मैनपुरी का नाम क्यों बदला जाए इसका कारण बताया जाए. इस पर कहा गया कि मयंक ऋषि की तपोभूमि होने के कारण उनके नाम से जिले का नाम रखा जाए. बैठक में कहा गया कि भाषा की अशुद्धियों के चलते इसका नाम मैनपुरी हो गया था. बताया गया है कि बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि प्रस्ताव को समझने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए. इसके बाद अगली बैठक में प्रस्ताव पर पुनः विचार होने का निर्णय लिया गया है. फिरोजाबाद के बाद मैनपुरी में जिला पंचायत की बैठक में मैनपुरी का नाम बदलने का प्रस्ताव रखे जाने के बाद सियासी सुगबुगाहट भी सुनाई देने लगी है.

फिरोजाबाद का बदला जाएगा नाम

इससे पहले फिरोजाबाद जिले का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई है. 31 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें फिरोजाबाद का नाम बदल कर चंद्रनगर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था.

मैनपुरी: 11 साल की बच्ची से तमंचे के बल पर दुष्कर्म का मामला, आरोपी भाजयुमो नेता गिरफ्तार

मैनपुरी में बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी भाजयुमो नेता गिरफ्तार हो गया है.

UP Crime News. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी भाजयुमो नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है.  आरोपी भाजपा नेता दुष्कर्म के आरोप मे फरार चल रहा था.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में किशनी क्षेत्र के एक गांव में एक बच्ची से तमंचे के बल पर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. दुष्कर्म के आरोप में भाजयुमो नेता गोविंद चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी भाजपा नेता दुष्कर्म के आरोप मे फरार चल रहा था. अपने आप को गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसने जहरीला पदार्थ खाकर नाटक किया, लेकिन उसकी चाल नाकाम हो गयी.

मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक एके राय ने दुष्कर्मी भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हए बताया कि थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव में 27 जुलाई को एक 11 वर्षीय बालिका पड़ोसी के घर टीवी देखने गई थी. घर में आरोपी भाजयुमो के अलावा उसके माता पिता भी मौजूद थे. इस बीच आरोपी भाजयुमो नेता नाबालिग बालिका को अपने माता-पिता की नजरों बचाकर बहाने से दूसरे कमरे में ले गया. जहां उसने बालिका के साथ तमंचा के बल पर दुष्कर्म किया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी.

कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि बालिका से दुष्कर्म का आरोपी जिला अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहा है. इस सूचना पर सीओ सिटी अभय नारायण राय, इंस्पेक्टर कोतवाली भानू प्रताप मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया. दुष्कर्म के आरोपी भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी की सूचना पर एसपी अशोक कुमार राय भी जिला अस्पताल पहुंच गए. कोतवाली पुलिस को निगरानी रखे जाने को निर्देशित किया. इसके साथ ही किशनी पुलिस को आरोपी के गिरफ्तारी के संबंध में अवगत कराया गया. कुछ देर बाद वहां पहुंची किशनी पुलिस ने आरोपी गोविंद को अपनी हिरासत में ले लिया.

जिला अस्पताल में पुलिस निगरानी के बीच आरोपी का इलाज चल रहा है. बालिका से दुष्कर्म के मामले में किशनी पुलिस उसकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देता आ रहा था. रविवार को जहर खाने के बाद वह जिला अस्पताल में भर्ती हुआ. इस बात की भनक कोतवाली पुलिस को लग गई. सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि किशनी में बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी युवक के जिला अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है. वह जहर खाने के बाद भर्ती हुआ था. पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है.

Mainpuri News: दुर्घटनाग्रस्त हुई बिहार से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस, एक की मौत, तीन दर्जन से अधिक घायल

मैनपुरी में आगरा एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई डबल डेकर बस

Agra-Lucknow Expressway Accident: करहल थाना क्षेत्र के माइलस्टोन नंबर 93 पर बस वाइडर से टकराते हुए खंबे में जा घुसी. बस दुर्धटनाग्रस्त होने के पीछे चालक को नींद आना बड़ी वजह माना जा जा रहा है. घायलों को उपचार के लिए सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी मे भर्ती कराया गया है.

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इटावा/मैनपुरी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मैनपुरी (Mainpuri) जिले के करहल इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) पर पटना से दिल्ली जा रही प्राइवेट डबल डेकर बस के दुर्धटनाग्रस्त (Accident) हो जाने से बस परिचालक की मौत और 50 के आसपास घायल हो गये. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे मे हताहत सभी की मदद के लिए स्थानीय अफसरों को सख्त निर्देश दिये है. सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी के कुलपति डॉ रमाकांत यादव ने बताया कि करहल थाना क्षेत्र के माइलस्टोन नंबर 93 पर बस वाइडर से टकराते हुए खंबे में जा घुसी. बस दुर्धटनाग्रस्त होने के पीछे चालक को नींद आना बड़ी वजह माना जा जा रहा है. घायलों को उपचार के लिए सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी मे भर्ती कराया गया है.

सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी के कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने बताया कि बस हादसे के बाद सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी मे 37 घायलों को भर्ती कराया गया जिनमें से 32 की स्थिति सामान्य है. सभी खतरे से बाहर है. गुरुवार तड़के आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से होते हुए बिहार के हाजीपुर से 100 से अधिक यात्रियों को लेकर बस आ रही थी. सुबह करीब साढ़े पांच बजे बस जब मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के गांव नगला धारा के सामने आई, उसी समय अचानक बस एक्सप्रेस-वे के संकेतांक बोर्ड के पोल से टकरा गई. बस के टकराने से बस में सवार सवारियों में भगदड़ मच गई. बस का परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया. सूचना पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए. एंबुलेंस से घायलों को सैफई भेजा गया.

ये हुए घायल
हादसे में बस का परिचालक राकेश कुमार निवासी मुजफ्फरपुर बिहार की मौत हो गई. हादसे में अवधेश कुमार, जुगल किशोर, रिंकू, अभिषेक कुमार लाल सिंह, अंजू, रंजीत कुमार व संजीत कुमार निवासी गढ़ मुजफ्फरपुर बिहार, सुनीता, विश्राम सिंह, रिंकी, संतलाल, गोलू, रंजना, रेखा, अर्जुन, कौशल्या, सत्येंद्र, पासवान प्रमिला मुस्कान रविंदर मुकेश कुमार व दिनेशराय जगदेव पंडित निवासी गढ़ वैशाली बिहार तथा राजू, रामदयाल, धर्मेंद्र विनोद, विनोद कुमार, शिवमंगल सिंह, अनूप कुमार, सोनू, आलोक कुमार, खुशीलाल, विपिन कुमारी व रविंद्र सिंह निवासी गण हाजीपुर बिहार घायल हुए हैं.

Mainpuri News: 40 साल से साधु के भेष में छिपा था चौहरे हत्याकांड का दोषी यतेंद्र त्रिपाठी, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

40 साल से फरार दोष सिद्ध कैदी लखनऊ से गिरफ्तार

Mainpuri Police: यतेंद्र साधु के भेष जिंदगी जी रहा था. हत्या के दोष सिद्ध आरोपी को किशनी पुलिस ने राज्य की राजधानी लखनऊ से गिरफतार किया है. आज इस हत्यारे की उम्र करीब 61 साल है और चौहरे हत्याकांड के समय हत्यारे की उम्र मात्र 21 साल ही थी.

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मैनपुरी. कानून के हाथ लंबे ही नहीं बहुत लंबे होते है, यह कहावत उस समय सच साबित हो गई जब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की मैनपुरी पुलिस (Mainpuri Police) ने 43 साल पहले हुए चौहरे हत्याकांड के फरार चल दोष सिद्ध आरोपी को गिरफतार करने में कामयाबी मिल गई. मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक एके राय ने 40 साल से फरार चल रहे दोषी की गिरफतारी की पुष्टि करते हुए न्यूज 18 को बताया कि पुलिस का यह कार्य बेहद ही सराहनीय और काबिलेतारीफ है. यतेंद्र त्रिपाठी की ही तरह अन्य आरोपियो की भी जल्द गिरफतारी की जायेगी. उन्होंने बताया कि यतेंद्र साधु के भेष जिंदगी जी रहा  था. हत्या के दोष सिद्ध आरोपी को किशनी पुलिस ने राज्य की राजधानी लखनऊ से गिरफतार किया है. आज इस हत्यारे की उम्र करीब 61 साल है और चौहरे हत्याकांड के समय हत्यारे की उम्र मात्र 21 साल ही थी. इस पर पुलिस ने दस हजार रूपये का इनाम भी घोषित किया था.

43 वर्ष पूर्व जमीनी विवाद को लेकर हुए चौहरे हत्याकांड में फरार चल रहे हत्यारोपी यतेंद्र त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. घटना के बाद से फरार चल रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. हत्यारोपी पहचान छिपाकर लखनऊ के आशियाना में रह रहा था. सीओ भोगांव अमर बहादुर सिंह के नेतृत्व में किशनी, कुसमरा पुलिस की टीमों ने आरोपी की गिरफ्तारी की. पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेजा गया.

1978 मे हुआ था चौहरा हत्याकांड
किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला तारा में 5 जून 1978 को जमीनी विवाद को लेकर मदन सिंह पुत्र विजय बहादुर, महेंद्र पुत्र विजय बहादुर, सरमन पुत्र तेजबहादुर, ललित पुत्र कौशलेंद्र उर्फ नेकसे की हत्या कर दी गई थी. इस चौहरे हत्याकांड में रामकृपाल पुत्र बैजनाथ निवासी सकरा थाना किशनी, राजनाथ पुत्र देवनाथ, सुरेंद्र पुत्र राजनाथ, यतेंद्र पुत्र राजनाथ, गजेंद्र पुत्र रामेश्वर दयाल निवासीगण नगला तारा थाना किशनी, गोविंद पुत्र सुखवासीलाल निवासी हदुआ थाना बेवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था. पुलिस ने उपरोक्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

मैनपुरी कोर्ट ने पांच को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
इस सामूहिक हत्याकांड में रामकृपाल, राजनाथ, सुरेंद्र, यतेंद्र, गजेंद्र को 1981 में आजीवन कारावास की सजा अपर जिला जज द्वितीय मैनपुरी कोर्ट में सुनाई गई थी. रामकृपाल, राजनाथ, सुरेंद्र, यतेंद्र की गिरफ्तारी हुई और इन्हें जेल भेज दिया गया. यतेंद्र इस मामले में 57 दिन जेल में रहा और जमानत पर बाहर आ गया. इसी बीच हत्यारोपी गजेंद्र ने आजीवन कारावास की सजा के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसमें यतेंद्र समेत पांचों आरोपियों को जमानत मिल गई.

