मथुरा: 23 साल बाद तिहरे हत्याकांड में आया फैसला, 6 दोषियों को उम्रकैद

मथुरा तिहरे हत्याकांड में 23 साल बाद सजा सुना दी गई है. (वीडियो ग्रैब)
मथुरा तिहरे हत्याकांड में 23 साल बाद सजा सुना दी गई है. (वीडियो ग्रैब)

मथुरा (Mathura): 5 मई 1997 को गुहारी गांव की इस घटना ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था. घटना में तत्कालीन प्रधान सुखीचन्द, बलिकराम और खचेरा की मौत हो गई थी. मृतक सुखीचन्द योगी सरकार में मौजूद मंत्री मंत्री लक्ष्मीनारायण के रिश्तेदार थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 5:32 PM IST
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मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) में 5 मई 1997 को छाता के गांव गुहारी में हुए तिहरे हत्याकांड (Triple Murder Case) में कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुना दिया. कोर्ट ने मामले में 6 लोगों को आजीवन कारावास (Life Imprsonment) की सजा सुनाई है. बता दें 23 साल चले इस केस में कुल 11 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें से एक जुवेनाइल कोर्ट से बरी हो गया था, जबकि 3 अन्य की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. वहीं मामले में एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है.

5 मई 1997 को गुहारी गांव की इस घटना ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था. घटना में तत्कालीन प्रधान सुखीचन्द, बलिकराम और खचेरा की मौत हो गई थी. मृतक सुखीचन्द योगी सरकार में मौजूद मंत्री मंत्री लक्ष्मीनारायण के रिश्तेदार थे. घटना जमीनी विवाद को लेकर हुई. इसमें दोनों ओर से फायरिंग और पथराव हुआ था. लंबी सुनवाई के बाद एडीजे-8 की अदालत संजय कुमार यादव ने सजा सुनाई.





हाईकोर्ट ने केस जल्द निपटाने का दिया था आदेश
मामले में वादी पक्ष के वकील नंदकिशोर उपमन्यु ने कहा कि 1997 का ये केस था, जिसमें हाईकोर्ट ने नियत समय में फैसला करने का निर्देश दिया था. जमीन के पट्टों को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें हत्याएं हुई थीं. इस घटना में तीन की मौत हुई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे. इस मामले में एक क्रॉस केस भी है, लेकिन उसमें अभी फैसला नहीं आया है. घटना में सुखीचंद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बलिकराम और खचेरा की मौत हुई थी.
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