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Mathura: भूतेश्वर महादेव को क्यों कहा जाता है शहर का कोतवाल? यहां दर्शन करने से मिलता है केदारनाथ जैसा फल

Mathura News: मथुरा के भूतेश्वर महादेव को लेकर कई तरह की पौराणिक मान्यताएं हैं. मान्यता है कि मथुरा स्थित शिव मन्दिर कृष्ण कालीन है. मंदिर में समय-समय पर भगवान शंकर ने विभिन्न रूप धारण कर अपने प्रिय आराध्य श्री कृष्ण की लीलाओं का दिव्यदर्शन किया था.

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रिपोर्ट- चंदन सैनी

मथुरा: सावन में पूरा भरत भगवामय हो गया है, हर तरफ हर-हर महादेव और शिव शंभू का नारा गूंज रहा है. ऐसे में कान्हा की नगरी मथुरा भी शिवमयी हो गई है. दरअसल मथुरा के भूतेश्वर महादेव को लेकर कई तरह की पौराणिक मान्यताएं हैं. मान्यता है कि मथुरा स्थित शिव मन्दिर कृष्ण कालीन है. मंदिर में समय-समय पर भगवान शंकर ने विभिन्न रूप धारण कर अपने प्रिय आराध्य श्री कृष्ण की लीलाओं का दिव्यदर्शन किया था.

श्रीकृष्ण की लीला स्थली में हर-हर महादेव की गूंज
सावन में भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली मथुरा भी भोलनाथ के जयकारों से गूंज रही है.जिले के सभी मंदिरों में शिव भक्त भगवान शिव और माता पार्वती को बेल पत्र और दूध से स्नान करा रहे हैं. पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव का यह विग्रह स्वयं प्राकट्य है. मधु ने तपस्या कर इनको प्रकट किया था. दैत्यों कासंहार करने की वजह से इनका नाम भूतेश्वर महादेव पड़ा. द्वापर में भगवान कृष्ण की पूजा करने और भगवान शिव द्वारा ब्रज वासियों की रक्षा के लिए यहां विराजमान होने के कारण भोलनाथ का नाम शहर कोतवाल पड़ गया. शास्त्रों में भगवान भूतेश्वर का उल्लेख केदारनाथ की उपलिंग के रूप में मिलता है.इसलिए जो भी भगवान भूतेश्वर महादेव के दर्शन करता है. उसे केदारनाथ के दर्शनों का फल मिलता है.

जानिए क्या मिला था पृथ्वी वासियों को वरदान
भगवान शिव ने समस्त पृथ्वी वासियों को यह वरदान दिया था कि सावन में शिव रात्रि के दिन जो भी व्यक्ति उनकी पूजा-अर्चना करेगा उसे मनवांचित फल मिलेगा.सावन में सुहागनों द्वारा भगवान शिव की पूजा करने से सुहाग सलामत रहता है. कुंवारी कन्याओं के पूजा करने से अच्छा और मनचाहा वर मिलता है.उसके अतिरिक्त जो भी सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है उसके यश, व्यापार मे उन्नति होती है और घर में सुख शांति बनी रहती है.

घंटे-घड़ियालों के साथ होती है आरती
भूतेश्वर महादेव मंदिर में घंटे घड़ियालों के साथ-साथ आरती होती है. यहां आरती के समय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ रहती है. घंटी-घड़ियालों के साथ श्रद्धालु ताली बजाकर भगवान शिव की आरती करते हैं. भूतेश्वर महादेव मंदिर मथुरा रेलवे जंक्शन से 2 किलोमीटर की दूरी पर शहर के बीचोबीच स्थित है.

Tags: Mathura news

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