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटा
आरोपियों को जमानत मिली तो वादी पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की. सुप्रीम कोर्ट ने भी मैनपुरी कोर्ट की ओर से दी गई आजीवन कारावास की सजा को सही माना और आरोपियों की गिरफ्तारी के वारंट जारी करा दिए गए. वारंट जारी होने के बाद राजनाथ, सुरेंद्र को जेल भेज दिया गया, लेकिन गजेंद्र, रामकृपाल और यतेंद्र फरार हो गए. उधर जेल भेजे गए राजनाथ और सुरेंद्र की फतेहगढ़ जेल में मौत हो गई.

40 साल से तीन हत्यारोपी फरार
सामूहिक हत्याकांड के आरोपी रामकृपाल, यतेंद्र और गजेंद्र 1981 से लगातार फरार चल रहे हैं. इनकी गिरफ्तारी के वारंट भी जारी हैं. कोर्ट इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार निर्देश दे रहा था. इसके बाद एसपी अशोक कुमार राय ने तीनों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया. एसपी के निर्देश पर सीओ अमर बहादुर सिंह के निर्देशन में एसओ किशनी अजीत कुमार और कुसमरा चौकी इंचार्ज जैकब फर्नांडिज की दो टीमें बनाई गई और उन्हें लखनऊ भेजा गया.

घटना के समय यतेंद्र की उम्र थी 21 साल
लखनऊ के आशियाना से आरोपी यतेंद्र की गिरफ्तारी कर ली गई. आरोपी यतेंद्र ने बताया कि सजा का फैसला आने के बाद वह लखनऊ चला गया था और वहीं मंदिरों में रहकर समय बिता रहा था. उसने लखनऊ में प्राइवेट नौकरी भी की. घटना के समय उसकी उम्र 21 साल थी. अब उसकी उम्र 61 साल हो गई है. अब वह एक पुत्री और एक पुत्र का पिता है.

मुलायम के पोते तेज प्रताप की धमकी, 'सपा की सरकार बनी तो BJP वाले नामाकंन नहीं कर पाएंगे'

सपा की सरकार बनी तो BJP वाले नामाकंन नहीं कर पाएंगे

मैनपुरी (Mainpuri) में भी शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) सपा के इसी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे.

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इटावा/ मैनपुरी. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) संपन्न हो चुके हैं. इसी कड़ी में मैनपुरी में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता और मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने बीजेपी को धमकी दी है. तेज प्रताप ने कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो बीजेपी के लोग नामाकंन भी नहीं कर पाएंगे. तेज प्रताप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

बता दें कि तेज प्रताप मैनपुरी में सपा के सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर पंचायत चुनाव में गुंडई करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो उन्हें उनकी ही भाषा मे जवाब दिया जायेगा. बीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता अपना नामांकन भी नहीं कर पायेगा. तेज प्रताप ने ये भी कहा कि पंचायत चुनाव में जो कुछ हुआ है वह लोकतंत्र की हत्या है. पूर्व सांसद के बयान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गौरतलब है कि तमाम मुद्दों को लेकर सपा बीजेपी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही है. मैनपुरी में भी शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. तेज प्रताप यादव सपा के इसी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे.



BJP ने 626 सीटों पर जमाया कब्जा
बता दें कि यूपी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सूबे की सत्‍ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने रिकॉर्ड जीत हासिल की है. यूपी की 825 ब्लॉकों में से भाजपा को 626 सीट मिली हैं. जबकि समाजवादी पार्टी ने 98 सीटों पर जीत दर्ज की है.

सीएम योगी ने कही ये बात
इससे पहले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने आज से 7 साल पहले इस देश को 'सबका साथ सबका विकास' का नारा दिया था. जो योजनाएं बनाईं, वो जनता तक पहुंचीं भी. प्रदेश सरकार और संगठन ने योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया. पंचायत चुनाव के परिणाम इसी का जीवंत उदाहरण हैं.

मैनपुरी में ऑनर किलिंग के आरोपी को HC ने जमानत देने से किया इंकार, कहा- झूठी शान के लिए...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी के एक ऑनर किलिंग केस में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है. (File photo)

Allahabad High Court News: ज्योति ने परिवारवालों की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के लड़के राहुल से शादी की थी. इससे नाराज परिजनों ने दोनों की हत्या कर दी. मैनपुरी जिले में मामले में एफआईआर दर्ज हुई है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने ऑनर किलिंग (Honour Killing) के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को जमानत (Bail) देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि झूठी शान के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीनने का किसी को हक नहीं है. कोर्ट ने ऑनर किलिंग में शामिल हमलावर गुलशन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. याची पर अपनी बहन व उसके प्रेमी की परिवार के साथ मिलकर हत्या का आरोप है.

