मथुरा: PFI के संदिग्ध एजेंटों की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई, UP STF ने साक्ष्य संकलन को मांगा समय

PFI के 4 संदिग्ध सदस्य. (फाइल)
PFI के 4 संदिग्ध सदस्य. (फाइल)

मथुरा (Mathura) कोर्ट में मसूद और आलम की जमानत याचिका पर बहस हुई. इस दौरान यूपी एसटीएफ ने साक्ष्य संकलन को लेकर न्यायालय से समय की मांग की. एडीजे कोर्ट-10 ने सुनवाई की अगली तारीख 4 नवम्बर तय की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 2:21 PM IST
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मथुरा. हाथरस कांड (Hathras Gangrape and Murder) के बाद सांप्रदयिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के संदिग्ध एजेंटों की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. कोर्ट में मसूद और आलम की जमानत याचिका पर बहस हुई. इस दौरान यूपी एसटीएफ ने साक्ष्य संकलन को लेकर न्यायालय से समय की मांग की. एडीजे कोर्ट-10 ने सुनवाई की अगली तारीख 4 नवम्बर तय की है.

बता दें कुछ दिन पूर्व क्राइम ब्रांच से यूपी एसटीएफ को जांच ट्रांसफर हुई है. हाथरस जाते समय मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर मांट टोल से इन चारों को गिरफ्तार किया गया था. इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

याचिका खारिज होकर सेशन कोर्ट गई
बता दें इससे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में तीनों आरोपियों ने जमानत की अर्जी लगाई थी. कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी है. मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर नियत की गई है. जानकारी के अनुसार पेशी के दौरान विवेचक ने कहा कि अभी भी मामले में साक्ष्य इकट्ठा करने बाकी हैं, इसलिए रिमांड अवधि बढ़ा दी जाए. इसके अलावा तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है और सेशल कोर्ट में चली गई है.
बता दें इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पिछले बुधवार को मथुरा की अस्थायी जेल में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कथित सदस्यों से साढ़े 5 घंटे तक पूछताछ की थी. इन्हें पिछले दिनों हाथरस कांड के बाद वहां जाते हुए टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया था. ईडी की ये पूछताछ हाथरस कांड में विदेशों से फंडिंग की आशंका को देखते हुए हुई है. सूत्रों की मानें तो ईडी ने पीएफआई के इन सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की.





दिल्ली दंगों में भी मसूद की भूमिका की जानकारी मिली: ईडी सूत्र
ईडी सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मसूद ने संगठन के एकाउंट से रक़म हासिल की. नई दिल्ली में हुए दंगों में भी मसूद की भूमिका की जानकारी मिली है. मसूद मूल रूप से यूपी के बहराइच का रहने वाला है.

ईडी ने पीएफआई सदस्यों से वेबसाइट के जरिए हुई करोड़ों रुपए की फंडिंग के मामले में पूछताछ की और उसके बाद सभी लोगों के बयानों को क्रॉस चेक कर मिलान किया गया. बताया जा रहा है कि ईडी की टीम को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी हाथ लगी है, जिससे जांच आगे बढ़ेगी और कई नाम उजागर हो सकते हैं. गिरफ्तार लोगों में केरल के मलप्पुरम के सिद्दीकी कप्पन, मुजफ्फरनगर के अतीक-उर-रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलम हैं.
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