सीटों के बंटवारे को लेकर नहीं हुई सपा-बसपा से कोई बातचीत: RLD प्रमुख अजीत सिंह

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गठबंधन में रालोद को दो ही सीटें मिलती दिख रही हैं. जिसके बाद रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मिल भी चुके हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 11, 2019, 1:03 PM IST
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यूपी में सपा- बसपा गठबंधन अब तय हो गया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, अभी सीटों के बंटवारे को लेकर सपा-बसपा के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है'. उन्होंने कहा कि सीटों की बात गठबंधन के साथी से करेंगे. चौधरी अजीत सिंह ने कहा कि हमारी अखिलेश यादव से बात हुई थी और महागठबंधन में हमे शामिल होने की जानकारी मुझे मिली थी. उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है कब कौन सी प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है.

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गठबंधन को लेकर चौधरी अजीत सिंह ने बताया कि उनकी बीएसपी के महासचिव सतीश चंद मिश्रा से बातचीत में किसी भी दल को शामिल करने और न करने पर चर्चा हुई थी. वहीं कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा होगी या नहीं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यूपी में दो बड़े दल सपा- बसपा है वहीं तय करेंगे. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गठबंधन में रालोद को दो ही सीटें मिलती दिख रही हैं. जिसके बाद रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मिल भी चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक जयंत चौधरी ने गठबंधन में रालोद के लिए कम से कम पांच सीटें मांगी हैं.

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दरअसल इस दबाव के पीछे रालोद का जाट वोट बैंक है जो 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों पर उलटफेर करने में सक्षम है. हालांकि 2014 में रालोद को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी. जिसके बाद माना जा रहा था कि पिता चौधरी चरण सिंह ने जाट मतदाताओं पर जो अपनी पकड़ बनाई थी, वह खत्म हो रही है. जिसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में इस बात पर मुहर लगी जब रालोद को एक बार फिर जाटलैंड में ही शिकस्त का मुंह देखना पड़ा.

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लेकिन कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा के समर्थन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन की जीत से पार्टी को संजीवनी मिली. जिसके बाद कहा जाने लगा है कि बीजेपी से नाराज जाट एक बार फिर चौधरी अजीत सिंह की तरफ लौट रहा है.
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(रिपोर्ट- नितिन गौतम)

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