हाईकोर्ट ने कहा कि झूठी शान, सम्मान के नाम पर हत्या करने वालों का समाज में कोई स्थान नहीं है. किसी को भी किसी की वैयक्तिक स्वतंत्रता छीनने का हक संविधान नहीं देता. हर किसी को अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का अधिकार है. परिवार के लोगों को उस सदस्य को समाप्त करने का अधिकार नहीं है.

ये है पूरा मामला

बता दें ज्योति ने परिवारवालों की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के लड़के राहुल से शादी की थी. इससे नाराज परिजनों ने दोनों की हत्या कर दी. मैनपुरी जिले में मामले में एफआईआर दर्ज हुई है. याची अधिवक्ता ने दलील दी कि उसने हत्या नहीं की है, उस पर केवल चश्मदीद गवाह रोहित कुमार पर हमला करने का आरोप है. लेकिन कोर्ट ने कहा याचिका एक्टिव रोल है इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती. जस्टिस जेजे मुनीर की एकल पीठ ने ये आदेश दिया है.

इनपुट: सर्वेश दुबे

UP: मैनपुरी में ट्रक से जा टकराई NCC कैडेट्स की बस, 22 घायल, 6 की हालत नाजुक

मैनपुरी में ट्रक से जा टकराई NCC कैडेट्स की बस

सूचना पर पहुंची पुलिस (Police) ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी में भर्ती कराया. जहां से 6 लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) जिले में रविवार की सुबह ग्वालियर-बरेली हाईवे पर एनसीसी कैडेट्स (NCC Cadets) को लेकर जा रही रोडवेज बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई. हादसे में 22 एनसीसी कैडेट्स घायल हो गईं. इनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है. इन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. बताया जाता है कि हादसा बस चालक की लापरवाही के कारण हुआ है. छात्राओं ने बताया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था.

घटना किशनी थाना क्षेत्र में नगला अखे की है. जानकारी के मुताबिक इटावा जनपद स्थित केके डिग्री कॉलेज की एनसीसी कैडेट्स रोडवेज की अनुबंधित बस से फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ जा रही थीं. वहां डीएनसी विद्यालय में सुबह 10 बजे से सी सर्टिफिकेट की परीक्षा थी. इसी बीच गांव नगला अखे के पास एनसीसी कैडेट्स की बस की टक्कर आगे चल रहे ट्रक से हो गई. टक्कर होते ही बस में चीख-पुकार मच गई.

UP News: गाजियाबाद के DM की अनोखी पहल, अब बेटियों के नाम से घर की लगाई जाएगी नेम प्लेट

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी में भर्ती कराया. जहां से 6 लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है. इनमें नीलम, वैशाली, दिव्या, शोभा, तृप्ती और निकिता हैं. इन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. हादसे की जानकारी होने पर एसडीएम रामसकल मौर्य ने सीएचसी पहुंचकर वहां भर्ती एनसीसी कैडेट्स के हाल की जानकारी ली.

UP: वाराणसी, आगरा, गोरखपुर सहित 12 जेलों के अधीक्षक बदले गए, देखिए ट्रांसफर लिस्ट

यूपी सरकार ने कई जेलों की अधीक्षकों का ट्रांसफर किया है.

Lucknow News: अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार अरुण कुमार सक्सेना, अधीक्षक को मुजफ्फरनगर से वाराणसी जेल ट्रांसफर कर दिया गया है. वहीं प्रेमदास सलोनिया को रामपुर से आगरा भेजा गया है. आगरा में तैनात शशिकांत मिश्रा को अयोध्या ट्रांसफर किया गया है.

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लखनऊ. यूपी सरकार ने शनिवार को एक दर्जन जेल अधीक्षकों (Jail Superintendent) का तबादला (Transfer) कर दिया है. इनमें वाराणसी (Varanasi), कानपुर देहात (Kanpur Dehat), गाजीपुर (Ghazipur), गोरखपुर (Gorakhpur), नोएडा (NOIDA), मऊ (Mau) और मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) की जेलों में नए जेल अधीक्षकों को तैनाती मिली है.

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार अरुण कुमार सक्सेना, अधीक्षक को मुजफ्फरनगर से वाराणसी जेल ट्रांसफर कर दिया गया है. वहीं प्रेमदास सलोनिया को रामपुर से आगरा भेजा गया है. अब तक आगरा में तैनात शशिकांत मिश्रा को अयोध्या ट्रांसफर किया गया है.

अरुण प्रताप सिंह को मिली नोएडा जेल में तैनाती

इसी तरह वरिष्ठ अधीक्षक रामधनी को फतेहगढ़ जेल भेजा गया है, जबकि राजेंद्र कुमार कानपुर देहात के जेल अधीक्षक बने हैं. वहीं गाजीपुर में हरिओम शर्मा को तैनाती दी गई है, जबकि अरुण प्रताप सिंह नोएडा के जेल अधीक्षक बनाए गए हैं. इसी तरह भीमसेन मुकुंद की मऊ तैनाती हुई है, जबकि सीताराम शर्मा को मुज़फ्फरनगर भेजा गया है.

जानिए किसे मिली, कहां तैनाती?

रामधनी, वरिष्ठ अधीक्षक- गोरखपुर से फतेहगढ़

राजेंद्र कुमार, अधीक्षक- गाजीपुर से कानपुर देहात

हरिओम शर्मा, अधीक्षक- मैनपुरी से गाजीपुर

अरुण प्रताप सिंह, अधीक्षक- कानपुर देहात से नोएडा

भीमसेन मुकुंद, अधीक्षक- नोएडा से मऊ

सीताराम शर्मा, अधीक्षक- उरई से मुजफ्फरनगर

अरुण कुमार सक्सेना, अधीक्षक- मुजफ्फरनगर से वाराणसी

प्रेमदास सलोनिया, अधीक्षक- रामपुर से आगरा

शशिकांत मिश्रा, अधीक्षक- आगरा से अयोध्या

बृजेश कुमार, अधीक्षक- अयोध्या से मथुरा

ओम प्रकाश कटियार, अधीक्षक- बुलंदशहर से गोरखपुर

अविनाश गौतम, अधीक्षक- मऊ से रायबरेली

इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी

मुलायम की भतीजी ने रीकाउंटिंग के लिए दायर की याचिका, लड़ा था जिला पंचायत सदस्य का चुनाव

मैनपुरी में मुलायम सिंह की भतीजी ने पंचायत चुनाव में रिकाउंटिंग के लिए कोर्ट में याचिका लगाई है.

मैनपुरी में घिरोर विकासखंड के वार्ड संख्या 18 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हारने वाली संध्या यादव ने जिला जज की कोर्ट में पुनर्मतगणना के लिए याचिका दायर की है. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में घिरोर विकासखंड के वार्ड संख्या 18 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हारने वाली संध्या यादव ने जिला जज की कोर्ट में पुनर्मतगणना के लिए याचिका दायर की है. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. न्यायालय ने निर्वाचन अधिकारी से मामले में विस्तृत आख्या मांगी है. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी और पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव की बहन संध्या यादव ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा की ओर से घिरोर ब्लॉक के वार्ड संख्या 18 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था. उन्हें सपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार ने हराया है.

चुनाव हारने के बाद संध्या यादव ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया था. अब उन्होंने जिला जज की कोर्ट में पुनर्मतगणना कराने के लिए याचिका दायर की है. मंगलवार को याचिका पर सुनवाई की गई. याचिका की सुनवाई कर रही कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करने के लिए निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत आख्या मांगी है. अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा ने संध्या को समर्थन देकर उनकी कुर्सी बचाई थी. इसके बाद संध्या यादव ने भी भाजपा का दामन थाम लिया.

भाजपा की ओर से लड़ा चुनाव 

निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव ने इस बार चुनाव भाजपा की ओर से लड़ा है. पूर्व में उन्होंने सपा की ओर से चुनाव लड़ा था. संध्या यादव के पति अनुजेश प्रताप यादव के भाजपा में शामिल होने पर सात जुलाई 2015 को सदर सीट से सपा विधायक राजकुमार उर्फ राजू की अगुवाई में एक धड़ा उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था. संध्या यादव के पति अनुजेश यादव का कहना है कि मतगणना में कुछ अनियमितता बरती गई हैं. इसी आधार पर पुनर्मतणना के लिए याचिका दी गई है. अब अदालत के फैसले का इंतजार है.

सात प्रत्याशी थे मैदान में 

भाजपा समर्थित प्रत्याशी संध्या यादव घिरोर ब्लॉक के वार्ड 18 से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी थीं. इस वार्ड से कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे. सपा समर्थित प्रमोद कुमार ने भाजपा समर्थित संध्या यादव को 1907 वोटों से पराजित किया है. प्रमोद कुमार को 7905 तथा संध्या यादव को 5998 वोट मिले. अभिलाख यादव को 2320, माखन सिंह को 1692, प्रवेश को 439,  विजय पाल सिंह 429, ऋषि कुमार को 370 वोट मिले.

करौली: अंतरराज्यीय ठग गिरोह दबोचा, UP ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का 1 करोड़ हड़पने का प्रयास कर रहा था

पूछताछ में हेमंत कुशवाहा ने मैनपुरी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के खाते से जालसाजी कर चेक प्राप्त करना स्वीकार किया है.

Interstate thugs gang Arrested: करौली पुलिस ने उत्तरप्रदेश के ठग गिरोह को दबोचा है. यह गिरोह एक स्थानीय निवासी की मदद से उत्तर प्रदेश ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Uttar Pradesh Rural Employment Guarantee Scheme) का 1 करोड़ रुपये हड़पने का प्रयास कर रहा था.

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करौली. जिला पुलिस ने फर्जी चैक के माध्यम से उत्तर प्रदेश ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Uttar Pradesh Rural Employment Guarantee Scheme) के पैसे को निकालने का प्रयास करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह (Interstate thugs gang) को दबोचने में सफलता हासिल की है. पकड़े गये ये ठग एक स्थानीय गौशाला के खाते में 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन इस दौरान शाखा प्रबंधक को संदेह हो गया तो उसने पुलिस को फोन कर दिया. उसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक स्थानीय आरोपी सहित पांच ठगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है.

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि पकड़े गये ठग उत्तर प्रदेश ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की राशि को फर्जी चैक के जरिये 1 करोड़ रुपए की राशि साईं राम गौ सेवा समिति महोली करौली के खाते में डालने का प्रयास कर रहे थे. पकड़े गये आरोपियों में हेमंत कुशवाह, शैलेश मिश्रा, केदार जाट और अमित कुशवाह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं जबकि और नरसी माली करौली का रहने वाला है. इन्होंने करौली के गुलाब बाग स्थित एसबीआई बैंक में गौ सेवा समिति के खाते में 1 करोड़ रुपए की राशि स्थानांतरित करने के लिए चैक दिया था.

बैंक प्रबंधक को शक हुआ तो उसने बुलाई पुलिस
इस दौरान बैंक के शाखा प्रबंधक को शक हो गया और उसने पुलिस को इसकी सूचना दे दी. इस पर पुलिस ने बैंक पहुंचकर संदिग्धों से पूछताछ की. उस दौरान बैंक में मौजूद हेमंत कुशवाहा, नरसी माली और शैलेश मिश्रा ने पुलिस को अलग-अलग बयान दिए. इसके बाद कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके 2 साथी बैंक के बाहर एक लग्जरी कार में बैठे हैं. इस पर पुलिस ने लग्जरी कार को भी जब्त कर लिया और उसमें बैठे केदार जाट तथा अमित कुशवाहा समेत सभी आरोपियों गिरफ्तार कर लिया.

जालसाजी कर चेक प्राप्त करना स्वीकारा
पूछताछ में हेमंत कुशवाहा ने मैनपुरी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के खाते से जालसाजी कर चेक प्राप्त करना स्वीकार किया है. इसके साथ ही उसने बताया कि किसी को शक ना हो इसलिए स्थानीय गौ सेवा समिति सदस्य नरसी माली से संपर्क कर चैक को साईंराम गौ-सेवा समिति के खाते में क्लीयर कराने का प्रयास किया. एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि साईं राम गौ सेवा समिति केवल कागजों में ही संचालित है. पुलिस उसके लेनदेन एवं कार्यप्रणाली की जांच रही है. ठग गिरोह द्वारा की गई अन्य वारदातों के खुलासे के लिए पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

मैनपरी: ड्यूटी के दौरान मां के निधन की आई कॉल, फिर भी घर नहीं गया एंबुलेंस चालक, करता रहा काम

प्रभात के समर्पण को देखते हुए अजय ने उसे मथुरा से मैनपुरी के लिए परिवहन की व्यवस्था कराई. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) के रहने वाले प्रभात यादव ऐंबुलेंस चालक हैं. 15 मई की रात को उनके पास कॉल आई कि उनकी मां का निधन हो गया है.

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मैनपुरी. कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है. रोज कोरोना से संक्रमित हजारों मरीजों की मौत हो रही है. वहीं, इस महामारी में लोगों की लाचारी का कई लोग फायदा भी उठा रहे हैं. कोई ब्लैक में काफी महंगे कीमत पर दवाइयां बेच रहा है तो कहीं एंबुलेंस चालक (Ambulance driver) थोड़ी दूर तक ले जाने के लिए मरीजों से हजारों रुपए की डिमांड कर रहे हैं. ऐसे कई मामलों में कई राज्यों में एबुलेंस चालक गिरफ्तारी भी हुई है. लेकिन इन सभी के बीच मैनपुरी (Mainpuri) में एक एंबुलेंस चालक ने अपने सेवा भाव और निर्णय से सबको चौंका दिया है. अब उसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले प्रभात यादव ऐंबुलेंस चालक हैं. 15 मई की रात को उनके पास कॉल आई कि उनकी मां का निधन हो गया है. उस समय प्रभात मरीज को लेकर अस्पताल जा रहे थे. ऐसे में उनके पास लगातार फोन आ रहे थे. लेकिन प्रभात ने पहले मरीज को अस्पताल पहुंचाना अपना फर्ज समझा. लेकिन खास बात यह है कि वे उस मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद भी घर नहीं गए. बल्कि सुबह तक प्रभात ने 15 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया. वे अपनी शिफ्ट खत्म करने के बाद ही घर गए.

