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जानिए कहां हुई थी भगवान कृष्ण और राधा की गुप्त शादी, 'गवाह' और मंडप आज भी हैं मौजूद

जानिए कहां हुई थी भगवान कृष्ण और राधा की गुप्त शादी, 'गवाह' और मंडप आज भी हैं मौजूद

मथुरा से करीब 40 किलोमीटर दूर तहसील मांट क्षेत्र स्थित भांडीर वन है. यह वही स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और राधा का विवाह हुआ था. News 18 लोकल की टीम ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह स्थल पर पहुंचकर देखा तो राधा कृष्ण के गुप्त विवाह के साक्ष्य आज भी वहां मौजूद हैं. उन्हें देखकर हम भी चौक गए. भांडीर वन मंदिर के पुजारी पंडित योगेंद्र दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह के बारे में बताते हुए कहा कि जब राधा और कृष्ण बाल्यावस्था में थे. तब उनका विवाह संपन्न हुआ. भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह को देखने के लिए हजारों की संख्या में देवी देवता यहां पहुंचे थे.

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रिपोर्ट- चंदन सैनी

मथुरा: 16 कलाओं में निपुण भगवान योगीराज श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम के किस्से तो आपने बहुत ही सुने होंगे. लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के जिस किस्से से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, उस किस्से को शायद ही आपने कभी सुना होगा. यह किस्सा श्रीकृष्ण और राधा के गुप्त विवाह से जुड़ा हुआ है. भगवान श्रीकृष्ण और राधा के गुप्त विवाह के मंत्र किसने पढ़े थे. किसने उनकी शादी कराई थी और कन्यादान किसने किया था. हर एक रहस्य से हम आज आपको रूबरू कराएंगे.

जानिए कहां हुआ था राधा-कृष्ण का गुप्त विवाह ?
मथुरा से करीब 40 किलोमीटर दूर तहसील मांट क्षेत्र स्थित भांडीर वन है. यह वही स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और राधा का विवाह हुआ था. News 18 लोकल की टीम ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह स्थल पर पहुंचकर देखा तो राधा कृष्ण के गुप्त विवाह के साक्ष्य आज भी वहां मौजूद हैं. उन्हें देखकर हम भी चौक गए. भांडीर वन मंदिर के पुजारी पंडित योगेंद्र दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह के बारे में बताते हुए कहा कि जब राधा और कृष्ण बाल्यावस्था में थे. तब उनका विवाह संपन्न हुआ. भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह को देखने के लिए हजारों की संख्या में देवी देवता यहां पहुंचे थे.

नारद जी ने किया था कन्यादान
भांडीरवन मंदिर के पुजारी का कहना है कि जब राधा और कृष्ण का विवाह हुआ था तो केवल 4 लोग इस विवाह में मौजूद थे. नारद जी ने राधा रानी का कन्यादान किया था. नारद के लिए वो पल बेहद ही अलौकिक था जब राधा का कन्यादान कर रहे थे.

ब्रह्मा जी ने पढ़े थे गुप्त विवाह के मंत्र
भांडीर वन के पुजारी पंडित योगेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस दिन राधा और कृष्ण की शादी हुई, उस दिन घनघोर बादल छाए हुए थे. ब्रह्मा जी ने पंडित बनकर राधा और कृष्ण शादी कराई थी. ब्रह्मा जी ने ही शादी के मंत्र पढ़े थे और इस शादी का जो लेख है. वह आपको श्री गर्ग संहिता में पढ़ने को मिल जाएगा.

राधा से छोटे थे कृष्ण
पुजारी योगेंद्र दीक्षित ने कहानी को आगे बढ़ाते हुए बताया कि जब राधा और कृष्ण की शादी हुई थी, तो भगवान श्रीकृष्ण राधा से छोटे थे. उन्होंने जब उनकी मांग भरी थी तो अपने दोनों पैरों के पंजों पर खड़े होकर उनकी मांग भरी थी. मंदिर में आज भी वहां राधा रानी की मांग भरते हुए श्रीकृष्ण अपने पंजों पर खड़े हैं.

मुरली नहीं सिंदूर है योगीराज के हाथ में
योगीराज भगवान श्रीकृष्ण और राधा के विवाह के समय राधा कृष्ण सहित नारद मुनि और ब्रह्मा मौजूद थे. इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण के हाथ में बंसी की जगह सिंदूर लगा हुआ है और वह राधा की मांग भरते दिखाई दे रहे हैं.

आज भी मौजूद है मंडप
भगवान श्रीकृष्ण की कहानी सुनाते हुए श्री दीक्षित ने यह भी बताया कि जिस मंडप में भगवान श्रीकृष्ण और राधा के फेरे हुए थे. वह मंडप आज भी मौजूद है. यह मंडप वटवृक्ष के पेड़ों से बना हुआ है. एक तरफ राधा दिखाई देती हैं और दूसरी तरफ भगवान श्रीकृष्ण दिखाई देते हैं.

कुएं से अमावस को निकलती है दूध की धार
पुजारी जी ने बताया यहां कृष्ण कालीन समय से एक कुआं भी मौजूद है. इस कुएं का जल बहुत ही शीतल है. पुजारी का कहना है कि इस कुएं से हर अमावस को एक दूध की धार निकलती है. अब यहां श्रद्धालु देश विदेशों से इस भांडीरवन के दर्शन करने आने लगे हैं.

गुप्त विवाह के साक्ष्य मौजूद
यहां आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले तो यह बात हम भी नहीं मानते थे कि भगवान श्री कृष्ण और राधा का विवाह हुआ था. लेकिन यहां आने के बाद जो साक्ष्य यहां मौजूद हैं. उन्हें देखकर हमें भी यकीन हो गया है कि, भगवान श्री कृष्ण ने राधा से प्रेम के साथ साथ गुप्त विवाह भी किया था.

नोट: यह कहानी मंदिर के पुजारी से बातचीत पर आधारित है. न्यूज18 इन दावों की पुष्टि नहीं करता है.

Tags: Mathura news, Uttar pradesh news

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