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यूपी में हड्डियों के डॉक्टर ने बना दिया आंखों से दिव्यांग होने का प्रमाणपत्र
Mathura News in Hindi

भाषा
Updated: January 22, 2020, 12:07 PM IST
यूपी में हड्डियों के डॉक्टर ने बना दिया आंखों से दिव्यांग होने का प्रमाणपत्र
मथुरा सीएमओ के दफ्तर में तैनात हड्डियों के डाक्टर एवं संबंधित क्लर्क ने इस कारनामे को अंजाम दिया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

सीएमओ डॉ. शेर सिंह (CMO Dr. Sher Singh) ने बताया कि दिव्यांग प्रमाणपत्र (Disability Certificate) पर सीएमओ के भी हस्ताक्षर थे.

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मथुरा. यूपी में हड्डियों के एक डॉक्टर ने एक शख्स के आंखों से दिव्यांग होने का प्रमाणपत्र बना दिया. जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शेर सिंह (CMO Dr. Sher Singh) के दफ्तर में तैनात हड्डियों के डॉक्टर एवं संबंधित क्लर्क ने मिलकर एक युवक को नेत्रों से 42 फीसद दिव्यांग (विकलांग) होने का प्रमाणपत्र तैयार कर थमा दिया. इससे पहले उसी आफिस से उस शख्स को 40 प्रतिशत विकलांगता का प्रमाणपत्र (Disability Certificate) जारी किया जा चुका था.

मामले की जानकारी होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने उक्त प्रमाण पत्र को निरस्त करते हुए दोनों के खिलाफ जांच बैठा दी है. मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शेर सिंह के अनुसार छाता तहसील के नौगांव निवासी धर्मवीर ने सोमवार को कार्यालय के विकलांग बोर्ड के समक्ष आवेदन कर दृष्टि में कमी के चलते अस्थाई रूप से दिव्यांग होने का प्रमाणपत्र बनवाया. इसमें उसकी विकलांगता 40 प्रतिशत तक दर्शाई गई थी.

तहसील दिवस के दिन बनवा लिया इच्छुक प्रमाणपत्र
बहरहाल, अधिक दिव्यांगता दिखाने के इच्छुक धर्मवीर ने दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने वाले बोर्ड के बाबू तथा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. लाल सिंह से मिलीभगत कर मंगलवार को ‘तहसील दिवस’ के दौरान मनमाफिक प्रमाणपत्र बनवा लिया.



ऐसे पकड़ में आया मामला
डॉ. शेर सिंह ने बताया कि प्रमाणपत्र पर सीएमओ के भी हस्ताक्षर थे जो हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ने अन्य प्रमाणपत्रों के बीच रखकर करा लिए थे. लेकिन शिविर समाप्ति के समय प्रमाणपत्रों की दिव्यांग रजिस्टर में प्रविष्टि के दौरान, एक दिन पहले ही बनवाए गए प्रमाणपत्र से मिलान होने पर मामला पकड़ में आ गया.

दिव्यांग प्रमाणपत्र को कर दिया निरस्त
सीएमओ ने सोमवार को विकलांग बोर्ड में मौजूद रहे डॉ. मुनीष पौरुष एवं डॉ. प्रभाकर से इस बारे में पूछताछ की. डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि प्रमाणपत्र 40 प्रतिशत का बना था, वहीं मंगलवार को जारी करवाया गया स्थाई प्रमाणपत्र 42 प्रतिशत का बनाया गया. डॉ. शेर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. लाल सिंह एवं संबंधित बाबू के खिलाफ जांच के आदेश दिए तथा दिव्यांग प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया.

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First published: January 22, 2020, 11:46 AM IST
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