मैनपुरी: रोडवेज एआरएम ने मांगी 10 हजार रु. की रिश्वत, फिर ऐसे पकड़े गए रंगे हाथ

उत्तर प्रदेश में रोडवेज के एक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने संविदा पर कार्यरत एक बस चालक से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, लेकिन अंतत: मामला छह हजार रुपए में तय हो गया था. इसके बाद बदलते घटनाक्रम में वे रंगे हाथ पकड़ लिए गए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 26, 2019, 9:00 PM IST
मैनपुरी: रोडवेज एआरएम ने मांगी 10 हजार रु. की रिश्वत, फिर ऐसे पकड़े गए रंगे हाथ
मैनपुरी: रोडवेज एआरएम ने मांगी 10 हजार रु. की रिश्वत, फिर ऐसे पकड़े गए रंगे हाथ. (फाइल फोटो)
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Updated: July 26, 2019, 9:00 PM IST
उत्तर प्रदेश में रोडवेज के एक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) ने संविदा पर कार्यरत एक बस चालक से रूट बदलने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी लेकिन अंतत: मामला छह हजार रुपए में तय हो गया था. इसके बाद बदलते घटनाक्रम में रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रंगे हाथ पकड़ लिए गए.
उन पर रोडवेज बस स्टैंड पर रूट बदलने के एवज में संविदा पर कार्यरत एक बस चालक से रिश्वत लेने का आरोप है. आगरा जिले के भ्रष्टाचार रोधी प्रकोष्ठ ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) को एक संविदा ड्राइवर से छह हजार रुपए रिश्वत लेते गुरुवार को रंगे हाथ पकड़ लिया.

भ्रष्टाचार रोधी प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने बृहस्पतिवार देर शाम कोतवाली में भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत आरोपी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराई. आरोपी हरिदास चक को शुक्रवार मेरठ की अदालत में पेश किया जाएगा. एआरएम ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है और उनका कहना है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है.

अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया, ‘यूपी रोडवेज में संविदा ड्राइवर के रूप में कार्यरत मैनपुरी के नखतपुर गांव के निवासी सत्यदेव यादव अपना रूट बदलवाना चाहते थे इसके लिए उन्होंने मैनपुरी के एआरएम हरिदास चक को लिखित रूप में प्रार्थना पत्र दिया था.’ उन्होंने बताया कि, ‘यादव का आरोप है कि एआरएम ने रूट बदलने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी लेकिन अंतत: मामला छह हजार रुपए में तय हुआ.’

उन्होंने बताया कि ड्राइवर ने रिश्वत देने की बजाय भ्रष्टाचार रोधी प्रकोष्ठ, आगरा में शिकायत कर दी. इसके बाद प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को चक को छह हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पहले ही कई शिकायतें मिलने पर उन्होंने चक को चेतावनी दी थी, लेकिन उसने अपना आचरण नहीं सुधारा.

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First published: July 26, 2019, 8:54 PM IST
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