प्रभात यादव पिछले 9 साल से 108 सर्विस ऐंबुलेंस चला रहे हैं. पिछले साल मार्च में, जब सभी जिला ऐम्बुलेंस कोविड रोगियों के लिए निर्धारित किए गए थे, वह भर्ती होने वाले पहले लोगों में से थे. उनकी कोविड ड्यूटी नवंबर तक जारी रही. इस साल भी प्रभात को अप्रैल में फिर से कोविड ड्यूटी पर लगाया गया था. वहीं, मथुरा की 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं के कार्यक्रम प्रबंधक अजय सिंह ने कहा कि मैंने प्रभात को मां के दाह संस्कार के बाद कुछ दिनों के लिए घर पर रहने के लिए कहा था. लेकिन वह कोरोना मरीजों की मदद करना चाहता था. वह एक समर्पित कर्मचारी है.

सुबह की शिफ्ट के लिए रिपोर्ट किया
प्रभात के समर्पण को देखते हुए अजय ने उसे मथुरा से मैनपुरी के लिए परिवहन की व्यवस्था कराई, जिस दिन उनकी मां की मृत्यु हुई थी. क्योंकि लॉकडाउन के चलते प्रभात को कोई पब्लिक परिवहन नहीं मिल रहा था. प्रभात अगले दिन 1.30 बजे वापस आ गया और सुबह की शिफ्ट के लिए रिपोर्ट किया.

समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी में BJP हुई परास्त, मुलायम की भतीजी भी नहीं खिला सकी कमल

मैनपुरी में बीजेपी का कमल नहीं खिला सकीं मुलायम की बागी भतीजी संध्या यादव

Mainpuri Zila Panchayat Chunav Results: सैफई परिवार की बागी बेटी की हार से सपाइयों में खुशी है तो वही बीजेपी नेताओं के चेहरों पर मायूसी है. जिला पंचायत चुनाव में संध्या यादव को सपा प्रत्याशी ने 1907 वोटों से करारी शिकस्त दी.

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मैनपुरी. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की भतीजी और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन संध्या यादव (Sandhya Yadav) को मोहरा बनाकर बीजेपी (BJP) ने सियासी चाल चली थी. इसके बावजदू भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मुलायम के गढ़ मैनपुरी (Mainpuri) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने करारी शिकस्त दी है. जहां सैफई परिवार की बागी बेटी की हार  से सपाइयों में  खुशी है तो वही बीजेपी नेताओं के चेहरों पर मायूसी है. जिला पंचायत चुनाव में संध्या यादव को सपा प्रत्याशी ने 1907 वोटों से करारी शिकस्त दी.

मैनपुरी को समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है. यहां से पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव सांसद है. इस जिले में 4 विधानसभा सीटें हैं, जिनमे से तीन पर सपा का कब्जा है. जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भी वर्ष 1991 से सपा के कब्जे में है. सत्ता में काबिज बीजेपी अब यहां से जिला पंचायत अध्यक्ष अपने खेमे में लाना चाहती थी, लेकिन संध्या यादव की हार के बाद बीजेपी का यह सपना चूर-चूर हो गया. संध्या यादव ने यादव परिवार से बगावत कर बीजेपी के टिकट पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था और आखिरकार वह इस चुनाव में हार गईं. सपा समर्थित प्रत्याशी ने उन्हें करारी शिकस्त दी. संध्या की हार के साथ ही उनकी अध्यक्ष की पद पर दावेदारी नहीं रही. अब जुगाड़ पर टिकी कोशिश में बीजेपी को अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदार तलाशना पड़ेगा.

सपा का किला बरकरार
बीजेपी भले ही संध्या यादव की हार के बाद मजबूत प्रत्याशी को तलाशने में जुटी हो, लेकिन सच तो यह है जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बहुमत से बीजेपी काफी दूर है. मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के आगे बीजेपी को हर बार मुंह की खानी पड़ती है. पंचायत चुनाव में भी समाजवादी पार्टी ने अपना परचम लहरा दिया है. इस बार सपा को 12, बीजेपी को 8, निर्दलीयों को 9 और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है.

पूर्व सांसद को दिया क्रेडिट
सपाई कहते हैं कि मैनपुरी में पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत का श्रेय पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को जाता है. पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव ने सैफई में बैठकर सियासी रणनीति तैयार की थी. इस बार उन्हीं के इशारे पर सभी प्रत्याशियों को उम्मीदवार बनाया गया था. जिसका नतीजा यह रहा कि मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ने अपना परचम लहरा दिया.

UP Zila Panchayat Chunav Results: मुलायम के गढ़ में बीजेपी को 8 सीटें, जानें सपा, बसपा और कांग्रेस का हाल

यूपी पंचायत चुनाव में मैनपुरी जिले में सपा ने 12 सीटों पर कब्ज़ा जमाया (File Photo)

Mainpur Zila Panchayat Chunav Results: जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका अहम होती है. ऐसे में जब किसी को बहुमत नहीं मिला है तो सपा और बसपा की निगाहें निर्दलियों की तरफ हैं.

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मैनपुरी. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संस्थापक मुलयम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के संसदीय क्षेत्र मैनपुरी (Mainpuri) में जिला पंचायत सदस्य चुनाव (Zila Panchayat Sadasy Chunav) के नतीजे आ गए हैं. 30 सीटों के लिए हुए चुनाव में निर्दलियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. हालांकि समाजवादी पार्टी ने सर्वाधिक 12 सीटों पर कब्ज़ा किया है, जबकि बीजेपी आठ सीटें ही जीत पाई है .नौ. सीटें निर्दलियों के खाते में गई है, एक सीट कांग्रेस जीतने में कामयाब रही है. बसपा का खाता नहीं खुला.

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका अहम होती है. ऐसे में जब किसी को बहुमत नहीं मिला है तो सपा और बसपा की निगाहें निर्दलीयों पर हैं. सपा को जिला अध्यक्ष बनाने के लिए चार सदस्यों के वोट की जरुरत होगी, तो वहीं बीजेपी को आठ सदस्यों के वोट का जुगाड़ करना होगा. ऐसे में कहा जा सकता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की चाबी अब निर्दलियों के हाथ में है.

किस पार्टी से कौन जीता

1-शुभम सिंह सपा
3-गजराज सिंह यादव निर्दलीय
3-राजेश खटीक सपा
4-पिंटू सिसोदिया भाजपा
5-विमला शाक्य निर्दलीय
6-अमित कठेरिया सपा
7-नीलम दिवाकर निर्दलीय
8-मनोज यादव सपा
9-सपना वर्मा भाजपा
10 उजागर राजपूत निर्दलीय
11-जितेंद्र राजपूत भाजपा
12-सुनील राजपूत भाजपा
13अभिषेक यादव सपा
14शिवम यादव निर्दलीय
15 संगीता यादव सपा
16यदुवंश यादव सपा
17अंजनी भदोरिया भाजपा
18-प्रमोद यादव सपा
19- सुजान सिंह यादव निर्दलीय
20- रघुराज यादव सपा
21गौरव यादव निर्दलीय
22. रेनू शाक्य भाजपा
23- मनीष यादव सपा
24- लालू यादव निर्दलीय
25- सीबी यादव सपा
26- सारिका चौहान भाजपा
27- विनीता शाक्य कांग्रेस
28- जर्मन यादव निर्दलीय
29- लक्ष्मी जाटव सपा
30- सुमन चौहान भाजपा

(Note: खबर लिखे जाने तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. वार्ड संख्या 28 और वार्ड संख्या 29 को लेकर सस्पेंस है.)

Mainpuri Zila Panchayat Results 2021: मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव की हुई हार, परिवार से बगावत कर बीजेपी से लड़ा था चुनाव

मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव हारीं जिला पंचायत सदस्य का चुनाव

Mainpuri Panchayat Chunav Results 2021: पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन संध्या यादव बीजेपी के टिकट से वार्ड संख्या 18 से मैदान में थीं. उन्होंने सपा नेता प्रमोद यादव की पत्नी ने हराया. हालांकि अभी नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) में वोटों की गिनती दूसरे दिन भी जारी है. अभी तक 70 फ़ीसदी तक परिणाम घोषित हो चुके हैं. उम्मीद है कि शाम तक सभी पदों के लिए नतीजे घोषित कर दिए जायेंगे. इस बार के पंचायत चुनाव में बड़े-बड़े दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा है. इसी क्रम में मैनपुरी (Mainpuri) जिले में यादव परिवार से बगावत कर बीजेपी के टिकट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की भतीजी संध्या यादव (Sandhya Yadav) को करारी शिकस्त मिली है.

पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन संध्या यादव बीजेपी के टिकट से वार्ड संख्या 18 से मैदान में थीं. उन्होंने सपा नेता प्रमोद यादव की पत्नी ने हराया. हालांकि अभी नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

सपा का दबदबा बरकरार
गौरतलब है कि मैनपुरी में 30  जिला पंचायत सदस्यों के लिए मतों की गिनती जारी है. अभी तक के परिणाम और रुझानों में समाजवादी पार्टी का वर्चस्व दिख रहा है. 30 में से 5 सीटें सपा जीत चुकी है और 11 पर आगे चल रही है. बीजेपी दो सीटें जीत चुकी है और चार सीटों पर आगे चल रही है. पांच सीटों पर निर्दलीय भी आगे हैं. बसपा का खाता नहीं खुला है.

वेवर ब्लॉक
वार्ड नंबर 5 से विमला देवी  विजयी
वार्ड 6 से अमित कठेरिया (सपा)
वार्ड 7 से नीलम दिवाकर
वार्ड 8 से मनोज यादव ने लहराया परचम(सपा)

किशनी ब्लॉक
वार्ड 1 सपा सुभम सिंह
वार्ड 2- गजराज यादव (निर्दलीय)
वार्ड 3- सपा राजेश खटीक
वार्ड 4 -भाजपा योगेंद्र प्रताप

घिरोरो ब्लॉक
वार्ड -19 सुजान सिंह निर्दलीय
वार्ड- 18 सपा
वार्ड- 16 यदुवंश कुमार (सपा)
वार्ड-17 अर्चना भदौरिया(भाजपा)

कुरावली ब्लॉक
वार्ड-15 संगीता यादव (सपा)
वार्ड-14 शिवम यादव (निर्दलीय)
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