मथुरा: हाथरस मामले में गिरफ्तार PFI के संदिग्धों की जमानत याचिका खारिज

PFI के 4 कथित सदस्यों की मंदिर को पेशी हुई है. (फाइल)
PFI के 4 कथित सदस्यों की मंदिर को पेशी हुई है. (फाइल)

मथुरा (Mathura) में पेशी के दौरान विवेचक ने कहा कि अभी भी मामले में साक्ष्य इकट्ठा करने बाकी हैं, इसलिए रिमांड अवधि बढ़ा दी जाए. इसके अलावा तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है और सेशल कोर्ट में चली गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 5:18 PM IST
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मथुरा. हाथरस कांड (Hathras Case) के बाद वहां धार्मिक उन्माद फैलाने और माहौल खराब करने, विदेशी फंडिंग व राष्ट्रदोह जैसे संगीन आरोपों में गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कथित सदस्यों की आज मथुरा कोर्ट में ऑनलाइन पेशी हुई. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के दौरान तीनों आरोपियों ने जमानत की अर्जी लगाई थी. कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी है. मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर नियत की गई है.

जानकारी के अनुसार पेशी के दौरान विवेचक ने कहा कि अभी भी मामले में साक्ष्य इकट्ठा करने बाकी हैं, इसलिए रिमांड अवधि बढ़ा दी जाए. इसके अलावा तीनों आरोपियों  की जमानत याचिका खारिज हो गई है और सेशल कोर्ट में चली गई है.

बता दें इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पिछले बुधवार को मथुरा की अस्थायी जेल में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कथित सदस्यों से साढ़े 5 घंटे तक पूछताछ की थी. इन्हें पिछले दिनों हाथरस कांड के बाद वहां जाते हुए टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया था. ईडी की ये पूछताछ हाथरस कांड में विदेशों से फंडिंग की आशंका को देखते हुए हुई है. सूत्रों की मानें तो ईडी ने पीएफआई के इन सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की.



दिल्ली दंगों में भी मसूद की भूमिका की जानकारी मिली: ईडी सूत्र
ईडी सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मसूद ने संगठन के एकाउंट से रक़म हासिल की. नई दिल्ली में हुए दंगों में भी मसूद की भूमिका की जानकारी मिली है. मसूद मूल रूप से यूपी के बहराइच का रहने वाला है.

ईडी ने पीएफआई सदस्यों से वेबसाइट के जरिए हुई करोड़ों रुपए की फंडिंग के मामले में पूछताछ की और उसके बाद सभी लोगों के बयानों को क्रॉस चेक कर मिलान किया गया. बताया जा रहा है कि ईडी की टीम को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी हाथ लगी है, जिससे जांच आगे बढ़ेगी और कई नाम उजागर हो सकते हैं. गिरफ्तार लोगों में केरल के मलप्पुरम के सिद्दीकी कप्पन, मुजफ्फरनगर के अतीक-उर-रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलम हैं.

यमुना एक्सप्रेसवे से गिरफ्तार

करीब 5 घंटे तक चली पूछताछ में ईडी अधिकारी मीडिया से बचते नजर आए. मीडिया द्वारा ईडी के अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी तो उन्होंने सिर्फ जांच की बात कहकर सवालों को टाल दिया. अब देखना होगा कि जांच का दायरा कितना और बढ़ता है? साथ ही इसमें किन-किन लोगों के नाम सामने आते हैं. आपको बता दें कि हाथरस जाते समय यमुना एक्सप्रेसवे से मांट थाना पुलिस ने पीएफआई के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद हुई थीं.
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