Home /News /uttar-pradesh /

OMG: इस गांव में जिसने भी रखा करवा चौथ का व्रत वो हो गई विधवा! जानें क्या है मामला...

OMG: इस गांव में जिसने भी रखा करवा चौथ का व्रत वो हो गई विधवा! जानें क्या है मामला...

मथुरा के गांव में महिलाएं करवाचौथ का व्रत नहीं रखतीं, यहां पर सती की पूजा की जाती है.

मथुरा के गांव में महिलाएं करवाचौथ का व्रत नहीं रखतीं, यहां पर सती की पूजा की जाती है.

Karva Chauth Special: मथुरा के पास स्थित सुरीर गांव के मोहल्ला भगा के लोगों का अंधविश्वास है कि सती के श्राप के चलते यदि कोई महिला करवाचौथ का व्रत रखेगी तो उसके पति की जान पर संकट होगा. इसी के चलते यहां पर सती की तो पूजा की जाती है लेकिन करवा चौथ नहीं मनाया जाता.

अधिक पढ़ें ...

मथुरा. देश भर में करवा चौथ का त्योहार सुहागिनें हर्ष और उल्लास के साथ मनाती हैं. अपने पति की लंबी उम्र और स्वास्‍थ्य के लिए व्रत रखती हैं. शृंगार कर पूजा अर्चना करती हैं और चांद के दिखने का इंतजार करती हैं, लेकिन एक गांव ऐसा भी है जहां पर सुहागिन महिलाएं मन ही मन इस दिन के नहीं आने की प्रार्थना करती हैं. क्योंकि यदि इस गांव की किसी महिला ने करवा चौथ का व्रत रख लिया तो उसके पति के साथ कुछ अनहोनी होनी तय है. ये गांव है मथुरा का सुरीर, यहां स्थित मोहल्ला भगा में रहने वाली महिलाओं के बीच एक डर है. वो डर है सती के श्राप का. इसलिए महिलाएं यहां पर सती की पूजा करती हैं. इनका मानना है कि करवा चौथ का व्रत रखने से इनके पति की उम्र कम हो जाएगी.

सैकड़ों साल से चली आ रही परंपरा
स्‍थानीय महिलाओं का कहना है कि शादी के बाद सज-धज कर ससुराल पहुंचते हैं तो मन में एक खुशी होती है. लेकिन करवा चौथ आते ही पता चलता है कि हम न व्रत रख सकते हैं न पूजा कर सकते हैं. क्योंकि यदि ऐसा किया तो पति की जान पर संकट पैदा हो जाएगा. अब ये परंपरा इस क्षेत्र में सदियों से चलती आ रही है और महिलाएं इसका पालन भी करती हैं.

क्या है श्राप की कहानी
स्‍थानीय लोगों के अनुसार करीब 250 साल पहले थाना नौहझील क्षेत्र के कस्बा राम नगला निवासी ब्राह्मण दंपति जावली से भैंसा बुग्गी पर सवार होकर सुरीर होते हुए राम नगला जा रहे थे. इसी दौरान मोहल्ला भगा के लोगों ने दंपति को रोक लिया और बुग्गी में लगे भैंसे को अपना बताते हुए वाद-विवाद करने लगे. विवाद बढ़ा और किसी ने ब्राह्मण युवक के सिर में डंडा मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. पति की मौत से गुस्सा होकर ब्राह्मण स्त्री ने मोहल्ले के लोगों को श्राप देते हुए कहा कि इस मोहल्ले में कोई भी महिला करवा चौथ और अघोई अष्टमी का व्रत नहीं रखेगी. जिस तरह कम आयु में मैं विधवा हुई हूं, ऐसे ही इस मोहल्ले की महिलाएं भी विधवा होंगी. श्राप देने के बाद ब्राह्मण महिला अपने पति के साथ सती हो गई.

फिर शुरू हुआ मौत का सिलसिला
लोगों की मान्यता है कि इसके बाद सती के श्राप के चलते मोहल्ले में युवाओं की मौत का सिलसिला शुरू हो गया. दर्जनों महिलाएं विधवा हो गईं. सती के क्रोध को शांत करने के लिए सती मां के मंदिर की स्थापना की गई. यहां पर सती की पूजा की जाती है. माना जाता है कि सती का श्राप कुछ कम तो हुआ है, लेकिन अभी भी नवविवाहिता महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखने से परहेज करती हैं. कहा यह भी जाता है कि रामनगला के लोग कस्बा सुरीर का पानी भी नहीं पीते हैं.

Tags: Karwachauth 2020, Mathura news, Sunday Special, Superstition, Uttar pradesh news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर