लठ्ठमार होली से भी अनोखी है बरसाने की ये होली, जानिए कहां से आते हैं क्विंटलों लड्डू

ब्रज के बरसाना में लठ्ठमार होली से पहले लड्डू होली का आयोजन होता है. यह बहुत ही अनोखी होली होती है; फोटो. अंशुमान नंदी.

ब्रज के बरसाना में लठ्ठमार होली से पहले लड्डू होली का आयोजन होता है. यह बहुत ही अनोखी होली होती है; फोटो. अंशुमान नंदी.

Braj Holi: ब्रज के पूरे होली उत्‍सव को देखें तो बरसाने की लठ्ठमार होली काफी प्रसिद्ध है लेकिन बरसाने की एक और होली है जो इससे भी ज्‍यादा खास और अनोखी है. यह है बरसाना की लड्डू होली. इस होली में बरसाना के राधा रानी मंदिर में हजारों लड्डू लुटाए जाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 6:47 PM IST
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नई दिल्‍ली. ब्रज में होली (Braj Holi) का त्‍यौहार सबसे ज्‍यादा उत्‍साह, उमंग और जोर-शोर से मनाया जाता है. मथुरा-वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल सहित ऐसे कई गांव हैं जहां अलग-अलग तरह से होली और हुरंगों का आयोजन होता है. होली उत्‍सव को देखें तो बरसाने की लठ्ठमार होली (Barsana Latthmar Holi) काफी प्रसिद्ध है लेकिन बरसाने की एक और होली है जो इससे भी ज्‍यादा खास और अनोखी है. यह है बरसाना की लड्डू होली (Barsana Laddu Holi).

होली के आसपास ही पूरे ब्रज में रंग और गुलाल उड़ना शुरू हो जाता है लेकिन बरसाना ही एक ऐसा गांव है जहां लड्डू होली (Laddumar Holi) होती है. यह मुख्‍य रूप से होली का आमंत्रण होता है. जैसे किसी भी आयोजन और त्‍यौहार की शुरूआत मीठे या मिठाई से होती है उसी तरह यहां भी होली का उत्‍सव लड्डू से आरंभ होता है.

ब्रज की होली और ब्रज परंपराओं के जानकार और वृंदावन सेवाकुंज मंदिर के सेवायत गोविंद गौतम कहते हैं कि यह बेहद दिलचस्‍प है कि लड्डू होली न केवल मीठे की परंपरा बल्कि होली खेलने की परंपरा को भी निभाने वाला आयोजन है. इस दिन सभी भक्‍तगण बरसाना (Barsana) में इकठ्ठे होकर फाग के गीत गाते हैं और आपस में लड्डूमार खेलते हैं. लड्डुओं से होली खेलने के साथ ही ये पेट भरकर लड्डू खाते भी हैं.

बरसाना में लड्डू होली के दिन क्विंटलों लड्डू लुटा दिए जाते हैं.
बरसाना में लड्डू होली के दिन क्विंटलों लड्डू लुटा दिए जाते हैं.

गोविंद बताते हैं कि इस दिन के लिए लोग विशेष रूप से लड्डू बनवाकर बरसाना ले  जाते हैं और वहां लुटाते भी हैं. इतना ही नहीं कुछ लोग बिना लुटाए प्रसाद के रूप में बूंदी या बेसन के लड्डू बांटते हैं. मुख्‍य रूप से देखा जाए तो सेवायत लड्डू भक्‍तों के लिए लुटाते हैं और भक्‍त इन्‍हें लूटकर खाते हैं. यह प्रतीकात्‍मक रूप से होली खेलने जैसा भी है.

यहां से आते हैं होली के लिए क्विंटलों लड्डू

बरसाना के राधा रानी मंदिर (Barsana Radha Rani Temple) के सेवायत बताते हैं कि बरसाना की लड्डू होली काफी लोकप्रिय है. लिहाजा यहां भारी संख्‍या में लोग आते हैं. लड्डू होली के लिए मंदिर परिसर में दो दिन पहले से ही लड्डू बनना शुरू हो जाते हैं. इसके अलावा जिस भक्‍त की जैसी श्रद्धा होती है वह लड्डू बनवाकर भी ले आता है और बांटता या लुटाता है. कुछ लोग मंदिर के बाहर भी लड्डू बनवाते हैं. यहां कोई तय मात्रा या संख्‍या नहीं होती लेकिन ऐसा अनुमान है कि हजारों की संख्‍या में उस दिन यहां लड्डू लुटाया जाता है. लड्डू होली के एक दिन बाद यहां लठ्ठमार होली होती है.
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