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जल्द ही ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे मिलेगा होटल-रेस्टोरेंट, दुकान खोलने का मौका

बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए कॉरिडोर तैयार होगा. साथ ही कॉरिडोर के किनारे-किनारे होटल-रेस्टोरेंट और दुकान भी बनेंगी.

बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए कॉरिडोर तैयार होगा. साथ ही कॉरिडोर के किनारे-किनारे होटल-रेस्टोरेंट और दुकान भी बनेंगी.

खास बात यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से मथुरा-वृंदावन (Mathura-Vrindavan) तक बनने वाले कॉरिडोर पर यमु ...अधिक पढ़ें

नोएडा. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से लेकर मथुरा-वृंदावन तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (Green Field Expressway) बनाने का रास्ता साफ हो गया है. पहले 16 किमी का ग्रीन एक्सप्रेसवे बनना था, लेकिन अब 7 किमी का बनेगा. बाकी के हिस्से पर ब्रज विकास परिषद फ्लाई ओवर बनाएगी. इस तरह से बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए कॉरिडोर तैयार होगा. साथ ही कॉरिडोर के किनारे-किनारे होटल-रेस्टोरेंट और दुकान भी बनेंगी. मंदिर से 500 मीटर पहले कॉरिडोर खत्म हो जाएगा. इसी के साथ नई हेरीटेज राया सिटी (Heritage Raya City) भी बसाई जाएगी. इसके चारों ओर भी एक कॉरिडोर बनाया जाएगा. जानकारों की मानें तो ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

यह है यमुना अथॉरिटी और ब्रज विकास परिषद का प्लान

जानकारों की मानें तो हाल ही में यमुना अथॉरिटी और ब्रज विकास परिषद की एक अहम बैठक हुई थी. बैठक के बाद इस योजना की प्रगति रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखी गई है. यह योजना खासतौर पर अथॉरिटी की है. अथॉरिटी ने ही कोल्डवैल बैंकर्स रिचर्ड एलिस (सीबीआरई) से राया हेरीटेज सिटी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है. डीपीआर में पहले 16 किमी का कॉरिडोर बनाने की बात सामने आई थी. लेकिन अब सिर्फ 7 किमी का बन रहा है. हेरीटेज सिटी के तहत ही कॉरिडोर के किनारे से होटल-रेस्टोरेंट और दुकान बनाई जाएंगी. यमुना अथॉरिटी सभी का आवंटन करेगी.

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वियतनाम-मलेशिया की भी झलक दिखेगी नई राया सिटी में

ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने वाली अमेरिकी कंपनी सीबीआरई ने डीपीआर का प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि नए शहर में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ब्रज की संस्कृति को दिखाया जाए जिससे मथुरा-वृंदावन आने वाले लोग यहां पर आकर रुक सकें. ड्राफ्ट रिपोर्ट बनाते समय कंपनी ने वियतनाम और मलेशिया के शहरों का अध्ययन भी किया. इस नए शहर में हेरिटेज सिटी को 9350 हेक्टेयर में बसाया जाएगा तो पहले चरण में 731 हेक्टेयर में टूरिज्म जोन और 110 हेक्टेयर में रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा.

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पहली बार कार-बाइक से देखने को मिलेंगे गोकुल-नंदगांव और बरसाना

जल्द ही यमुना एक्सप्रेसवे के पास वृंदावन हेरिटेज कॉरिडोर बसने जा रहा है. यमुना अथॉरिटी हेरिटेज कॉरिडोर को बसाने का काम करेगी. जीप में बैठकर कॉरिडोर में बसे गोकुल-नंदगांव और बरसाना को देखने का मौका मिलेगा. तीनों गांव में राधा-कृष्ण की लीलाएं दिखाई जाएंगी. जीप से तीनों गांवों में दिखाई जाने वालीं लीलाएं देखने का भी मौका मिलेगा.

गांवों की परिक्रमा के लिए पाथ वे बनेगा. गांव में पानी के कुंड भी बनाए जाएंगे. गांव में ही ऐसा भागवत कथा वाचनालय बनाया जाएगा जहां 24 घंटे होगी भागवत कथा सुनाई देगी. इतना ही नहीं यमुना नदी के किनारे रिवर फ्रंट भी तैयार किया जाएगा. यमुना अथॉरिटी की मंशा है कि कम से कम एक रात पर्यटक मथुरा-वृंदावन में जरूर रुके.

Tags: Mathura news, Vrindavan, Yamuna Authority, Yamuna Expressway

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