मथुरा. नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

मथुरा पुलिस ने नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को सोमवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया
मथुरा पुलिस ने नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को सोमवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया

फैसल खान को मथुरा पुलिस (Mathura Police) ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था. फैसल पर अपने साथी चांद के साथ मंदिर में नमाज पढ़ने का आरोप है. नमाज पढ़ने, फ़ोटो खीचने में 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 9:43 PM IST
  • Share this:
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) के नंद भवन मंदिर में नमाज (Namaz) पढ़ने के मामले में फैसल खान (Faisal Khan) को पुलिस ने मंगलवार को अतिरिक्त ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, छाता की अदालत में पेश किया. कोर्ट ने फैजल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया. कोविड-19 पॉजिटिव के चलते एम्बुलेंस में न्यायिक रिमांड बनी. मजिस्ट्रेट ने इस दौरापन अदालत से बाहर आकर रिमांड सौंपा. पहली बार अदालत से बाहर आकर मजिस्ट्रेट ने रिमांड दिया.

बता दें फैसल को मथुरा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था. फैसल पर अपने साथी चांद के साथ मंदिर में नमाज पढ़ने का आरोप है. नमाज पढ़ने, फ़ोटो खीचने में 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. फ़ोटो के आधार पर विदेशी फंडिंग का भी सेवायतों ने शक जताया था. बरसाना थाने में IPC की धारा 153A, 295, 505 केस दर्ज किया गया था. बरसाना के नंदगांव स्थित नंदभवन मंदिर में 29 अक्टूबर को इन्होंने नमाज पढ़ी थी.

कौमी एकता मंच के सदस्य ने दी सफाई



इस बीच मंदिर में नमाज पढ़ने की तस्वीरों को अपनी फेसबुक पेज पर पोस्ट कर उसे वायरल करने वाले कौमी एकता मंच के सदस्य वकील मधुवनदत्त चतुर्वेदी ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से दिल्ली की एक संस्था खुदाई खिदमतगार के सदस्य फैसल खान और मोहम्मद चांद व गांधीवादी कार्यकर्ता निलेश गुप्ता और आलोक रत्न को जानते हैं.


दिल्ली से साइिकल चालकर पहुंचे नंदगांव

29 अक्टूबर को यह चारों लोग चौरासी कोस यात्रा के लिए दिल्ली से साइकिल चलाकर नंदगांव पहुंचे थे. दोपहर दो बजे जोहर की नमाज का वक्त होने पर वो नंद महल मंदिर में थे. फैजल खान और मोहम्मद चांद ने मंदिर में ही नमाज की. उन्होंने फैजल खान का पक्ष लेते हुए कहा कि फैजल ने उन्हें बताया कि पुजारी से बात होने के बाद ही उन्होंने मंदिर में नमाज पढ़ी थी.

मधुवनदत्त चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि जब सूरदास सगुण निराकार के उपासक होते हुए सगुण साकार के पद लिख सकते हैं और मंदिरों में बैठ सकते हैं तो सगुण निराकार का उपासक फैसल खान मंदिर में नमाज क्यों नहीं पढ़ सकता. उन्होंने कहा कि मुझे ताज्जुब और आपत्ति होती है कि हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करने वाले फैसल खान पर मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट दर्ज किया जाना हमारी ब्रज की परंपराओं के खिलाफ है. मैं इसकी निंदा करता हूं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज