• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • विधवाओं से जुड़े बयान पर हेमा ने दी सफाई, नाराज एनजीओ करेंगे प्रदर्शन

विधवाओं से जुड़े बयान पर हेमा ने दी सफाई, नाराज एनजीओ करेंगे प्रदर्शन

भाजपा सांसद हेमा मालिनी वृंदावन की विधवाओं पर दिए अपने विवादित बयान से पलटती दिख रही हैं। बयान देने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। उन्होंने अपने बयान का मतलब सही तरीके से समझाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। मालूम हो कि सांसद हेमा मालिनी ने बीते दिन कहा था कि बंगाल और बिहार की विधवाओं को वहीं रहना चाहिए , वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। हेमा ने कहा था, 'वृंदावन की विधवाओं की अच्छी आय और बैंक बैलेंस होने के बावजूद वे आदतन भीख मांगती हैं। बंगाल, बिहार से विधवाओं को वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। वे अपने राज्य में ही रहें।'

भाजपा सांसद हेमा मालिनी वृंदावन की विधवाओं पर दिए अपने विवादित बयान से पलटती दिख रही हैं। बयान देने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। उन्होंने अपने बयान का मतलब सही तरीके से समझाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। मालूम हो कि सांसद हेमा मालिनी ने बीते दिन कहा था कि बंगाल और बिहार की विधवाओं को वहीं रहना चाहिए , वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। हेमा ने कहा था, 'वृंदावन की विधवाओं की अच्छी आय और बैंक बैलेंस होने के बावजूद वे आदतन भीख मांगती हैं। बंगाल, बिहार से विधवाओं को वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। वे अपने राज्य में ही रहें।'

भाजपा सांसद हेमा मालिनी वृंदावन की विधवाओं पर दिए अपने विवादित बयान से पलटती दिख रही हैं। बयान देने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। उन्होंने अपने बयान का मतलब सही तरीके से समझाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। मालूम हो कि सांसद हेमा मालिनी ने बीते दिन कहा था कि बंगाल और बिहार की विधवाओं को वहीं रहना चाहिए , वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। हेमा ने कहा था, 'वृंदावन की विधवाओं की अच्छी आय और बैंक बैलेंस होने के बावजूद वे आदतन भीख मांगती हैं। बंगाल, बिहार से विधवाओं को वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। वे अपने राज्य में ही रहें।'

  • Agencies
  • Last Updated :
  • Share this:
    भाजपा सांसद हेमा मालिनी वृंदावन की विधवाओं पर दिए अपने विवादित बयान से पलटती दिख रही हैं। बयान देने के बाद उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। उन्होंने अपने बयान का मतलब सही तरीके से समझाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। मालूम हो कि सांसद हेमा मालिनी ने बीते दिन कहा था कि बंगाल और बिहार की विधवाओं को वहीं रहना चाहिए , वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। हेमा ने कहा था, 'वृंदावन की विधवाओं की अच्छी आय और बैंक बैलेंस होने के बावजूद वे आदतन भीख मांगती हैं। बंगाल, बिहार से विधवाओं को वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढ़ानी चाहिए। वे अपने राज्य में ही रहें।'

    बयान पर अपनी ओर से सफाई देते हुए हेमा मालिनी ने ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि मैं केवल इतना कहना चाहती हूं कि बच्चों को अपनी मां को ऐसे घर से नहीं निकालना चाहिए बल्कि उनकी पूरी देखभाल करनी चाहिए। बच्चों में इसको लेकर सजगता नहीं है। 'पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा से ऐसी विधवाओं की संख्या अधिक है, जो घर से निकाली गई हैं। मेरी यहां के लोगों से प्रार्थना है कि वह विधवाओं के लिए और भी ज्यादा मानवीय रुख अपनाने के साथ-साथ उनका पूरा ख्याल भी रखें।'

    हेमा मालिनी के ट्वीट में कहा गया है कि, 'कृपया मुझे बताएं कि ऐसा कहकर मैंने क्या गलती की कि बच्चों को अपने कर्तव्य का ख्याल रखना चाहिए। अपनी विधवा मां को ट्रेन में सामान की तरह चढ़ाकर उन्हें भूल नहीं जाना चाहिए।' हालांकि हेमा मालिनी की इस सफाई के बाद भी उनकी मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। वृंदावन के कई एनजीओ की ओर से विधवाओं पर सांसद हेमा मालिनी के बयान को संवेदनहीन करार देते हुए कहा गया है कि वे इन विधवाओं पर आंच नहीं आने देंगे और उनके भीतर से डर की भावना भी निकालेंगे।


    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज