श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर से ईदगाह हटाने की याचिका पर कोर्ट सुनवाई करेगा या नहीं? अब 30 सितंबर को होगा तय

श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर से ईदगाह हटाने की याचिका पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई टाल दी. (फाइल फोटो)
श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर से ईदगाह हटाने की याचिका पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई टाल दी. (फाइल फोटो)

Mathura Shri Krishna Janmsthan and Eidgah Masjid Dispute: याचिका में श्री कृष्ण जन्मभूमि के 13.37 एकड़ के स्वामित्व और शाही ईदगाह के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 1:14 PM IST
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मथुरा. मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान (Shri Krishna Janmsthan) परिसर स्थित शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Masjid) के कब्जे से 13.37 एकड़ जमीन को श्रीकृष्ण विराजमान को सौंपने के लिए दायर वाद सोमवार को मथुरा के सिविल कोर्ट में लिस्‍टेड हुआ. कोर्ट को यह तय करना था कि इस याचिका को स्‍वीकार किया जाए या नहीं, लेकिन सुनवाई को 30 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया. बता दें याचिका में श्री कृष्ण जन्मभूमि के 13.37 एकड़ के स्वामित्व और शाही ईदगाह के निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन इससे पहले हिंदूवादी संगठन व साधु-संतों ने भी अब इस मामले को वृहद आंदोलन में तब्दील करने व मथुरा के साथ काशी को भी मालिकाना हक देने की मांग कर दी है. इस संबंध में काशी विद्वत परिषद के पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी कार्ष्णि नागेंद्र महाराज के यहां एक बैठक सम्पन्न हुई. जिसमें महामंडलेशर व धर्म गुरुओं ने भाग लिया और सभी ने एक मत से सामाजिक सहमति व राम जन्मभूमि आंदोलन को आधार मानते हुए मामले का पटाक्षेप करने और इस मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाने की मांग की.

नागेंद्र महाराज ने कहा कि अयोध्या तो झांकी थी मथुरा काशी बाकी है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में बहुत बड़ा विवाद था, लेकिन मथुरा और काशी में कोई बड़ा विवाद नहीं है. जिस तरह से अयोध्या में न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है, उसी आधार पर सहमति बन जानी चाहिए. उधर, महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज ने तो साफ कहा कि मुस्लिम भाइयों को बड़ा दिल दिखाते हुए खुद ही पहल करनी चाहिए और मस्जिद का कब्जा मंदिर को दे देना चाहिए. उनका यह काम विश्व में उनको सर्वोपरि बनाएगा. नवल गिरी ने योगी-मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से राम मंदिर का निर्णय मोदी और योगी के कार्यकाल में आया है, उसी प्रकार काशी व मथुरा को भी जल्द उनका मालिकाना हक मिलेगा.

जल्द हो निर्णय
धर्मगुरु रसिया महाराज ने कहा कि यह तो अब ज्ञात हुआ है कि मालिकाना हक के लिए एक वाद दायर हुआ है, लेकिन यह तो सर्वज्ञात है कि भारत में धार्मिक स्थलों पर विदेशी आक्रांताओं ने हमला किया और उनको क्षतिग्रस्त किया. हिन्दू भावनाओं और आस्थाओं पर आघात व कुठाराघात किया जो आज भी सनातनियों के दिल मे टीस बनी हुई है. अब जो भी निर्णय चाहे वह न्यायालय या सर्वसम्मति से हो जल्द बस जल्द हो जाए.
बड़ा दिल दिखाएं मुस्लिम भाई


प्रख्यात भागवताचार्य कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि आज भले ही मुस्लिम भाई मस्जिद की बात करते हों, लेकिन अगर इतिहास में जाएं तो मुस्लिम भाई हिन्दू ही निकलेंगे और उन्हें बड़ा दिल दिखाते हुए खुद ही यह हक छोड़ देना चाहिए. बिहारी जी मंदिर के सेवायत गोस्वामी आनंद बल्लभ ने कहा कि सनातन धर्म के तीन मूल आधार हैं. भगवान राम, कृष्ण व शिव. जिस तरह से राम मंदिर पर सत्य की जीत हुई है उसी तरह से जल्द से जल्द इस पर भी बात बन जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि चाहे न्यायालय, राजसत्ता या फिर संसद हो, इनको हस्तक्षेप कर जल्द मामले का निपटारा करना चाहिए.
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