अटलजी के समय भी दिल्ली में होती थी पकौड़े पर चर्चा

पकौड़े की चर्चा बीजेपी में पीएम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कोई पहली बार नहीं की थी.

नासिर हुसैन
Updated: August 16, 2018, 10:32 PM IST
अटलजी के समय भी दिल्ली में होती थी पकौड़े पर चर्चा
फाइल फोटो- अटल बिहारी वाजपेयी.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन
Updated: August 16, 2018, 10:32 PM IST
जिस पकौड़ा राजनीति पर देशभर में चर्चा हो रही है. जिस पकौड़े पर खूब सियासी बयानबाजी हुई, उस पकौड़े की चर्चा बीजेपी में पीएम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कोई पहली बार नहीं की थी. इससे पहले भी बीजेपी की कई बैठकों में पकौड़े की चर्चा होती थी. एक बार नहीं कई-कई बार मथुरा के खास पकौड़े (मूंग की दाल की पकौड़ी) की चर्चा होती थी.

न्यूज18 हिन्दी से हुई खास बातचीत में मथुरा निवासी एडवोकेट शिव कुमार अग्रवाल ने बताया कि 1957 में दूसरी बार अटलजी ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था. ये चुनाव मथुरा से लड़ा जा रहा था. मेरे पिता एडवोकेट निरंजन प्रसाद अग्रवाल उनके चुनावी एजेंट थे. चुनाव प्रचार के लिए अटलजी गली-गली और सड़कों पर घूमते थे.

इसी दौरान जब भी जहां भी मौका मिल जाता तो वो मथुरा की ये खास पकौड़ी खाते थे. पकौड़ी का स्वाद उन्हें इतना अच्छा लगा कि चुनाव के बाद भी वह जब मथुरा आते तो पकौड़ी जरूर खाते थे. जब उनका मथुरा आना नहीं होता था तो उन्होंने ये कह रखा था की जब भी कोई मथुरा से दिल्ली आए तो पकौड़ी जरूर लेता आए.

शिव कुमार बताते हैं कि मथुरा में गांधीपार्क, घिया मंडी और सदर तहसील के पकौड़े दूर-दूर तक मशहूर हैं. अटल बिहारी वाजपेयी दीनदयाल धाम स्मारक समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं. उस समय जनसंघ का कार्यालय गांधी पार्क के पास हुआ करता था.

गांधी पार्क के पास उस वक्त पकौड़े की एक दुकान थी. जब भी अटल जी आते थे पकौड़े का स्वाद ज़रूर लेते थे. एक अन्य भाजपा नेता प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि करीब दस साल पहले की बात होगी जब वह अटल जी के जन्मदिवस पर पकौड़े लेकर दिल्ली स्थित उनके आवास पर गए थे.

दूर-दूर तक पहचाने जाते हैं मथुरा के पकौड़े
जानकार बताते हैं कि श्रीकृष्ण के शहर में बनने वाले पकौड़ों की पहचान बड़ी दूर-दूर तक है. मथुरा में हर रोज करीब 200 किलो पकौड़ों की बिक्री तो हो ही जाती है. मथुरा में घिया मंडी में प्रमोद खंडेलवाल की पुरानी दुकान है. खारी कुंआ पर सुमित की पकौड़ों की दुकान है. भरतपुर गेट चौराहे पर महेश कुमार की दुकान है. कोतवाली के पीछे रमेश चंद्र की दुकान है. चौक चौराहे पर सुरेश की दुकान है.
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