वृंदावन: बांके बिहारी मंदिर के पट शरद पूर्णिमा तक नहीं खुले तो जबरन करेंगे प्रवेश- धर्म रक्षा संघ

वृंदावन में धरना देते धर्म रक्षा संघ के सदस्य
वृंदावन में धरना देते धर्म रक्षा संघ के सदस्य

वृंदावन (Vrindavan) में 7 महीने बाद 17 अक्टूबर से श्री बांके बिहारी के कपाट भक्तों के लिए खोल गए थे, लेकिन अधिक भीड़ के कारण 2 दिन बाद 19 अक्टूबर से कपाट फिर बंद कर दिए गए.

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मथुरा. तीर्थनगरी वृंदावन (Vrindavan) के ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर (Shri Banke Bihari Mandir) के पट बंद किए जाने का विरोध तेज हो गया है. धर्म रक्षा संघ के सदस्यों ने गुरुवार को मंदिर के सामने सड़क पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. धरना प्रदर्शन में महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि शरद पूर्णिमा तक श्री बांके बिहारी मंदिर के पट भक्तों के लिए नहीं खोले गए तो वे हजारों श्रद्धालु के साथ जबरन प्रवेश करेंगे.

श्रद्धालुओं के साथ व्यापारियों, पुरोहितों को भी हो रही परेशानी

डॉ. आदित्यानंद ने कहा कि ठाकुर श्री बांके बिहारी का मंदिर न सिर्फ संपूर्ण ब्रजमंडल के आस्था का केंद्र है, बल्कि अर्थव्यवस्था का भी एक मजबूत केंद्र है. सारे ब्रजमंडल की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से श्री बांके बिहारी मंदिर के कारण ही चलती है. धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक महामंडलेश्वर रुद्रदेवानंद ने कहा कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर के बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को भावनात्मक और धार्मिक दृष्टि से जो कष्ट हो रहा है, उतना ही कष्ट यहां के व्यापारियों, तीर्थ पुरोहित समाज के लोगों को हो रहा है.




प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की नाकामी के कारण दर्शन किए बंद

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन की नाकामी के कारण श्री बांके बिहारी के दर्शन आम जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं. यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने की एक सोची समझी साजिश नजर आती है. संगठन के संयोजक नीरज गौतम ने कहा कि श्री बांके बिहारी मंदिर को पूर्व की भांति भक्तों के लिए तुरंत खोला जाए.

बता दें कि सात महीने बाद 17 अक्टूबर से श्री बांके बिहारी के कपाट भक्तों के लिए खोल गए थे, लेकिन अधिक भीड़ के कारण 2 दिन बाद 19 अक्टूबर से कपाट फिर बंद कर दिए गए.
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