यूपी के इस शहर से स्नेक रेस्क्यू के आने लगे इतने कॉल, दंग रह गई Wildlife SOS टीम 

7 फुट लंबा यह अजगर निकला था कोल्ड स्टोरेज.
7 फुट लंबा यह अजगर निकला था कोल्ड स्टोरेज.

कहीं तीन सांप (Snake) तो कहीं अजगर (Python) के निकलने की कॉल ने उन्हें भी चौंका दिया. बात भी चौंकाने वाली थी कि एक जूते (Shoes) की फैक्ट्री में तीन रैट स्नेक एक साथ दिखाई दिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 6:03 PM IST
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आगरा. सर जल्दी आइए, हमारे यहां बहुत ही लंबे-लंबे तीन सांप (Snake) दिखाई दे रहे हैं. फिर एक और कॉल आ गई कि सर हमारे यहां एक सांप निकला है. तीसरी कॉल एक कोल्ड स्टोरेज (Coldstorage) से आई कि हमारे स्टोर में एक बहुत ही लंबा अजगर (Python) दिखाई दिया है. वैसे तो वाइल्ड लाइफ एसओएस (Wildlife sos) की टीम का काम ही सांप और अजगर को रेस्क्यू करना है. उनके पास इस तरह की कॉल आती ही रहती हैं. लेकिन इस तरह से कहीं तीन सांप तो कहीं अजगर के निकलने की कॉल ने उन्हें भी चौंका दिया. बात भी चौंकाने वाली थी कि एक जूते की फैक्ट्री में तीन रैट स्नेक एक साथ दिखाई दिए.

जब गार्ड ने देखा अजगर को कोल्ड स्टोरेज में घुसते हुए

शुक्रवार की रात रघुवर कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड में तैनात कर्मचारी और नाईट गार्ड के लिए चौंकाने वाली रही जब उन्होंने आधी रात करीब स्टोर के अंदर लगी पानी की टंकी के समीप एक सात फुट लंबे अजगर को देखा. तुरंत ही आगरा के फतेहाबाद रोड पर स्थित रघुवर कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से वाइल्ड लाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट को सूचना दी गई. टीम ने तत्परता दिखाते हुए सात फुट लंबे अजगर को रेस्क्यू किया. अजगर को कपडे के बैग में स्थानांतरित कर दिया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली.



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सांप को कुछ घंटों के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया गया. कोल्ड स्टोरेज के मालिक, निहाल सिंह वर्मा ने बताया, इतने करीब से अजगर को देखना काफी डरावना था. हम वाइल्ड लाइफ एसओएस के आभारी हैं कि वह इतनी देर रात में भी हमारी मदद के लिए उपस्थित थे.

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रात से पहले दिन में 4 सांप बचाए एसओएस टीम ने

अजगर की सूचनप से पहले वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने 4 रैट स्नेक भी रेस्क्यू किए. सबसे पहले टीम को नेशनल हाइवे 2 पर स्थित एक प्रमुख जूता-निर्माण कंपनी आर.एन बजाज ओवरसीज से सूचना मिली कि फैक्ट्री में तीन रैट स्नेक दिखाई दिए. तीन रैट स्नेक का एक साथ दिखाई देना अपने आप में बड़ी बात थी. हमेशा की तरह पहले से अलर्ट टीम फैक्ट्री पहुंच गई. एक-एक कर तीनों रैट स्नेक रेस्क्यू किए. अभी यह ऑपरेशन खत्म ही हुआ था कि एक और रैट स्नेक की सूचना आ गई. यह रैट स्नेक एक इंजीनियरिंग कॉलेज में निकला था. गनीमत थी कि कॉलेज बंद चल रहे हैं, वर्ना अफरा-तफरी फैल सकती थी. लेकिन टीम ने इसे भी रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया.

यह बोले एसओएस टीम के एक्सपर्ट  

वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण का कहना है, “सांपों से जुड़े बचाव अभियान संभालना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन हमारी टीम को ऐसे संवेदनशील ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित किया गया है. यह अजगर उन कठिन परिस्थितियों का एक बड़ा उदाहरण है, जिनमे सांप अक्सर शहरी आवास में खुद को पाते हैं. हमारी रेस्क्यू टीम जंगली जानवरों बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम करती है."

वाइल्ड लाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी ने कहा, “अजगर सांप को अक्सर लोग खतरनाक मानते हैं लेकिन, बहुत से लोग इस बात से अवगत नहीं हैं कि अजगर विषैले नहीं होते और वे अक्सर मानव-वन्य जीव संघर्ष का शिकार हो जाते हैं.”
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