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अब दुनिया भर में धाक जमाने आ रही बनारसी पश्मीना, पहली बार कश्मीर से बाहर हुआ निर्माण

पहली बार पशमीना उत्पादों का निर्माण लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बाहर बनारस में किया गया है.

पहली बार पशमीना उत्पादों का निर्माण लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बाहर बनारस में किया गया है.

पश्मीना ऊन लेह-लद्दाख में पाई जाने वाली एक विशेष प्रकार की भेड़ के बालों से बनती है. यह भेड़ माइनस टेंपरेचर में भी इस इला ...अधिक पढ़ें

वाराणसी. पूरी दुनिया में अपनी साड़ी और गुलाबी मीनाकारी समेत दूसरे हुनर के लिए मशहूर बनारस अब अपनी बनारसी पश्मीना के लिए भी जाना जाएगा. देश में पहली बार बनारस में न केवल पश्मीना उत्पादों की बुनाई और कढ़ाई की गई, बल्कि यहां बने पश्मीना उत्पादों की बिक्री भी शुरू हुई. अभी तक पश्मीना उत्पाद केवल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ही बनते थे और यहीं से इनकी पहचान थी, लेकिन पहली बार इनका निर्माण कश्मीर के बाहर बनारस में किया गया है.

खादी एवं ग्रामोद्योग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को बनारसी पश्मीना उत्पादों की बिक्री का विधिवत शुभारंभ किया. विनय सक्सेना ने बताया कि सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस में बनी पश्मीना शॉल भेंट की गई और उसके बाद काशी में इसकी बिक्री का विधिवत शुभारंभ हुआ.

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विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह इच्छा थी कि देश में कोई भी हुनर एक जगह तक सीमित ना रह पाए उसका विस्तार होना चाहिए. इसी सोच के तहत पश्मीना के उत्पादों का निर्माण बनारस और उसके आसपास के क्षेत्र में किया गया. इसके लिए पश्मीना ऊन की कटाई लेह लद्दाख के कतीनो द्वारा और बुनाई वाराणसी के बुनकरों द्वारा की गई.

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पश्मीना उत्पादों में बुनकरों को भी बुनाई का मेहनताना ज्यादा मिलता है. पश्मीना उत्पादों की बुनाई से जुड़ी एक संस्था चलाने वाले जय प्रकाश श्रीवास्तव बताते हैं कि फिलहाल 4 संस्थाओं से जुड़े हुए बुनकर अभी पश्मीना उत्पादों की बुनाई कर रहे हैं. आने वाले वक्त में इससे और भी बुनकरों को जोड़ा जाएगा. बुनकर भी ये मानते हैं कि कोरोना काल में जो काम धीमा पड़ गया था, वो फिर से चल गया है.

बता दें कि पश्मीना ऊन लेह-लद्दाख में पाई जाने वाली एक विशेष प्रकार की भेड़ के बालों से बनती है. यह भेड़ माइनस टेंपरेचर में भी इस इलाके में रहती है. इसके बाल से बने ऊन की खासियत होती है कि यह कड़ाके की सर्दी में भी न केवल शरीर को गर्म रखती है, बल्कि वजन में भी बेहद हल्की होती है. पश्मीना उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में है. ऐसे में आने वाले वक्त में बनारस के बुनकरों को रोजगार से जुड़ा एक बड़ा मौका मिलने जा रहा है.

Tags: Khadi, Varanasi news

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