'मुस्लिम ड्राइवर होने पर कैंसिल कर दी कैब'- ट्वीट करने वाले को फॉलो करते हैं कई मंत्री

अभिषेक मिश्रा (फोटो- Facebook)

अभिषेक मिश्रा (फोटो- Facebook)

अभिषेक मिश्रा का ट्विटर हैंडल वेरिफाइड है और उसके 14 हजार से अधिक फॉलोवर्स हैं. उसे फॉलो करने वालों में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2018, 8:39 AM IST
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खुद को विश्व हिंदू परिषद का सदस्य बताने वाले एक युवक के ट्वीट पर विवाद शुरू हो गया है. इस युवक ने ट्वीट किया कि उसने Ola कैब की राइड इसलिए कैंसिल कर दी, क्योंकि उसे जो गाड़ी मिली थी उसका ड्राइवर एक मुस्लिम था.



खुद को हिंदुवादी विचारक बताने वाले अभिषेक मिश्रा ने कहा कि 20 अप्रैल को उसने अपनी कैब राइड कैंसिल कर दी थी, क्योंकि वह 'जिहादियों' को अपने पैसे नहीं देना चाहता. ट्वीट के साथ अभिषेक मिश्रा ने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें ड्राइवर का नाम मसूद आलम लिखा हुआ था.



मिश्रा का ट्विटर हैंडल वेरिफाइड है और उसके 14 हजार से अधिक फॉलोवर्स हैं. उसे फॉलो करने वालों में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा शामिल हैं.





युवक ने अपने फेसबुक प्रोफाइल में लिखा है कि वह अयोध्या का रहने वाला है और लखनऊ में एक आईटी प्रोफेशनल के तौर पर काम करता है. उसका दावा है कि वह वीएचपी का आईटी सेल संभालता है और वाणिज्य मंत्रालय के साथ प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर चुका है.
इस पोस्ट को लेकर ट्विटर पर कई लोगों ने उसकी आलोचना की है. कई लोगों ने उससे कहा कि उसे पेट्रोल लेना भी बंद कर देना चाहिए क्योंकि वह मिडिल ईस्ट से आता है. कईयों ने ओला से मांग की कि उसे अपने प्लेटफॉर्म से बैन कर दें.



एक यूजर ने लिखा, 'उसके जैसे लोग देश के लिए असल खतरा है. भारतीय ऐसा महसूस नहीं करते हैं. नफरत के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है.'

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी मिश्रा की आलोचना की. उन्होंने लिखा, 'मुझे एक ऐसा भारत याद है जहां ऐसी सोच रखने वालों की निंदा होती थी न कि उसकी सराहना की जाती थी.'लेकिन मिश्रा पीछे हटने को तैयार नहीं था. उसने अपनी बात को सही साबित करने के लिए एक के बाद एक कई ट्वीट किये. उसने कहा कि उसका यह कदम पूरी तरह सही है और उसकी आलोचना करने वाले कुछ ज्यादा ही सोच रहे हैं. उन्होंने कहा, “क्या मेरे पास चुनने का अधिकार नहीं है? अगर वे कैब में हनुमान के पोस्टर के खिलाफ अभियान चला सकते हैं, कठुआ मामले में हिंदुओं और हिंदु देवी-देवताओं का अपमान कर सकते हैं तो उन्हें जवाब के लिए तैयार रहना चाहिए."मिश्रा ने बेंगलुरु की एक महिला के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जिसमें उसने लिखा था कि क्रोधित हनुमान रूद्र के पोस्टर वाली कैब में उसे अपनी और अपनी दोस्त की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही थी. महिला ने लिखा था, “जैसा कि आपको पता है, हिंदू समूह और उनके नेताओं ने खुले तौर पर कठुआ में 8 साल की बच्ची से हुए रेप और हत्या का समर्थन किया है.”





इस मामले में ओला ने कहा, "हमारे देश की तरह ही Ola भी एक सेक्युलर प्लेटफॉर्म है. हम अपने ड्राइवर पार्टनरों या ग्राहकों के साथ उनकी जाति, धर्म, लिंग या पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं. हम अपने ग्राहकों और ड्राइवर पार्टनरों से गुजारिश करते हैं कि वे एक-दूसरे से सम्मान के साथ पेश आएं."
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