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Azadi Ka Amrit Mahotsav: मथुरा संग्रहालय में गांधी-नेहरू के अस्थि कलश के करें दर्शन, जानें कहानी   

Azadi Ka Amrit Mahotsav: मथुरा के राजकीय संग्रहालय में महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे महापुरुषों के अस्थि कलश मौजूद हैं. यही नहीं, इन अस्थि कलश के विशेष आयोजनों पर जनता को दर्शन कराए जाते हैं.

रिपोर्ट- चंदन सैनी

मथुरा. यूपी का मथुरा जिला भगवान श्री कृष्ण की भक्ति के साथ-साथ आजादी के महानायकों से जुड़ी यादों को भी संजोए हुए है. मथुरा के राजकीय संग्रहालय में महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के अस्थि कलश रखे हुए हैं. विशेष आयोजनों पर इन स्थित कलश को जनता के लिए सार्वजनिक किया जाता है. ऐसे में 15 अगस्त को जनता के लिए दोनों महापुरुषों के अस्थि कलश सार्वजनिक किए गए हैं.

राजकीय संग्रहालय के डायरेक्टर डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि 1948 में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. गांधी जी के स्वर्गवास के उपरांत जगह-जगह उनकी अस्थियां विसर्जित की थीं. इसी क्राम में अस्थियां मथुरा के विश्राम घाट पर भी विसर्जित की गईं. अस्थि विसर्जन के बाद कलश जिलाधिकारी आवास चला गया था. 1970 तक जिलाधिकारी आवास में ही अस्थि कलश रखा रहा था. 1970 में राजकीय संग्रहालय के तत्कालीन डायरेक्टर डॉ आर सी शर्मा हुआ करते थे, जिनके द्वारा 1970 में अस्थि कलश को राजकीय संग्रहालय लाया गया. सन 70 से लेकर आज तक महात्मा गांधी का अस्थि कलश मथुरा के राजकीय संग्रहल में सुरक्षित रखा हुआ है.जनता की मांग को देखते हुए गांधी जी के अस्थि कलश को 2 अक्टूबर और 15 अगस्त के दिन बाहर निकाला जाता है, ताकि लोग उनके अस्थि कलश के दर्शन कर सकें.

4 साल से निकाला जा रहा अस्थि कलश
संग्रहालय में बहुत ही प्राचीन काल की मूर्तियां हैं, सपूतों के अस्थि कलश रखे गए हैं. प्राचीन और दुर्लभ होने के कारण ज्यादा देर तक बाहर नहीं निकाला जा सकता है. यशवंत सिंह ने बताया कि जिले के राजकीय संग्रहालय में गांधी के अलावा लाल बहादुर शास्त्री,पंडित जवाहर लाल नेहरू के अस्थि कलश भी में गए हैं

आज होगा सार्वजनिक
यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन 27 मई 1964 को हुआ था. उनके निधन के बाद उनकी अस्थियां पावन नदियों में विसर्जित की गई थीं. 12 जून 1964 को उनकी अस्थियां मथुरा लाई गई थीं और विश्राम घाट पर उन अस्थियों को विसर्जित किया गया. इस पल के हजारों लोग साक्षी बने थे. अस्थि कलश को तब से लेकर आज तक महात्मा गांधी के अस्थि कलश के साथ रखा गया है. आज (15 अगस्त) के दिन सभी अस्थि कलश जनता के लिए सार्वजनिक किया जाएगा.

मथुरा का राजकीय संग्रहालय मथुरा जंक्शन से 4 किलोमीटर की दूरी पर डैंपियर नगर में मौजूद है. यहां देश विदेशों से पर्यटक घूमने आते हैं.

Government Museum Mathura

Tags: Azadi Ka Amrit Mahotsav, Mahatma gandhi, Pandit Jawaharlal Nehru

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