यहां हर साल संतान की प्राप्ति के लिए कुंड़ में लगाते हैं डुबकी

गिरिराज धाम का पौराणिक राधारानी कुण्ड संतान प्राप्ति के लिए एक मात्र आस्था का केन्द्र है. यहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु जल स्वरूपा राधारानी के दरबार में विश्वास के गोते लगाने आते हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 31, 2018, 11:45 PM IST
यहां हर साल संतान की प्राप्ति के लिए कुंड़ में लगाते हैं डुबकी
अहोई अष्टमी पर कुंड में डुबकी (फाइल फोटो)
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Updated: October 31, 2018, 11:45 PM IST
कान्हा की नगरी मथुरा में हर बार की तरह इस बार भी अहोई अष्टमी के पर्व पर राधाकुंड में हजारों की संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे. चिकित्सा से निराश दंपति आंखों में सूनी गोद का दर्द और दिल में कुलदीपक की चाहत समेटे जल स्वरूपा राधारानी के दरबार में विश्वास के गोते लगाते हैं. इस बार यहां मेला 31 अक्टूबर रात्रि और 1 नवंबर को लगेगा.

मथुरा से 26 किलोमीटर दूर गिरिराज तलहटी के राधाकुंड का बड़ा ही अद्भुत धार्मिक महत्व है. यहां कि धार्मिक मान्यता है कि अहोई अष्टमी पर मध्य रात्रि स्नान करने वाले दंपती को संतान की प्राप्ति होती है. इस मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की है और पूरा परिसर  दूधिया रोशनी से जगमग है.

गिरिराज धाम का पौराणिक राधारानी कुण्ड संतान प्राप्ति के लिए एक मात्र आस्था का केन्द्र है. यहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भक्तों का सेलाव उमड़ने लगा है. प्रशासन ने मेले की तैयारियों को अंतिम रुप देकर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है. प्रशासन ने मेला क्षेत्र को दूधिया रोशनी से सजाया है.

मान्यता के अनुसार बताया गया है कि राधारानी कृष्ण कुण्ड में कार्तिक मास की अष्टमी अद्धरात्रि को जो निसंतान दम्पति राधारानी की विधि विधान पूजा अर्चना कर कुण्ड में स्नान करेगा उसे पुत्र की प्राप्ति होती है. आज 31 अक्टूबर अहोई अष्टमी की मध्य रात्रि को राधारानी कुण्ड में लाखों श्रद्धालु भक्त स्नान पर्व लेकर पुत्र रत्न की कामना करेंगे.

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